{"_id":"6a62849038eb23ace00be45b","slug":"chief-minister-speaks-at-the-inauguration-of-the-seven-day-shri-ram-katha-at-gorakhnath-temple-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1395741-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम और श्रीमद्भागवत कथा से मिलती है ज्ञान और भक्ति : सीएम योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम और श्रीमद्भागवत कथा से मिलती है ज्ञान और भक्ति : सीएम योगी
Fri, 24 Jul 2026 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ज्ञान और भक्ति हमें राम कथा और श्रीमद्भागवत कथा जैसी पावन कथाओं के माध्यम से प्राप्त होती है। जीवन में भक्ति के बिना अंधकार, अराजकता व अज्ञानता होती है। जीवन सुगमता को जानने के लिए हमें ज्ञान और भक्ति का अनुगामी बनना पड़ेगा।
सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार से आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद उन्होंने कहा कि जीवन में जहां भक्ति नहीं है वहां अंधकार ही अंधकार है। भक्ति के बिना जीवन में अराजकता ही अराजकता और अज्ञानता ही अज्ञानता है।
गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जो हर भारतीय के मन और अंतःकरण में पूरी श्रद्धा एवं पूरी भक्ति से जुड़ा है। हम देश के अंदर हम कहीं भी जाते हैं, अभिवादन का एक ही स्वर होता है-जय श्रीराम। उन्होंने कहा कि जय श्रीराम या राम राम जी का यह संबोधन हमारे सनातन संस्कार का संबोधन है।
विज्ञापन
सीएम ने कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में जब मर्यादा की बात होती है तो सभी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और अयोध्या की ओर देखते हैं। जीवन के रहस्यों को समझने के लिए व्यक्ति अविनाशी काशी को देखता है। जीवन में भक्ति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए लोग मथुरा-वृंदावन को देखते हैं। समरसता क्या होनी चाहिए, इसके दर्शन प्रयागराज में होते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया चाहें जितना दुष्प्रचार कर ले, सनातन मूल्यों को जानने का अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही प्राप्त होता है। इसके बाद सीएम ने बैठकर कथा का रसपान किया।
इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, हनुमानगढ़ी अयोध्या सं आए महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान व प्रदीप शुक्ल आदि मौजूद रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली पोथी शोभायात्रा
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक बैंडबाजे, शंख ध्वनि की गूंज और 151 वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर व यजमानगण ने व्यासपीठ की पूजा की।
विज्ञापन
सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में बृहस्पतिवार से आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद उन्होंने कहा कि जीवन में जहां भक्ति नहीं है वहां अंधकार ही अंधकार है। भक्ति के बिना जीवन में अराजकता ही अराजकता और अज्ञानता ही अज्ञानता है।
विज्ञापन
गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जो हर भारतीय के मन और अंतःकरण में पूरी श्रद्धा एवं पूरी भक्ति से जुड़ा है। हम देश के अंदर हम कहीं भी जाते हैं, अभिवादन का एक ही स्वर होता है-जय श्रीराम। उन्होंने कहा कि जय श्रीराम या राम राम जी का यह संबोधन हमारे सनातन संस्कार का संबोधन है।
विज्ञापन
सीएम ने कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में जब मर्यादा की बात होती है तो सभी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और अयोध्या की ओर देखते हैं। जीवन के रहस्यों को समझने के लिए व्यक्ति अविनाशी काशी को देखता है। जीवन में भक्ति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए लोग मथुरा-वृंदावन को देखते हैं। समरसता क्या होनी चाहिए, इसके दर्शन प्रयागराज में होते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया चाहें जितना दुष्प्रचार कर ले, सनातन मूल्यों को जानने का अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही प्राप्त होता है। इसके बाद सीएम ने बैठकर कथा का रसपान किया।
इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, हनुमानगढ़ी अयोध्या सं आए महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान व प्रदीप शुक्ल आदि मौजूद रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली पोथी शोभायात्रा
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक बैंडबाजे, शंख ध्वनि की गूंज और 151 वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर व यजमानगण ने व्यासपीठ की पूजा की।