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Gorakhpur News: विकास, तरक्की और खुशहाली का मार्ग तय करेगा सिक्सलेन फ्लाईओवर
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गोरखपुर। एक दशक पहले तक बाढ़, बीमारी, हिचकोले वाली सड़कों की पहचान वाली गोरक्षनगरी अब इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास के राष्ट्रीय मानचित्र पर चमकने लगी है। उपेक्षा का दंश और पिछड़ेपन का दाग धुला है और पूर्वांचल में मॉडल बनकर तस्वीर सामने आई है। विकास के पथ पर तेजी से बढ़े रहे इस शहर को सिक्सलेन फ्लाईओवर की सौगात मिलने से एक और आयाम जुड़ गया है जो विकास, तरक्की और खुशहाली का मार्ग तय करेगा।
पैड़लेगंज से टीपीनगर तक जाने में रुस्तमपुर, फलमंडी और महेवा चौक पर लंबा जाम लगता है। करीब ढाई किमी की दूरी तय करने में आधे से एक घंटे तक लग जाते हैं, पर सिक्सलेन फ्लाईओवर से होकर तीन से पांच मिनट में पहुंच जाएंगे। सिक्सलेन फ्लाईओवर सिर्फ जाम से मुक्ति नहीं दिलाएगा बल्कि विकास की रफ्तार को अर्थव्यवस्था की पटरी पर और तेज करेगा। यह केवल एक यातायात परियोजना नहीं, बल्कि पूर्वांचल की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का नया अध्याय है। लगभग 429 करोड़ रुपये की इस परियोजना से आवागमन तेज, सुरक्षित और सुगम होगा, जिससे परिवहन लागत एवं समय में कमी आएगी। व्यापार, उद्योग तथा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ सहायक आचार्य डॉ. राजू कुमार गुप्ता बताते है, इस परियोजना को अगर औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और सुव्यवस्थित शहरी नियोजन से जोड़ा जाए, तो गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक, औद्योगिक और लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में उभरकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश आकर्षित होगा। नए व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थापित होंगे तथा एमएसएमई, परिवहन, वेयरहाउसिंग, पर्यटन, होटल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। विभिन्न आर्थिक अध्ययनों के अनुसार, इस स्तर की अवसंरचना परियोजनाएं निर्माण एवं संचालन चरण में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित करने की क्षमता रखती हैं।
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रोड कनेक्टिविटी के साथ ही महिला सशक्तिकरण भी
गोरखपुर। विकास परियोजनाओं की सौगात मिलने से रोड कनेक्टिविटी के साथ ही महिला सशक्तिकरण भी देखने को मिला है। सीएम योगी ने कामकाजी महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए श्रमीजीवी महिला छात्रावास का शिलान्यास किया। साथ ही राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण का पथ भी प्रशस्त किया। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जुड़े मॉडर्न साइंस लैब स्थापित किए जाएंगे।
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पैड़लेगंज से टीपीनगर तक जाने में रुस्तमपुर, फलमंडी और महेवा चौक पर लंबा जाम लगता है। करीब ढाई किमी की दूरी तय करने में आधे से एक घंटे तक लग जाते हैं, पर सिक्सलेन फ्लाईओवर से होकर तीन से पांच मिनट में पहुंच जाएंगे। सिक्सलेन फ्लाईओवर सिर्फ जाम से मुक्ति नहीं दिलाएगा बल्कि विकास की रफ्तार को अर्थव्यवस्था की पटरी पर और तेज करेगा। यह केवल एक यातायात परियोजना नहीं, बल्कि पूर्वांचल की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का नया अध्याय है। लगभग 429 करोड़ रुपये की इस परियोजना से आवागमन तेज, सुरक्षित और सुगम होगा, जिससे परिवहन लागत एवं समय में कमी आएगी। व्यापार, उद्योग तथा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
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दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ सहायक आचार्य डॉ. राजू कुमार गुप्ता बताते है, इस परियोजना को अगर औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और सुव्यवस्थित शहरी नियोजन से जोड़ा जाए, तो गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक, औद्योगिक और लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में उभरकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश आकर्षित होगा। नए व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थापित होंगे तथा एमएसएमई, परिवहन, वेयरहाउसिंग, पर्यटन, होटल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। विभिन्न आर्थिक अध्ययनों के अनुसार, इस स्तर की अवसंरचना परियोजनाएं निर्माण एवं संचालन चरण में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित करने की क्षमता रखती हैं।
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रोड कनेक्टिविटी के साथ ही महिला सशक्तिकरण भी
गोरखपुर। विकास परियोजनाओं की सौगात मिलने से रोड कनेक्टिविटी के साथ ही महिला सशक्तिकरण भी देखने को मिला है। सीएम योगी ने कामकाजी महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए श्रमीजीवी महिला छात्रावास का शिलान्यास किया। साथ ही राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण का पथ भी प्रशस्त किया। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जुड़े मॉडर्न साइंस लैब स्थापित किए जाएंगे।