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Gorakhpur News: बुखार-जुकाम के साथ ब्रोंकियोलाइटिस के मिल रहे लक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:23 AM IST
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गोरखपुर। मौसम में बदलाव के साथ ही इन दिनों छोटे बच्चे और बुजुर्ग वायरल निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। कई मरीजों में ब्रोंकियोलाइटिस के भी लक्षण भी मिल रहे हैं। सामान्य बुखार-जुकाम से शुरू हुई बीमारी दो दिन में ही गंभीर हो जा रही है।
एम्स और जिला अस्पताल ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी इस तरह के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ब्रोंकियोलाइटिस के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। जो पहले से निमोनिया या अस्थमा के मरीज हैं, उनको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। ये मरीज अचानक गंभीर हो जा रहे हैं। इससे सबसे अधिक प्रभावित बुजुर्ग और बच्चे हो रहे हैं।
यह मौसम अस्थमा के मरीजों के लिए दुश्वारी भरा होता है। इन मरीजों में अक्सर मौसम के बदलाव के साथ अस्थमा या दमा की समस्या बढ़ जाती है। जरा सा भी संक्रमण होने पर ये मरीज गंभीर हो जाते हैं और उनकों अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ जाती है।
एम्स के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेयंश बताते हैं कि इन दिनों अपने क्षेत्र में ब्रोंकियोलाइटिस के मामले भी आ रहे हैं। यह एक प्रकार का श्वसन तंत्र का रोग है, जिसमें फेफड़ों के छोटे वायुमार्गों (ब्रांकियोल्स) में सूजन हो जाता है। इसमें अक्सर मरीजों की सांस फूलने लगती है। हालांकि उपचार और बचाव से इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
अचानक कम हो रहा ऑक्सीजन लेवल
वायरल निमोनिया के लक्षण आमतौर पर एक सप्ताह में दिखाई देते हैं। इसकी चपेट में आने वालों को बुखार, खांसी के साथ सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, जकड़न, थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द के लक्षण आ रहे हैं। श्वांस नली व फेफड़े में संक्रमण के चलते सांस लेने में दिक्कत बढ़ने पर मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है।
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एम्स और जिला अस्पताल ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी इस तरह के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ब्रोंकियोलाइटिस के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। जो पहले से निमोनिया या अस्थमा के मरीज हैं, उनको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। ये मरीज अचानक गंभीर हो जा रहे हैं। इससे सबसे अधिक प्रभावित बुजुर्ग और बच्चे हो रहे हैं।
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यह मौसम अस्थमा के मरीजों के लिए दुश्वारी भरा होता है। इन मरीजों में अक्सर मौसम के बदलाव के साथ अस्थमा या दमा की समस्या बढ़ जाती है। जरा सा भी संक्रमण होने पर ये मरीज गंभीर हो जाते हैं और उनकों अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ जाती है।
एम्स के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेयंश बताते हैं कि इन दिनों अपने क्षेत्र में ब्रोंकियोलाइटिस के मामले भी आ रहे हैं। यह एक प्रकार का श्वसन तंत्र का रोग है, जिसमें फेफड़ों के छोटे वायुमार्गों (ब्रांकियोल्स) में सूजन हो जाता है। इसमें अक्सर मरीजों की सांस फूलने लगती है। हालांकि उपचार और बचाव से इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
अचानक कम हो रहा ऑक्सीजन लेवल
वायरल निमोनिया के लक्षण आमतौर पर एक सप्ताह में दिखाई देते हैं। इसकी चपेट में आने वालों को बुखार, खांसी के साथ सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, जकड़न, थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द के लक्षण आ रहे हैं। श्वांस नली व फेफड़े में संक्रमण के चलते सांस लेने में दिक्कत बढ़ने पर मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है।