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Gorakhpur News: हर सप्ताह मूट कोर्ट कराएं, विद्यार्थियों को मिले व्यावहारिक प्रशिक्षण
Thu, 29 Oct 2026 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 29 Oct 2026 03:00 AM IST
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वंचितों को निशुल्क विधिक सहायता देने के लिए भी तैयार करें विद्यार्थी
ई-लाइब्रेरी और शोध परियोजनाओं पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने विधि संकाय में हर सप्ताह मूट कोर्ट या अन्य विधिक गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विधि के विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ न्यायिक प्रक्रिया, तर्क-वितर्क और विधिक मामलों के समाधान का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाए।
बुधवार को विधि संकाय के निरीक्षण के दौरान कुलपति ने विद्यार्थियों को वंचित और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क विधिक सहायता देने के लिए तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रार्थना-पत्र और अन्य विधिक दस्तावेज तैयार करने से लेकर न्यायालय में सहायता देने तक की प्रक्रिया से परिचित कराया जाए।
इस दौरान शिक्षकों ने कुलपति के समक्ष शैक्षणिक और शोध गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। कार्यवाहक विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. अहमद नसीम ने विभागीय प्रस्तुति दी। इसके बाद सहायक आचार्यों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। कुलपति ने विभाग में इंटरनेट सुविधा बेहतर करने और ई-लाइब्रेरी के लिए आवश्यक सदस्यता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से शोध परियोजनाएं तैयार करने, बाहरी वित्तपोषण के अवसर तलाशने और गुणवत्तापूर्ण शोध लेखन को बढ़ावा देने को कहा।
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उन्होंने विभागीय पुस्तकालय में पुस्तकों के सुव्यवस्थित रखरखाव और डिजिटलीकरण के संबंध में सुझाव भी दिए। कुलपति ने शिक्षकों से शोध, नवाचार और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विधि संकाय को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
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ई-लाइब्रेरी और शोध परियोजनाओं पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने विधि संकाय में हर सप्ताह मूट कोर्ट या अन्य विधिक गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विधि के विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ न्यायिक प्रक्रिया, तर्क-वितर्क और विधिक मामलों के समाधान का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाए।
बुधवार को विधि संकाय के निरीक्षण के दौरान कुलपति ने विद्यार्थियों को वंचित और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क विधिक सहायता देने के लिए तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रार्थना-पत्र और अन्य विधिक दस्तावेज तैयार करने से लेकर न्यायालय में सहायता देने तक की प्रक्रिया से परिचित कराया जाए।
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इस दौरान शिक्षकों ने कुलपति के समक्ष शैक्षणिक और शोध गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। कार्यवाहक विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. अहमद नसीम ने विभागीय प्रस्तुति दी। इसके बाद सहायक आचार्यों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। कुलपति ने विभाग में इंटरनेट सुविधा बेहतर करने और ई-लाइब्रेरी के लिए आवश्यक सदस्यता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से शोध परियोजनाएं तैयार करने, बाहरी वित्तपोषण के अवसर तलाशने और गुणवत्तापूर्ण शोध लेखन को बढ़ावा देने को कहा।
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उन्होंने विभागीय पुस्तकालय में पुस्तकों के सुव्यवस्थित रखरखाव और डिजिटलीकरण के संबंध में सुझाव भी दिए। कुलपति ने शिक्षकों से शोध, नवाचार और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विधि संकाय को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।