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Gorakhpur News: आयुष विश्वविद्यालय तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
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भटहट-बांसस्थान फोरलेन लगभग तैयार। स्रोत : सोशल मीडिया
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-भटहट-बांसस्थान फोरलेन पर जल्द वाहन भरेंगे फर्राटा, करीब 12 किमी लंबे फोरलेन मार्ग का कार्य अंतिम चरण में
- 689.35 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 95 प्रतिशत काम पूरा, मार्च में लोकार्पण की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आयुष विश्वविद्यालय तक रोड कनेक्टिविटी जल्द बेहतर हो जाएगी। भटहट से बांसस्थान तक 11.60 किमी की लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है। मार्च में इसके लोकार्पण की तैयारी है। इसके बाद विश्वविद्यालय आने-जाने के लिए लोगों को फोरलेन सड़क की सुविधा मिल जाएगी। चिकित्सा सेवा के लिए सुगम आवागमन से आयुष चिकित्सा का क्रेज और भी बढ़ेगा।
प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण भटहट के पिपरी में कराया गया है। इस विश्वविद्यालय का विजन तय करने के साथ ही सीएम ने यहां तक पहुंच आसान बनाने के लिए रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की मंशा जताई थी। इसके अनुरूप ही कार्य कराया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय के क्रियाशील होने के बाद बिना साइड इफेक्ट वाली आयुष चिकित्सा के प्रति आमजन का रुझान बढ़ रहा है।
कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड-तीन से मिली जानकारी के अनुसार, 689.35 करोड़ रुपये की इस फोरलेन सड़क परियोजना पर 24 मार्च 2023 को कार्य शुरू हुआ। अब तक की भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत से अधिक है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मार्च के अंत तक सभी कार्य पूर्ण करते हुए इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है।
कमिश्नर अनिल ढींगरा का कहना है कि फोरलेन के रूप में सड़क बेहतर होने से इस क्षेत्र में आयुष चिकित्सा का क्रेज बढ़ेगा। न केवल स्थानीय लोग बल्कि बिहार और नेपाल से आने वाले मरीज भी आयुर्वेद और योग चिकित्सा के लिए आसानी से आयुष विश्वविद्यालय पहुंच सकेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आयुष विश्वविद्यालय तक रोड कनेक्टिविटी जल्द बेहतर हो जाएगी। भटहट से बांसस्थान तक 11.60 किमी की लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है। मार्च में इसके लोकार्पण की तैयारी है। इसके बाद विश्वविद्यालय आने-जाने के लिए लोगों को फोरलेन सड़क की सुविधा मिल जाएगी। चिकित्सा सेवा के लिए सुगम आवागमन से आयुष चिकित्सा का क्रेज और भी बढ़ेगा।
प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण भटहट के पिपरी में कराया गया है। इस विश्वविद्यालय का विजन तय करने के साथ ही सीएम ने यहां तक पहुंच आसान बनाने के लिए रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की मंशा जताई थी। इसके अनुरूप ही कार्य कराया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय के क्रियाशील होने के बाद बिना साइड इफेक्ट वाली आयुष चिकित्सा के प्रति आमजन का रुझान बढ़ रहा है।
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कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड-तीन से मिली जानकारी के अनुसार, 689.35 करोड़ रुपये की इस फोरलेन सड़क परियोजना पर 24 मार्च 2023 को कार्य शुरू हुआ। अब तक की भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत से अधिक है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मार्च के अंत तक सभी कार्य पूर्ण करते हुए इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है।
कमिश्नर अनिल ढींगरा का कहना है कि फोरलेन के रूप में सड़क बेहतर होने से इस क्षेत्र में आयुष चिकित्सा का क्रेज बढ़ेगा। न केवल स्थानीय लोग बल्कि बिहार और नेपाल से आने वाले मरीज भी आयुर्वेद और योग चिकित्सा के लिए आसानी से आयुष विश्वविद्यालय पहुंच सकेंगे।
