{"_id":"697bbd0471882c848d0c7843","slug":"demand-to-lift-ban-on-sale-and-purchase-of-land-gorakhpur-news-c-7-gkp1052-1212712-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: जमीनों के क्रय-विक्रय पर लगी रोक हटाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: जमीनों के क्रय-विक्रय पर लगी रोक हटाने की मांग
विज्ञापन
गीडा कार्यालय में प्रदर्शन करते किसानों का प्रतिनिधिमंडल। स्रोत-किसान
विज्ञापन
- गीडा सीईओ से मिला छह गांवों के किसानों का प्रतिनिधिमंडल, सौंपा ज्ञापन
- मकान निर्माण के लिए एनओसी, अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचना को निरस्त करने की मांग भी शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
गीडा। गीडा क्षेत्र के नगवां, रावतपार, ककना, चकफत्ता, बड़गहन, रावतपार उर्फ सरैया गांव के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल चार सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की सीईओ से मिला और पत्र सौंपा। सीईओ अनुज मलिक ने मांगों के निस्तारण का आश्वासन दिया।
किसान रामनगीना साहनी, उमेश यादव, चंद्रभान सिंह, बलवीर सिंह, मोहन गुप्ता, बिंद्रा गुप्ता, रणजीत सिंह, सुनील यादव ने कहा कि गीडा प्रशासन की ओर से लगभग दो वर्ष पहले ही जमीनों के क्रय विक्रय, धारा 80 और आवासीय निर्माण के लिए एनओसी आदि पर रोक लगाया गया है। इसके लगने के बाद किसान शादी-विवाह, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई सहित गंभीर बीमारियों के इलाज में खर्च के लिए अपनी जमीनों को बेचने में असमर्थ हैं।
किसानों ने कहा कि इन्हीं सब प्रतिबंधों को हटवाने के लिए बीते वर्ष 15 दिसंबर को गीडा सीईओ से मिलकर चार सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा था। उसमें जमीन का क्रय-विक्रय और धारा 80 से रोक हटाने, मकान निर्माण के लिए एनओसी दिए जाने और अधिग्रहण से संबंधित प्रकाशित अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गई थी। उस समय मांगों को पूरा करने का आश्वासन गीडा प्रशासन की ओर से मिला था लेकिन डेढ़ माह बाद भी कोई ठोस पहल नहीं की। किसानों ने इसे देखते हुए गीडा की सीईओ से मुलाकात की। इस दौरान अशोक गुप्ता, घनश्याम दूबे, देवेंद्र गुप्ता पूर्व प्रधान आदि किसान मौजूद रहे।
Trending Videos
- मकान निर्माण के लिए एनओसी, अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचना को निरस्त करने की मांग भी शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
गीडा। गीडा क्षेत्र के नगवां, रावतपार, ककना, चकफत्ता, बड़गहन, रावतपार उर्फ सरैया गांव के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल चार सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) की सीईओ से मिला और पत्र सौंपा। सीईओ अनुज मलिक ने मांगों के निस्तारण का आश्वासन दिया।
किसान रामनगीना साहनी, उमेश यादव, चंद्रभान सिंह, बलवीर सिंह, मोहन गुप्ता, बिंद्रा गुप्ता, रणजीत सिंह, सुनील यादव ने कहा कि गीडा प्रशासन की ओर से लगभग दो वर्ष पहले ही जमीनों के क्रय विक्रय, धारा 80 और आवासीय निर्माण के लिए एनओसी आदि पर रोक लगाया गया है। इसके लगने के बाद किसान शादी-विवाह, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई सहित गंभीर बीमारियों के इलाज में खर्च के लिए अपनी जमीनों को बेचने में असमर्थ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों ने कहा कि इन्हीं सब प्रतिबंधों को हटवाने के लिए बीते वर्ष 15 दिसंबर को गीडा सीईओ से मिलकर चार सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा था। उसमें जमीन का क्रय-विक्रय और धारा 80 से रोक हटाने, मकान निर्माण के लिए एनओसी दिए जाने और अधिग्रहण से संबंधित प्रकाशित अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गई थी। उस समय मांगों को पूरा करने का आश्वासन गीडा प्रशासन की ओर से मिला था लेकिन डेढ़ माह बाद भी कोई ठोस पहल नहीं की। किसानों ने इसे देखते हुए गीडा की सीईओ से मुलाकात की। इस दौरान अशोक गुप्ता, घनश्याम दूबे, देवेंद्र गुप्ता पूर्व प्रधान आदि किसान मौजूद रहे।
