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Gorakhpur News: एम्स गोरखपुर में डॉक्टर पता करेंगे अस्वाभिक मौतों की वजह
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- कम उम्र में एक झटके में उखड़ जा रही सांसें
- कोरोना के बाद से और बढ़ती ठंड में एक झटके में हुई अस्वाभाविक मौतों पर एम्स करेगा परीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। अप्रैल 2025 में 52 वर्षीय व्यापारी की जिम में वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। 31 दिसंबर को एम्स में दिल की बीमारी को लेकर आए बिजली निगम के एक अवर अभियंता की मौत हो गई। जबकि इन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। लेकिन, एक झटके में सीने में दर्द हुआ और जान चली गई।
एम्स अब अचानक होने वाली ऐसी मौतों के कारणों की तलाश करने की तैयारी में है। एम्स ऐसे अस्वाभाविक मौतों के कारणों की वजह जानी जाएगी। एम्स में कोरोना बीमारी के बाद ऐसी मौतों के मामले सामने आए हैं।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि एम्स अचानक हुई मौतों के कारणों की तलाश करेगी। बताया जाता है कि एम्स कोरोना के बाद सभी फेज के दौरान कम उम्र के युवाओं की मौत के आंकड़ों पर काम करेगी। एम्स ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों पर काम करेगी। बताया जाता है कि इसमें जिन लोगों की मौत दिल की बीमारी से अचानक हो गई है, उनके परिजनों से पिछली मेडिकल हिस्ट्री परखी जाएगी। इसके अलावा कोरोना से संक्रमित और बाद में स्वस्थ हो चुके मरीजों को भी परीक्षण में रखा जाएगा। लक्ष्य है कि उनके खून की जांच कर उनमें कोविड एंटीबॉडी की जांच की जाएगी। ऐसे मरीजों को भी लिया जाएगा, जो पहले बीपी, शुगर के मरीज थे और बाद में कोरोना से संक्रमित होने के बाद अब स्वस्थ हैं। ऐसे मरीजों में एंटी बॉडी अभी सक्रिय है या नहीं? इसके अलावा खून की जांच के लिए शरीर के अलग-अलग शल्यों को भी परखा जाएगा। इसे लेकर डब्लूएचओ की तरफ से भी निर्देश जारी किए गए थे। इसी के तहत एम्स की टीम ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में मृत व्यक्ति को पहले से कोई बीमारी थी या नहीं थी, इसका पता लगाएगी। जरूरत पड़ने पर परिजनों का रक्त संग्रह भी किया जाएगा, जिससे बीमारियों की जानकारी हो सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। अप्रैल 2025 में 52 वर्षीय व्यापारी की जिम में वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। 31 दिसंबर को एम्स में दिल की बीमारी को लेकर आए बिजली निगम के एक अवर अभियंता की मौत हो गई। जबकि इन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। लेकिन, एक झटके में सीने में दर्द हुआ और जान चली गई।
एम्स अब अचानक होने वाली ऐसी मौतों के कारणों की तलाश करने की तैयारी में है। एम्स ऐसे अस्वाभाविक मौतों के कारणों की वजह जानी जाएगी। एम्स में कोरोना बीमारी के बाद ऐसी मौतों के मामले सामने आए हैं।
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एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि एम्स अचानक हुई मौतों के कारणों की तलाश करेगी। बताया जाता है कि एम्स कोरोना के बाद सभी फेज के दौरान कम उम्र के युवाओं की मौत के आंकड़ों पर काम करेगी। एम्स ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों पर काम करेगी। बताया जाता है कि इसमें जिन लोगों की मौत दिल की बीमारी से अचानक हो गई है, उनके परिजनों से पिछली मेडिकल हिस्ट्री परखी जाएगी। इसके अलावा कोरोना से संक्रमित और बाद में स्वस्थ हो चुके मरीजों को भी परीक्षण में रखा जाएगा। लक्ष्य है कि उनके खून की जांच कर उनमें कोविड एंटीबॉडी की जांच की जाएगी। ऐसे मरीजों को भी लिया जाएगा, जो पहले बीपी, शुगर के मरीज थे और बाद में कोरोना से संक्रमित होने के बाद अब स्वस्थ हैं। ऐसे मरीजों में एंटी बॉडी अभी सक्रिय है या नहीं? इसके अलावा खून की जांच के लिए शरीर के अलग-अलग शल्यों को भी परखा जाएगा। इसे लेकर डब्लूएचओ की तरफ से भी निर्देश जारी किए गए थे। इसी के तहत एम्स की टीम ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में मृत व्यक्ति को पहले से कोई बीमारी थी या नहीं थी, इसका पता लगाएगी। जरूरत पड़ने पर परिजनों का रक्त संग्रह भी किया जाएगा, जिससे बीमारियों की जानकारी हो सके।
