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Gorakhpur News: गोरखपुर मंडल के जनपदों के लिए ‘एक जिला एक व्यंजन’ की शुरू हुई खोज
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- गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर व महराजगंज में हेरिटेज फूड फेस्टिवल का आयोजन करेगा डीडीयू
- पारंपरिकता, पैकेजिंक और मार्केटिंग की संभावनाओं के मानकों पर होगा व्यंजनों का मूल्यांकन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। ''''''''एक जिला एक उत्पाद'''''''' की तर्ज पर शासन ने गोरखपुर मंडल के सभी चार जिलों में ''''''''एक जिला एक व्यंजन'''''''' (ओडीओसी) के चयन का निर्णय लिया है। इसके लिए व्यंजनों की चिह्नित करने की जिम्मेदारी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को दी गई है। डीडीयू प्रशासन ने इसे लेकर योजना तैयार कर ली है।
इसके तहत विश्वविद्यालय प्रशासन गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर व महराजगंज जनपदों में हेरिटेज फूड फेस्टिवल का आयोजन करने जा रहा है। डीडीयू प्रशासन ओडीओसी के लिए इच्छुक लोगों से शासन के मानक के अनुरूप व्यंजन प्रस्तुत करने का आमंत्रण देगा। फेस्टिवल में प्रस्तुत व्यंजनों का मूल्यांकन उनकी ऐतिहासिकता, पारंपरिकता, निर्माण तकनीक, गुणवत्ता, पैकेजिंग और मार्केटिंग की संभावनाओं जैसे मानकों पर किया जाएगा। चयनित व्यंजन को संबंधित जिले का ‘एक जिला एक व्यंजन’ उत्पाद बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। एक जिले के लिए अधिकतम दो से पांच व्यंजन चिह्नित किए जाने की योजना है।
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तय हुई फेस्टिवल की तिथि
नोडल अधिकारी प्रो. दिव्या रानी सिंह ने बताया कि सात फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर में हेरिटेज फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। देवरिया के दीनानाथ महिला पीजी कॉलेज और कुशीनगर के विद्यावती देवी पीजी कॉलेज में नौ फरवरी को इसका आयोजन होगा। महराजगंज जिले के राजीव गांधी पीजी कॉलेज में 11 फरवरी को इसका आयोजन होगा।
कोट
हर जिले की अपनी खाद्य विरासत होती है, जो पीढ़ियों से चली आ रही होती है। यदि इन्हें वैज्ञानिक दृष्टि और आधुनिक मार्केटिंग से जोड़ा जाए तो ये व्यंजन बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार का माध्यम भी बनेंगे। इन व्यंजनों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति, परंपरा और आजीविका भी सशक्त होगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
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- पारंपरिकता, पैकेजिंक और मार्केटिंग की संभावनाओं के मानकों पर होगा व्यंजनों का मूल्यांकन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। ''''''''एक जिला एक उत्पाद'''''''' की तर्ज पर शासन ने गोरखपुर मंडल के सभी चार जिलों में ''''''''एक जिला एक व्यंजन'''''''' (ओडीओसी) के चयन का निर्णय लिया है। इसके लिए व्यंजनों की चिह्नित करने की जिम्मेदारी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को दी गई है। डीडीयू प्रशासन ने इसे लेकर योजना तैयार कर ली है।
इसके तहत विश्वविद्यालय प्रशासन गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर व महराजगंज जनपदों में हेरिटेज फूड फेस्टिवल का आयोजन करने जा रहा है। डीडीयू प्रशासन ओडीओसी के लिए इच्छुक लोगों से शासन के मानक के अनुरूप व्यंजन प्रस्तुत करने का आमंत्रण देगा। फेस्टिवल में प्रस्तुत व्यंजनों का मूल्यांकन उनकी ऐतिहासिकता, पारंपरिकता, निर्माण तकनीक, गुणवत्ता, पैकेजिंग और मार्केटिंग की संभावनाओं जैसे मानकों पर किया जाएगा। चयनित व्यंजन को संबंधित जिले का ‘एक जिला एक व्यंजन’ उत्पाद बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। एक जिले के लिए अधिकतम दो से पांच व्यंजन चिह्नित किए जाने की योजना है।
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तय हुई फेस्टिवल की तिथि
नोडल अधिकारी प्रो. दिव्या रानी सिंह ने बताया कि सात फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर में हेरिटेज फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। देवरिया के दीनानाथ महिला पीजी कॉलेज और कुशीनगर के विद्यावती देवी पीजी कॉलेज में नौ फरवरी को इसका आयोजन होगा। महराजगंज जिले के राजीव गांधी पीजी कॉलेज में 11 फरवरी को इसका आयोजन होगा।
कोट
हर जिले की अपनी खाद्य विरासत होती है, जो पीढ़ियों से चली आ रही होती है। यदि इन्हें वैज्ञानिक दृष्टि और आधुनिक मार्केटिंग से जोड़ा जाए तो ये व्यंजन बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार का माध्यम भी बनेंगे। इन व्यंजनों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति, परंपरा और आजीविका भी सशक्त होगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
