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Gorakhpur News: ऑपरेशन के बाद पेट में छोड़ दिए गाज स्पंज, युवक की मौत
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गोरखपुर। आनंदलोक हॉस्पिटल में डाॅक्टरों की लापरवाही से बुधवार को एक युवक की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो डॉक्टरों की टीम ने पोस्टर्माटम किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसमें पुष्टि हुई कि ऑपेरशन करने वाले डाॅक्टरों ने तीन पीस गाज स्पंज युवक के पेट में ही छोड़ दिया था, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए युवक के पिता की तहरीर पर गोरखनाथ थाना पुलिस ने आनंदलोक हॉस्पिटल के डाॅ. आनंद अग्रवाल, डाॅ. दीक्षित, असिस्टेंट चंद्रप्रकाश, वार्ड बॉय शहजाद और आसिफ पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीपीगंज थाना क्षेत्र के भगवानपुर निवासी अभिषेक मद्धेशिया की पित्त की थैली में पथरी था। आनंदलोक हाॅस्पिटल में उसका उपचार चल रहा था। चिकित्सकों की सलाह पर अभिषेक मंगलवार को हॉस्पिटल में भर्ती हुआ। शाम आठ बजे चिकित्सकों की टीम ने पथरी का ऑपरेशन किया। आरोप है कि इसके बाद से ही उसकी हालत बिगड़ने लगी, लगातार रक्तस्राव होता रहा। इसी बीच बुधवार की सुबह साढ़े पांच बजे अभिषेक की मौत हो गई।
जैसे ही इसकी जानकारी बाहर बैठे परिजनों को हुई, वह हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंची गोरखनाथ थाना पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बीच पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
अभिषेक के पिता सुरेश मद्धेशिया ने तहरीर में बताया कि उनके बेटे के ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई। उसकी हालत गंभीर होने के बाद भी चिकित्सकों ने कुछ नहीं बताया। वे खून की कमी बताते हुए मांग करते रहे। इस पर चिकित्सकों को रक्त भी उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
इस संबंध में जब अस्पताल के कर्मचारी से पूछताछ की गई तो मामले को गंभीरता से न लेते हुए उसने बताया कि खून नहीं बह रहा है, कचरा निकल रहा है। इसी बीच सुबह उनके बेटे की मौत हो गई। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शव का वीडियोग्राफी के साथ तत्काल पोस्टमार्टम कराया। इसमें लापरवाही की पुष्टि हुई।
इस संबंध में सीओ कैंट रवि सिंह ने कहा कि मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर समेत पांच पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरोगा भर्ती की तैयारी कर रहा था अभिषेक, खुद बाइक चलाकर गया था अस्पताल
अभिषेक मद्धेशिया दरोगा (एसआई) बनने की तैयारी कर रहा था और हाल ही में उसने परीक्षा भी दी थी। वह रिजल्ट का इंतजार कर रहा था। पेट में दर्द की शिकायत के बाद जांच में पथरी का पता चला। पिता ने बताया कि वह खुद अपनी बाइक से अस्पताल पहुंचा था। परिवार ने साथ आने के लिए कहा लेकिन उसने यह कहकर मना कर दिया कि छोटा ऑपरेशन है, लेजर से होगा और दो घंटे में छुट्टी मिल जाएगी। वह अपने छोटे भाई आदित्य के साथ अस्पताल गया था। अभिषेक दो भाइयों में बड़ा था। तीन बहनों में से दो की शादी हो चुकी है। पिता सुरेश मद्धेशिया भगवानपुर चौराहे पर चाय की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए युवक के पिता की तहरीर पर गोरखनाथ थाना पुलिस ने आनंदलोक हॉस्पिटल के डाॅ. आनंद अग्रवाल, डाॅ. दीक्षित, असिस्टेंट चंद्रप्रकाश, वार्ड बॉय शहजाद और आसिफ पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पीपीगंज थाना क्षेत्र के भगवानपुर निवासी अभिषेक मद्धेशिया की पित्त की थैली में पथरी था। आनंदलोक हाॅस्पिटल में उसका उपचार चल रहा था। चिकित्सकों की सलाह पर अभिषेक मंगलवार को हॉस्पिटल में भर्ती हुआ। शाम आठ बजे चिकित्सकों की टीम ने पथरी का ऑपरेशन किया। आरोप है कि इसके बाद से ही उसकी हालत बिगड़ने लगी, लगातार रक्तस्राव होता रहा। इसी बीच बुधवार की सुबह साढ़े पांच बजे अभिषेक की मौत हो गई।
जैसे ही इसकी जानकारी बाहर बैठे परिजनों को हुई, वह हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंची गोरखनाथ थाना पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बीच पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
अभिषेक के पिता सुरेश मद्धेशिया ने तहरीर में बताया कि उनके बेटे के ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई। उसकी हालत गंभीर होने के बाद भी चिकित्सकों ने कुछ नहीं बताया। वे खून की कमी बताते हुए मांग करते रहे। इस पर चिकित्सकों को रक्त भी उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
इस संबंध में जब अस्पताल के कर्मचारी से पूछताछ की गई तो मामले को गंभीरता से न लेते हुए उसने बताया कि खून नहीं बह रहा है, कचरा निकल रहा है। इसी बीच सुबह उनके बेटे की मौत हो गई। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शव का वीडियोग्राफी के साथ तत्काल पोस्टमार्टम कराया। इसमें लापरवाही की पुष्टि हुई।
इस संबंध में सीओ कैंट रवि सिंह ने कहा कि मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर समेत पांच पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरोगा भर्ती की तैयारी कर रहा था अभिषेक, खुद बाइक चलाकर गया था अस्पताल
अभिषेक मद्धेशिया दरोगा (एसआई) बनने की तैयारी कर रहा था और हाल ही में उसने परीक्षा भी दी थी। वह रिजल्ट का इंतजार कर रहा था। पेट में दर्द की शिकायत के बाद जांच में पथरी का पता चला। पिता ने बताया कि वह खुद अपनी बाइक से अस्पताल पहुंचा था। परिवार ने साथ आने के लिए कहा लेकिन उसने यह कहकर मना कर दिया कि छोटा ऑपरेशन है, लेजर से होगा और दो घंटे में छुट्टी मिल जाएगी। वह अपने छोटे भाई आदित्य के साथ अस्पताल गया था। अभिषेक दो भाइयों में बड़ा था। तीन बहनों में से दो की शादी हो चुकी है। पिता सुरेश मद्धेशिया भगवानपुर चौराहे पर चाय की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।