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Gorakhpur News: आर्थिक अनुशासन संस्था के सतत विकास के लिए आवश्यक
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- एमपीएसपी की ओर से प्रताप आश्रम में चल रही शैक्षिक कार्यशाला का चौथा दिन
गोरखपुर। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) के ऑडिटर अनिल सिंह ने कहा कि आर्थिक अनुशासन संस्था के सतत विकास के लिए आवश्यक आयाम है। यह वित्तीय मर्यादा एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है।
वह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर महायोगी गुरु गोरखनाथ योग संस्थान और एमपीएसपी के संयुक्त तत्वावधान में चल रही छह दिवसीय शैक्षिक कार्यशाला के चौथे दिन के कार्यक्रम को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ‘आर्थिक प्रबंधन और अर्थानुशासन’ विषय पर कहा कि शिक्षा परिषद में संस्थाएं केवल ज्ञान प्रदान करने का केंद्र नहीं होतीं बल्कि वे समाज निर्माण एवं लोककल्याण की महत्वपूर्ण इकाइयां होती हैं। जिस संस्था में आर्थिक पारदर्शिता, अनुशासन और दूरदृष्टि होती है, वह शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए समाज में आदर्श स्थापित करती है।
अध्यक्षता राम जन्म सिंह ने की। इस अवसर पर एमपीएसपी के सदस्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, प्रमथ नाथ मिश्र, डॉ. प्रदीप राव आदि मौजूद रहे।
गोरखपुर। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) के ऑडिटर अनिल सिंह ने कहा कि आर्थिक अनुशासन संस्था के सतत विकास के लिए आवश्यक आयाम है। यह वित्तीय मर्यादा एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है।
वह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर महायोगी गुरु गोरखनाथ योग संस्थान और एमपीएसपी के संयुक्त तत्वावधान में चल रही छह दिवसीय शैक्षिक कार्यशाला के चौथे दिन के कार्यक्रम को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ‘आर्थिक प्रबंधन और अर्थानुशासन’ विषय पर कहा कि शिक्षा परिषद में संस्थाएं केवल ज्ञान प्रदान करने का केंद्र नहीं होतीं बल्कि वे समाज निर्माण एवं लोककल्याण की महत्वपूर्ण इकाइयां होती हैं। जिस संस्था में आर्थिक पारदर्शिता, अनुशासन और दूरदृष्टि होती है, वह शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए समाज में आदर्श स्थापित करती है।
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अध्यक्षता राम जन्म सिंह ने की। इस अवसर पर एमपीएसपी के सदस्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, प्रमथ नाथ मिश्र, डॉ. प्रदीप राव आदि मौजूद रहे।