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Gorakhpur News: स्टेशन अधीक्षक, पीएचडी बेटी और शिक्षक दामाद पर चौथी प्राथमिकी
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- 10 करोड़ से अधिक की ठगी के आरोप में पुलिस की जांच तेज
- 10 पीड़ितों ने दी शिकायत, चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज, छह की जांच जारी
गोरखपुर। 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के आरोप में सहजनवां रेलवे स्टेशन अधीक्षक रहे ध्रुव नरायण सिंह, उसकी पीएचडी कर चुकी बेटी गरिमा, शिक्षक दामाद और गिरोह के अन्य गुर्गों के खिलाफ चौथी प्राथमिकी एम्स थाने में दर्ज की गई है।
पुलिस के पास अब तक 10 पीड़ितों की शिकायतें पहुंची हैं। चार मामलों में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, जबकि छह शिकायतों की जांच सीओ स्तर पर चल रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य मिलने पर इन मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
इस गिरोह की मुख्य आरोपी रेलवे अधिकारी की बेटी बताई जा रही है। ध्रुव नारायण सिंह और उसकी बेटी गरिमा सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों जेल में हैं। शिक्षक दामाद भानू प्रताप सिंह समेत छह आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस इनके खिलाफ साक्ष्य भी जुटा रही है।
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मोहद्दीपुर निवासी स्टेशन अधीक्षक मोहन सिंह की तहरीर पर रविवार को एम्स थाने में ध्रुव नारायण सिंह, बेटी गरिमा सिंह, दामाद भानू प्रताप सिंह, विशाल यादव, चंद्र प्रकाश, राजेंद्र कुमार और दिनकर मणि त्रिपाठी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
मोहन सिंह ने आरोप लगाया कि ध्रुव नारायण सिंह उनके रिश्तेदार हैं। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी गरिमा लोगों के लोन माफ करा देती है। इस पर उन्होंने अपने पुराने लोन के संबंध में गरिमा से संपर्क किया। आरोप है कि गरिमा ने अलग-अलग बैंकों से उनके नाम पर 93 लाख 20 हजार रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया। इसके लिए उन्हें बैंक नहीं जाना पड़ा।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, गरिमा ने लोन की रकम में से आठ लाख रुपये छोड़कर बाकी राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। उसने एक साल में सभी ईएमआई खुद जमा करने का भरोसा दिया था। 14 महीने बीतने के बाद भी ईएमआई जमा नहीं हुई। रकम के बारे में पूछने पर वह टालमटोल करने लगी। इसके बाद मोहन सिंह को गिरोह के बारे में जानकारी हुई और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एम्स थाने में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज हुई है, जबकि एक मामला सहजनवां थाने में दर्ज है। छह अन्य शिकायतों की जांच चल रही है। साक्ष्य मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर, एम्स थाना
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- 10 पीड़ितों ने दी शिकायत, चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज, छह की जांच जारी
गोरखपुर। 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के आरोप में सहजनवां रेलवे स्टेशन अधीक्षक रहे ध्रुव नरायण सिंह, उसकी पीएचडी कर चुकी बेटी गरिमा, शिक्षक दामाद और गिरोह के अन्य गुर्गों के खिलाफ चौथी प्राथमिकी एम्स थाने में दर्ज की गई है।
पुलिस के पास अब तक 10 पीड़ितों की शिकायतें पहुंची हैं। चार मामलों में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, जबकि छह शिकायतों की जांच सीओ स्तर पर चल रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य मिलने पर इन मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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इस गिरोह की मुख्य आरोपी रेलवे अधिकारी की बेटी बताई जा रही है। ध्रुव नारायण सिंह और उसकी बेटी गरिमा सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों जेल में हैं। शिक्षक दामाद भानू प्रताप सिंह समेत छह आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस इनके खिलाफ साक्ष्य भी जुटा रही है।
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मोहद्दीपुर निवासी स्टेशन अधीक्षक मोहन सिंह की तहरीर पर रविवार को एम्स थाने में ध्रुव नारायण सिंह, बेटी गरिमा सिंह, दामाद भानू प्रताप सिंह, विशाल यादव, चंद्र प्रकाश, राजेंद्र कुमार और दिनकर मणि त्रिपाठी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
मोहन सिंह ने आरोप लगाया कि ध्रुव नारायण सिंह उनके रिश्तेदार हैं। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी गरिमा लोगों के लोन माफ करा देती है। इस पर उन्होंने अपने पुराने लोन के संबंध में गरिमा से संपर्क किया। आरोप है कि गरिमा ने अलग-अलग बैंकों से उनके नाम पर 93 लाख 20 हजार रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया। इसके लिए उन्हें बैंक नहीं जाना पड़ा।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, गरिमा ने लोन की रकम में से आठ लाख रुपये छोड़कर बाकी राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। उसने एक साल में सभी ईएमआई खुद जमा करने का भरोसा दिया था। 14 महीने बीतने के बाद भी ईएमआई जमा नहीं हुई। रकम के बारे में पूछने पर वह टालमटोल करने लगी। इसके बाद मोहन सिंह को गिरोह के बारे में जानकारी हुई और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एम्स थाने में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज हुई है, जबकि एक मामला सहजनवां थाने में दर्ज है। छह अन्य शिकायतों की जांच चल रही है। साक्ष्य मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर, एम्स थाना