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Gorakhpur News: बच्चों को बार-बार हो रहा जुकाम अस्थमा से बढ़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 09 Feb 2026 02:32 AM IST
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गोरखपुर। मौसम में बदलाव का असर बच्चों पर विशेष रूप से देखने को मिल रहा है। छह महीने से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों में बार-बार जुकाम, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत सामने आ रही है। अगर यह समस्या एक सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है, तो अस्थमा जैसी गंभीर समस्या होने की संभावना रहती है।
जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों अस्थमा से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय शंकर देवकुलियार ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे लाए जा रहे हैं, जिन्हें लंबे समय से नाक बहना, लगातार खांसी और सीने में घरघराहट की शिकायत रहती है। कई मामलों में जांच के बाद अस्थमा की पुष्टि होती है, जिससे अभिभावकों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। डॉ. देवकुलियार ने कहा कि मौसम में बदलाव और सुबह-शाम की ठंडी हवाओं से बच्चों की सेहत पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ ही दिनों में मौसम में बदलाव और गर्मी की शुरुआत होने से यह समस्या धीरे-धीरे कम हो जाएगी। इसके बावजूद बार-बार होने वाला जुकाम और खांसी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। अस्पताल में आने वाले मामलों में छह महीने से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित पाए जा रहे हैं।
इस आयु वर्ग के बच्चों में सांस लेने में परेशानी, रात में खांसी बढ़ना और तेज सांस चलना जैसे लक्षण अधिक देखे जा रहे हैं। डॉ. देवकुलियार ने अभिभावकों से समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी है।
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जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों अस्थमा से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय शंकर देवकुलियार ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे लाए जा रहे हैं, जिन्हें लंबे समय से नाक बहना, लगातार खांसी और सीने में घरघराहट की शिकायत रहती है। कई मामलों में जांच के बाद अस्थमा की पुष्टि होती है, जिससे अभिभावकों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। डॉ. देवकुलियार ने कहा कि मौसम में बदलाव और सुबह-शाम की ठंडी हवाओं से बच्चों की सेहत पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ ही दिनों में मौसम में बदलाव और गर्मी की शुरुआत होने से यह समस्या धीरे-धीरे कम हो जाएगी। इसके बावजूद बार-बार होने वाला जुकाम और खांसी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। अस्पताल में आने वाले मामलों में छह महीने से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित पाए जा रहे हैं।
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इस आयु वर्ग के बच्चों में सांस लेने में परेशानी, रात में खांसी बढ़ना और तेज सांस चलना जैसे लक्षण अधिक देखे जा रहे हैं। डॉ. देवकुलियार ने अभिभावकों से समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी है।