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Gorakhpur News: फर्जी कंपनियाें के जरिये नौ निवेशकों के 2.62 करोड़ रुपये हड़पे
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- चौरीचौरा इलाके का मामला, जालसाजों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर बनाया ठगी का शिकार
- एसएसपी के निर्देश पर चौरीचौरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर शुरू की जांच
गोरखपुर। चौरीचौरा थाना क्षेत्र में अधिक मुनाफे का झांसा देकर सात करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी का मामला सामने आया है। फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों से मोटी रकम निवेश कराई गई। करीब दो साल तक भरोसा बनाए रखने के बाद आरोपी रुपया हड़पकर भाग गए। ठगी के शिकार बने निवेशकों का आरोप है कि रुपये डूबने के सदमे में दो लोगों ने खुदकुशी कर ली, जबकि दो निवेशकों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है।
एसएसपी के आदेश पर चौरीचौरा पुलिस ने कोतवाली के दिलेजाकपुर निवासी श्यामजी रावत की तहरीर पर सरैया लठौरवा टोला निवासी सुशील कुमार निगम, किशन कुमार निगम और रश्मिबाला के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित श्यामजी रावत के अनुसार, आरोपियों ने चौरी-चौरा क्षेत्र में रिच सिग्नल मल्टीनेशनल बिजनेस लिमिटेड और ऑल ट्रेड मार्ट लिमिटेड नाम से कंपनियां खोली थीं। इन कंपनियों के माध्यम से निवेश पर कई गुना लाभ देने का दावा किया गया। लालच में आकर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने अपनी जमा-पूंजी इन कंपनियों में लगा दी। शुरुआत में कुछ महीनों तक नियमित रूप से मुनाफा भी दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हो गया।
जालसाजों ने झांसे में आए श्यामजी रावत से 80 लाख रुपये, गिरिजेश से 15 लाख, प्रहलाद सिंह से 34 लाख, विशाल सिंह यादव से 35 लाख, अखिलेश निषाद से 32 लाख, रामपत से 50 लाख, राजन निषाद छह लाख और अशोक निषाद से 10 लाख रुपये जमा कराए गए। केवल इन नौ निवेशकों से ही कुल दो करोड़ 62 लाख रुपये की रकम ली गई।
आरोप है कि इसके अलावा क्षेत्र के अन्य लोगों से भी सात करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि कंपनियों में निवेश कराई गई है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कंपनी की ओर से ‘डे मैक्स एप’ बनाकर दिखाया गया, जिसके जरिये ऑनलाइन मीटिंग कर बिजनेस मॉडल और मुनाफे का प्रदर्शन किया जाता था। निवेशकों को शेयर सर्टिफिकेट और बॉन्ड भी दिए गए, लेकिन जांच में यह सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए।
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने अन्य जिलों में भी इसी तरह कंपनियां खोलकर सैकड़ों लोगों से धोखाधड़ी की है। जब थाने में सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी के निर्देश के बाद चौरीचौरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इस संबंध में थाना प्रभारी वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साक्ष्यों के आधार पर जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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- एसएसपी के निर्देश पर चौरीचौरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर शुरू की जांच
गोरखपुर। चौरीचौरा थाना क्षेत्र में अधिक मुनाफे का झांसा देकर सात करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी का मामला सामने आया है। फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों से मोटी रकम निवेश कराई गई। करीब दो साल तक भरोसा बनाए रखने के बाद आरोपी रुपया हड़पकर भाग गए। ठगी के शिकार बने निवेशकों का आरोप है कि रुपये डूबने के सदमे में दो लोगों ने खुदकुशी कर ली, जबकि दो निवेशकों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है।
एसएसपी के आदेश पर चौरीचौरा पुलिस ने कोतवाली के दिलेजाकपुर निवासी श्यामजी रावत की तहरीर पर सरैया लठौरवा टोला निवासी सुशील कुमार निगम, किशन कुमार निगम और रश्मिबाला के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पीड़ित श्यामजी रावत के अनुसार, आरोपियों ने चौरी-चौरा क्षेत्र में रिच सिग्नल मल्टीनेशनल बिजनेस लिमिटेड और ऑल ट्रेड मार्ट लिमिटेड नाम से कंपनियां खोली थीं। इन कंपनियों के माध्यम से निवेश पर कई गुना लाभ देने का दावा किया गया। लालच में आकर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने अपनी जमा-पूंजी इन कंपनियों में लगा दी। शुरुआत में कुछ महीनों तक नियमित रूप से मुनाफा भी दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हो गया।
जालसाजों ने झांसे में आए श्यामजी रावत से 80 लाख रुपये, गिरिजेश से 15 लाख, प्रहलाद सिंह से 34 लाख, विशाल सिंह यादव से 35 लाख, अखिलेश निषाद से 32 लाख, रामपत से 50 लाख, राजन निषाद छह लाख और अशोक निषाद से 10 लाख रुपये जमा कराए गए। केवल इन नौ निवेशकों से ही कुल दो करोड़ 62 लाख रुपये की रकम ली गई।
आरोप है कि इसके अलावा क्षेत्र के अन्य लोगों से भी सात करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि कंपनियों में निवेश कराई गई है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कंपनी की ओर से ‘डे मैक्स एप’ बनाकर दिखाया गया, जिसके जरिये ऑनलाइन मीटिंग कर बिजनेस मॉडल और मुनाफे का प्रदर्शन किया जाता था। निवेशकों को शेयर सर्टिफिकेट और बॉन्ड भी दिए गए, लेकिन जांच में यह सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए।
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने अन्य जिलों में भी इसी तरह कंपनियां खोलकर सैकड़ों लोगों से धोखाधड़ी की है। जब थाने में सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी के निर्देश के बाद चौरीचौरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इस संबंध में थाना प्रभारी वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साक्ष्यों के आधार पर जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
