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Gorakhpur News: झमाझम बारिश से राहत तो आफत भी... जलभराव और जाम ने बढ़ाईं मुश्किलें
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भीषण गर्मी से परेशान लोगों को मिली राहत, गोलघर और विरासत गलियारा की दुकानों में घुसा पानी
बारिश बंद होने के बाद बाल्टी से पानी निकालते नजर आए व्यापारी
गोरखपुर। शहर में बुधवार शाम हुई झमाझम बारिश ने शहरवासियों को भीषण गर्मी से राहत तो दिलाई लेकिन जलभराव और जाम की समस्या ने लोगों की परेशानी भी बढ़ा दी। तेज आंधी की वजह से शहर से लेकर देहात तक सड़कों पर कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी ठप हाे गई। करीब आधे घंटे की तेज बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। गोलघर और विरासत गलियारा की दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा।
पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और उमस से लोग बेहाल थे। ऐसे में अचानक हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश खत्म हुई तो गोलघर, बेतियाहाता, पादरी बाजार, विजय चौक और बैंक रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक फंसे रहना पड़ा।
दरअसल, धर्मशाला से पांडेयहाता तक निर्माणाधीन विरासत गलियारा के चलते जलभराव की समस्या सामने आई। बारिश के बाद पहले सड़क पर पानी भरा और फिर दुकानों में घुस गया। घंटाघर क्षेत्र में नाले का निर्माण पूरा कर स्लैब रख दिए गए हैं लेकिन अन्य स्थानों पर काम जारी है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से यह स्थिति बनी।
दुकानदार विजय चौरसिया की किराने और रेती रोड पर राजू गुप्ता की दुकान में पानी भर गया। इससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। बारिश बंद होने के बाद दुकानदार बाल्टी से पानी निकालते नजर आए।
नाले का डिजाइन फेल : पार्षद
घंटाघर के पार्षद जियाउल इस्लाम ने जलभराव के बाद विरासत गलियारा परियोजना की नाला डिजाइन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यहां ऊंचे नाले की आवश्यकता नहीं थी, बल्कि पुराने नाले को चौड़ा और गहरा कर निकासी बेहतर बनाई जा सकती थी। वर्तमान डिजाइन के कारण जलभराव की समस्या बढ़ गई है, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाले की मौजूदा डिजाइनिंग योजना पूरी तरह फेल साबित हो रही है और इसे तत्काल सुधारने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी दिक्कतें न हों।
सड़कों पर जलभराव
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई। जिला अस्पताल रोड, शास्त्री चौक, रुस्तमपुर और सिविल लाइंस समेत प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम की स्थिति बनी रही। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशान होना पड़ा। बारिश रुकने के बाद भी लंबे समय तक सड़क पर पानी भरा रहा।
गोलघर में भी दुकान में भरा पानी
बारिश के बाद गोलघर क्षेत्र में व्यापारी पवन जैन की बेसमेंट स्थित दुकान में पानी घुस गया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जिससे भारी नुकसान हुआ था। इस बार भी सामान खराब होने की आशंका बनी हुई है और पानी निकालने का प्रयास जारी है। वहीं, सिविल लाइंस के स्कूल रोड पर जलभराव से आवागमन प्रभावित रहा। सड़क पर भरे पानी और अंधेरे के कारण लोगों को गहराई का अंदाजा नहीं लग सका, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही। अकोला पुलिया पर नाला निर्माण कार्य जारी होने के कारण वहां भी जलभराव की स्थिति बनी रही।
जलभराव वाले क्षेत्रों का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
बारिश के बाद नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने शहर के चिह्नित जलभराव स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान गोपालपुर मुंशी प्रेमचंद पार्क और सिविल लाइंस क्षेत्र में जलभराव की स्थिति नहीं पाई गई। नगर आयुक्त ने तहसील गेट और शास्त्री चौक पर सकिंग मशीन लगाने के निर्देश दिए ताकि जल निकासी जल्द सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। इस पर संबंधित विभागों से समन्वय कर नालियों को शीघ्र जोड़ने और समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी अवर अभियंताओं, सफाई निरीक्षकों और जोनल अधिकारियों को रात में भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने बुद्ध विहार गेट पर नाले पर लगे गेट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी शिकायतें यूएफएमसी हेल्पलाइन नंबर 8810709312 पर दर्ज कराएं।
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बारिश बंद होने के बाद बाल्टी से पानी निकालते नजर आए व्यापारी
गोरखपुर। शहर में बुधवार शाम हुई झमाझम बारिश ने शहरवासियों को भीषण गर्मी से राहत तो दिलाई लेकिन जलभराव और जाम की समस्या ने लोगों की परेशानी भी बढ़ा दी। तेज आंधी की वजह से शहर से लेकर देहात तक सड़कों पर कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी ठप हाे गई। करीब आधे घंटे की तेज बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। गोलघर और विरासत गलियारा की दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा।
पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और उमस से लोग बेहाल थे। ऐसे में अचानक हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश खत्म हुई तो गोलघर, बेतियाहाता, पादरी बाजार, विजय चौक और बैंक रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक फंसे रहना पड़ा।
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दरअसल, धर्मशाला से पांडेयहाता तक निर्माणाधीन विरासत गलियारा के चलते जलभराव की समस्या सामने आई। बारिश के बाद पहले सड़क पर पानी भरा और फिर दुकानों में घुस गया। घंटाघर क्षेत्र में नाले का निर्माण पूरा कर स्लैब रख दिए गए हैं लेकिन अन्य स्थानों पर काम जारी है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से यह स्थिति बनी।
दुकानदार विजय चौरसिया की किराने और रेती रोड पर राजू गुप्ता की दुकान में पानी भर गया। इससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। बारिश बंद होने के बाद दुकानदार बाल्टी से पानी निकालते नजर आए।
नाले का डिजाइन फेल : पार्षद
घंटाघर के पार्षद जियाउल इस्लाम ने जलभराव के बाद विरासत गलियारा परियोजना की नाला डिजाइन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यहां ऊंचे नाले की आवश्यकता नहीं थी, बल्कि पुराने नाले को चौड़ा और गहरा कर निकासी बेहतर बनाई जा सकती थी। वर्तमान डिजाइन के कारण जलभराव की समस्या बढ़ गई है, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाले की मौजूदा डिजाइनिंग योजना पूरी तरह फेल साबित हो रही है और इसे तत्काल सुधारने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी दिक्कतें न हों।
सड़कों पर जलभराव
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई। जिला अस्पताल रोड, शास्त्री चौक, रुस्तमपुर और सिविल लाइंस समेत प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम की स्थिति बनी रही। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशान होना पड़ा। बारिश रुकने के बाद भी लंबे समय तक सड़क पर पानी भरा रहा।
गोलघर में भी दुकान में भरा पानी
बारिश के बाद गोलघर क्षेत्र में व्यापारी पवन जैन की बेसमेंट स्थित दुकान में पानी घुस गया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जिससे भारी नुकसान हुआ था। इस बार भी सामान खराब होने की आशंका बनी हुई है और पानी निकालने का प्रयास जारी है। वहीं, सिविल लाइंस के स्कूल रोड पर जलभराव से आवागमन प्रभावित रहा। सड़क पर भरे पानी और अंधेरे के कारण लोगों को गहराई का अंदाजा नहीं लग सका, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही। अकोला पुलिया पर नाला निर्माण कार्य जारी होने के कारण वहां भी जलभराव की स्थिति बनी रही।
जलभराव वाले क्षेत्रों का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
बारिश के बाद नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने शहर के चिह्नित जलभराव स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान गोपालपुर मुंशी प्रेमचंद पार्क और सिविल लाइंस क्षेत्र में जलभराव की स्थिति नहीं पाई गई। नगर आयुक्त ने तहसील गेट और शास्त्री चौक पर सकिंग मशीन लगाने के निर्देश दिए ताकि जल निकासी जल्द सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। इस पर संबंधित विभागों से समन्वय कर नालियों को शीघ्र जोड़ने और समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी अवर अभियंताओं, सफाई निरीक्षकों और जोनल अधिकारियों को रात में भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने बुद्ध विहार गेट पर नाले पर लगे गेट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी शिकायतें यूएफएमसी हेल्पलाइन नंबर 8810709312 पर दर्ज कराएं।
