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Gorakhpur News: घटनाएं बार-बार...नहीं ले रहे सबक
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- फलमंडी के पीछे मिर्जापुर में बृहस्पतिवार को करंट से किशोर की हो गई थी मौत
- बारिश में एबी केबल में लीकेज से उतारा था करंट, आगे जांच में और चीजें आएंगी सामने
- शहर में अन्य जगहों पर भी खंभे और ट्रांसफाॅर्मर हैं खतरनाक
गोरखपुर। शहर में बिजली के खतरनाक खंभे, ट्रांसफॉर्मर और जर्जर तार हादसों की वजह बन रहे हैं। फलमंडी के पीछे मिर्जापुर में बृहस्पतिवार को बारिश के दौरान एबी केबल में लीकेज से उतरे करंट की चपेट में आने से बालक पुरुषोत्तम की मौत हो गई। घटना के बाद भी शहर के अन्य संवेदनशील स्थानों पर बिजली के ढांचे की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं नालों की सफाई भी इसकी वजह है।
बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान एबी केबल में लीकेज होने से आसपास करंट उतर गया था। बिजली अधिकारियों ने इसकी प्राथमिक जांच की तो मामला यह सामने आया। इसी की चपेट में आने से बालक की जान चली गई। आगे होने वाली घटना की जांच में हादसे की अन्य वजहें भी सामने आ सकती है। बिजली निगम की ओर से शहर के खतरनाक खंभे, खुले तार और ट्रांसफॉर्मर भी खतरनाक बने हुए हैं, जिसे ठीक नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह हादसे की वजह बन सकते हैं।
फल मंडी के पीछे जहां बृहस्पतिवार को करंट से किशोर की मौत हुई थी वहां पर सड़क कम चौड़ी है, नाला चौड़ा है जिससे बिजली का खंभे नाले के पास है। 200 मीटर के आसपास ही खुले में सड़क से सटे ट्रांसफाॅर्मर भी है जो आने-जाने वालों के लिए खतरा हैं।
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इसके साथ ही शहर में कई स्थानों पर खंभे और ट्रांसफाॅर्मर सड़क किनारे या आबादी के बीच लगे हैं। सिविल लाइंस के विद्यालय रोड पर बारिश में पानी भी भर जाता है, बच्चे व अभिवावक यहां आते हैं। यहां बिजली के खंभे लगे हैं, जिसमें करंट उतरने का खतरा रहता है। वहीं रेती रोड, कोतवाली रोड, लालडिग्गी, बेतियाहाता, घंटाघर आदि कई जगहों पर कुछ पोल या तो जर्जर हैं या झुके हुए हैं। इस खंभे को कवर भी नहीं किया गया है। बारिश के दौरान इनके आसपास जलभराव होने पर खतरा और बढ़ जाता है। इसके बावजूद समय रहते ऐसे स्थानों को चिह्नित कर जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
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मोगलहा में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से छात्रा की हुई थी मौत
गुलरिहा के मोगलहा में 14 सितंबर 2025 को छात्रा हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। छात्रा अपनी मां के साथ निर्माणाधीन मकान पर हो रहे काम को देखने पहुंची थी। इसी दौरान मकान की छत के करीब से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट आ गई थी। तिवारीपुर उपकेंद्र पर तैनात संविदा कर्मी मो सलीम उर्फ राजू की नौ फरवरी को करंट लगने से मौत हो गई थी। जिला अस्पताल पहुंचे परिजन ने बिजली निगम के जिम्मेदारों को पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग सड़क जाम कर दिया था। वहीं, 17 जुलाई 2025 को ब्रह्मपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रामपुरा के प्रांगण में स्थापित ट्रांसफाॅर्मर के स्टे वायर में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से कक्षा पांचवीं के छात्र अंकित की मौत हो गई थी। 12 फरवरी 25 को झंगहा के कुडिहवा के रहने वाले कमलेश निषाद के घर रविवार की लड़की के विवाह का आयोजन था। इसी दौरान हाईटेंशन तार से रोड लाइट में उतर आया जिससे देवरिया रुद्रपुर कोतवाली के रहने वाले 19 वर्षीय सचिन की मौत हो गई थी।
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कोट
किशोर के करंट लगने वाले स्थल पर जाकर देखा गया है। एबी केबल में लीकेज से करंट उतरने की बात सामने आ रही है। हालांकि यह करंट बारिश से ही आया था, इसे ठीक करा लिया गया है। जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय से हो रही है। फिलहाल मृतक के घरवालों को कुछ सहायता की गई है, जल्द ही बड़ी सहायता राशि भी दी जाएगी।
- अंकित कुमार, अधिशासी अभियंता टाउनहॉल
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- नाले साफ नहीं होने से भी होता है जलभराव
बारिश के समय नालों से बारिश का पानी नहीं निकलने के कारण जलभराव हो रहा है। बिजली के खंभे भी पानी में ही रहते हैं इस कारण लोगों को करंट का डर लगता है। नगर निगम की ओर से नालों की सफाई कराने के बाद भी कचरा पूरी तरह साफ नहीं हो रहा है जिससे यह भी जलभराव की वजह बन रहे हैं। इसको लेकर अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि नाले व गलियां हमेशा साफ होती हैं। नाले का निरीक्षण का सफाई आए दिन करवाई जाती है। घटना स्थल पर भी नाले की सफाई करवाई गई थी।
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- दो बेटियों की शादी करनी है...मेरा जवान बेटा चला गया, क्या पैसे से उसकी हो पाएगी भरपाई
- पिता बोले- पढ़ाई के साथ काम कर परिवार का सहारा बनता था बेटा, अब आगे की जिम्मेदारी कौन उठाएगा
गुलरिहा। दो बेटियों की शादी करनी है। मेरा जवान बेटा चला गया। पांच लाख रुपये मिलने से क्या मेरे बेटे की भरपाई हो पाएगी। बृहस्पतिवार को बिजली के खंभे के संपर्क में आने से 16 वर्षीय बेटे पुरुषोत्तम की मौत के बाद शुक्रवार को मेडिकल काॅलेज में पोस्टमार्टम हाउस के पास पिता पप्पू के निकले ये शब्द परिवार की बेबसी और दर्द बयां कर रहे थे। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बांसगांव थाना क्षेत्र के धमऊर गांव निवासी पप्पू खोराबार थाना क्षेत्र के मिर्जापुर में परिवार के साथ किराये के कमरे में रहकर ठेला चलाते हैं। उनका 16 वर्षीय बेटा पुरुषोत्तम महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र था। बृहस्पतिवार को रुस्तमपुर के राजीवनगर के पास सामान लेने जाते समय बिजली के खंभे के संपर्क में आने से करंट की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस के पास पिता ने बताया कि चार भाई-बहनों में पुरुषोत्तम पढ़ाई के साथ परिवार की मदद करता था। वह उनके लिए बेटे से ज्यादा सहारा था। अब दो बेटियों की शादी और छोटे बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उनके सामने है। बेटे के चले जाने से परिवार का आर्थिक सहारा भी खत्म हो गया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी के बाद बिजली विभाग के जेई और एसडीओ मौके पर पहुंचे थे और मुलाकात की थी। अधिकारियों ने आपदा राहत कोष से एक सप्ताह के भीतर पांच लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया है। पिता का कहना है कि आर्थिक सहायता जरूरी है लेकिन बेटे को खोने का दर्द और परिवार के भविष्य की चिंता इससे खत्म नहीं हो सकती।
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- बारिश में एबी केबल में लीकेज से उतारा था करंट, आगे जांच में और चीजें आएंगी सामने
- शहर में अन्य जगहों पर भी खंभे और ट्रांसफाॅर्मर हैं खतरनाक
गोरखपुर। शहर में बिजली के खतरनाक खंभे, ट्रांसफॉर्मर और जर्जर तार हादसों की वजह बन रहे हैं। फलमंडी के पीछे मिर्जापुर में बृहस्पतिवार को बारिश के दौरान एबी केबल में लीकेज से उतरे करंट की चपेट में आने से बालक पुरुषोत्तम की मौत हो गई। घटना के बाद भी शहर के अन्य संवेदनशील स्थानों पर बिजली के ढांचे की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं नालों की सफाई भी इसकी वजह है।
बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान एबी केबल में लीकेज होने से आसपास करंट उतर गया था। बिजली अधिकारियों ने इसकी प्राथमिक जांच की तो मामला यह सामने आया। इसी की चपेट में आने से बालक की जान चली गई। आगे होने वाली घटना की जांच में हादसे की अन्य वजहें भी सामने आ सकती है। बिजली निगम की ओर से शहर के खतरनाक खंभे, खुले तार और ट्रांसफॉर्मर भी खतरनाक बने हुए हैं, जिसे ठीक नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह हादसे की वजह बन सकते हैं।
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फल मंडी के पीछे जहां बृहस्पतिवार को करंट से किशोर की मौत हुई थी वहां पर सड़क कम चौड़ी है, नाला चौड़ा है जिससे बिजली का खंभे नाले के पास है। 200 मीटर के आसपास ही खुले में सड़क से सटे ट्रांसफाॅर्मर भी है जो आने-जाने वालों के लिए खतरा हैं।
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इसके साथ ही शहर में कई स्थानों पर खंभे और ट्रांसफाॅर्मर सड़क किनारे या आबादी के बीच लगे हैं। सिविल लाइंस के विद्यालय रोड पर बारिश में पानी भी भर जाता है, बच्चे व अभिवावक यहां आते हैं। यहां बिजली के खंभे लगे हैं, जिसमें करंट उतरने का खतरा रहता है। वहीं रेती रोड, कोतवाली रोड, लालडिग्गी, बेतियाहाता, घंटाघर आदि कई जगहों पर कुछ पोल या तो जर्जर हैं या झुके हुए हैं। इस खंभे को कवर भी नहीं किया गया है। बारिश के दौरान इनके आसपास जलभराव होने पर खतरा और बढ़ जाता है। इसके बावजूद समय रहते ऐसे स्थानों को चिह्नित कर जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
मोगलहा में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से छात्रा की हुई थी मौत
गुलरिहा के मोगलहा में 14 सितंबर 2025 को छात्रा हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। छात्रा अपनी मां के साथ निर्माणाधीन मकान पर हो रहे काम को देखने पहुंची थी। इसी दौरान मकान की छत के करीब से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट आ गई थी। तिवारीपुर उपकेंद्र पर तैनात संविदा कर्मी मो सलीम उर्फ राजू की नौ फरवरी को करंट लगने से मौत हो गई थी। जिला अस्पताल पहुंचे परिजन ने बिजली निगम के जिम्मेदारों को पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग सड़क जाम कर दिया था। वहीं, 17 जुलाई 2025 को ब्रह्मपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रामपुरा के प्रांगण में स्थापित ट्रांसफाॅर्मर के स्टे वायर में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से कक्षा पांचवीं के छात्र अंकित की मौत हो गई थी। 12 फरवरी 25 को झंगहा के कुडिहवा के रहने वाले कमलेश निषाद के घर रविवार की लड़की के विवाह का आयोजन था। इसी दौरान हाईटेंशन तार से रोड लाइट में उतर आया जिससे देवरिया रुद्रपुर कोतवाली के रहने वाले 19 वर्षीय सचिन की मौत हो गई थी।
कोट
किशोर के करंट लगने वाले स्थल पर जाकर देखा गया है। एबी केबल में लीकेज से करंट उतरने की बात सामने आ रही है। हालांकि यह करंट बारिश से ही आया था, इसे ठीक करा लिया गया है। जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय से हो रही है। फिलहाल मृतक के घरवालों को कुछ सहायता की गई है, जल्द ही बड़ी सहायता राशि भी दी जाएगी।
- अंकित कुमार, अधिशासी अभियंता टाउनहॉल
- नाले साफ नहीं होने से भी होता है जलभराव
बारिश के समय नालों से बारिश का पानी नहीं निकलने के कारण जलभराव हो रहा है। बिजली के खंभे भी पानी में ही रहते हैं इस कारण लोगों को करंट का डर लगता है। नगर निगम की ओर से नालों की सफाई कराने के बाद भी कचरा पूरी तरह साफ नहीं हो रहा है जिससे यह भी जलभराव की वजह बन रहे हैं। इसको लेकर अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि नाले व गलियां हमेशा साफ होती हैं। नाले का निरीक्षण का सफाई आए दिन करवाई जाती है। घटना स्थल पर भी नाले की सफाई करवाई गई थी।
- दो बेटियों की शादी करनी है...मेरा जवान बेटा चला गया, क्या पैसे से उसकी हो पाएगी भरपाई
- पिता बोले- पढ़ाई के साथ काम कर परिवार का सहारा बनता था बेटा, अब आगे की जिम्मेदारी कौन उठाएगा
गुलरिहा। दो बेटियों की शादी करनी है। मेरा जवान बेटा चला गया। पांच लाख रुपये मिलने से क्या मेरे बेटे की भरपाई हो पाएगी। बृहस्पतिवार को बिजली के खंभे के संपर्क में आने से 16 वर्षीय बेटे पुरुषोत्तम की मौत के बाद शुक्रवार को मेडिकल काॅलेज में पोस्टमार्टम हाउस के पास पिता पप्पू के निकले ये शब्द परिवार की बेबसी और दर्द बयां कर रहे थे। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बांसगांव थाना क्षेत्र के धमऊर गांव निवासी पप्पू खोराबार थाना क्षेत्र के मिर्जापुर में परिवार के साथ किराये के कमरे में रहकर ठेला चलाते हैं। उनका 16 वर्षीय बेटा पुरुषोत्तम महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र था। बृहस्पतिवार को रुस्तमपुर के राजीवनगर के पास सामान लेने जाते समय बिजली के खंभे के संपर्क में आने से करंट की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस के पास पिता ने बताया कि चार भाई-बहनों में पुरुषोत्तम पढ़ाई के साथ परिवार की मदद करता था। वह उनके लिए बेटे से ज्यादा सहारा था। अब दो बेटियों की शादी और छोटे बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उनके सामने है। बेटे के चले जाने से परिवार का आर्थिक सहारा भी खत्म हो गया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी के बाद बिजली विभाग के जेई और एसडीओ मौके पर पहुंचे थे और मुलाकात की थी। अधिकारियों ने आपदा राहत कोष से एक सप्ताह के भीतर पांच लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया है। पिता का कहना है कि आर्थिक सहायता जरूरी है लेकिन बेटे को खोने का दर्द और परिवार के भविष्य की चिंता इससे खत्म नहीं हो सकती।