{"_id":"695eab5b4e7943a1f50a2b47","slug":"jk-hospital-quack-arrested-in-case-of-pregnant-womans-death-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1189924-2026-01-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: इंटर फेल है जावेद...बन गया डॉक्टर, प्रसूता का किया था ऑपरेशन- हो गई थी मौत; गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: इंटर फेल है जावेद...बन गया डॉक्टर, प्रसूता का किया था ऑपरेशन- हो गई थी मौत; गिरफ्तार
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:34 PM IST
विज्ञापन
सार
चार जनवरी 2023 को सत्यम हॉस्पिटल में गर्भवती महिला की मौत के बाद डिप्टी सीएमओ अनिल कुमार सिंह ने सत्यम हॉस्पिटल को सील कर दिया था। छह महीने बाद आरोपी बिना किसी स्वीकृति के बंद अस्पताल का सील तोड़कर जेके हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल चलाने लगा।
गुलरिहा में गिरफ्तार झोलाछाप जावेद। स्रोत : पुलिस
विज्ञापन
विस्तार
गुलरिहा थाना क्षेत्र के भटहट स्थित जेके अस्पताल में गर्भवती की मौत के मामले में पुलिस ने अस्पताल संचालक झोलाछाप जावेद खान को जंगल माघी नहर के पास से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोप है कि झोलाछाप ने गर्भवती महिला को प्रसव से पहले इंजेक्शन लगाया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के परसौना निवासी रीतू (24) की शादी महराजगंज, श्यामदेउरवां के ग्राम लखिमा निवासी सुनील से हुई थी। रीतू गर्भवती थी। वह फिलहाल मायके में रह रही थी। तीन जनवरी की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे भटहट स्थित जेके अस्पताल ले गए।
Trending Videos
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के परसौना निवासी रीतू (24) की शादी महराजगंज, श्यामदेउरवां के ग्राम लखिमा निवासी सुनील से हुई थी। रीतू गर्भवती थी। वह फिलहाल मायके में रह रही थी। तीन जनवरी की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे भटहट स्थित जेके अस्पताल ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
पति ने आरोप लगाया कि प्रसव कराने के लिए अस्पताल स्टाफ ने 40 हजार रुपये की मांग की, जिसका उन्हें भुगतान करना पड़ा। दोपहर में रीतू की हालत बिगड़ गई। रीतू की बहन विमला ने बताया कि अस्पताल की ओर से लापरवाही के चलते उनकी बहन की मौत हो गई।
आरोप है कि संचालक ने परिवार को बताए बिना रीतू को अपनी कार से मेडिकल कॉलेज गेट पर छोड़ दिया। परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे लेकिन अस्पताल संचालक और स्टाफ वहां नहीं था। शाम 5:30 बजे तक शव रखकर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया गया।
आरोप है कि संचालक ने परिवार को बताए बिना रीतू को अपनी कार से मेडिकल कॉलेज गेट पर छोड़ दिया। परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे लेकिन अस्पताल संचालक और स्टाफ वहां नहीं था। शाम 5:30 बजे तक शव रखकर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया गया।
मौके पर पुलिस भी पहुंची। गुलरिहा पुलिस ने रीतू के पति की तहरीर पर जावेद खान, उसके भाई इम्तियाज खान और स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। बताया जा रहा है कि तीन साल पहले भी अस्पताल सील हुआ था। इसके बाद फिर शुरू कर दिया गया था।
मामले में अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। भागे अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है: रवि सिंह, सीओ, गोरखनाथ
मामले में अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। भागे अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है: रवि सिंह, सीओ, गोरखनाथ
इंटर फेल है जावेद...फैजाबाद के डॉ. इब्राहिम के नाम पर कराया था पंजीकरण
गुलरिहा के भटहट में अस्पताल संचालित करने वाला जावेद इंटरमीडिएट फेल है। उसने पहले तरकुलहा चौराहे पर मेडिकल स्टोर खोला था। इसके बाद अस्पताल खोलकर मरीजों का इलाज करने लगा। पता चला है कि उसने फैजाबाद के डॉ. इब्राहिम के नाम पर अस्पताल का पंजीकरण कराया था।
इब्राहिम कभी इस अस्पताल पर नहीं आया। इस फर्जीवाड़े पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की नजर नहीं पड़ी। बेखौफ होकर वह मरीजों का इलाज करता रहा।
गुलरिहा के भटहट में अस्पताल संचालित करने वाला जावेद इंटरमीडिएट फेल है। उसने पहले तरकुलहा चौराहे पर मेडिकल स्टोर खोला था। इसके बाद अस्पताल खोलकर मरीजों का इलाज करने लगा। पता चला है कि उसने फैजाबाद के डॉ. इब्राहिम के नाम पर अस्पताल का पंजीकरण कराया था।
इब्राहिम कभी इस अस्पताल पर नहीं आया। इस फर्जीवाड़े पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की नजर नहीं पड़ी। बेखौफ होकर वह मरीजों का इलाज करता रहा।
सूत्रों ने बताया कि जावेद तरकुलहा चौराहे पर मेडिकल स्टोर चलाकर लोगों का इलाज करता था। यहीं से उसने हॉस्पिटल के कारोबार में कदम रखा और अपने भाई इम्तियाज को पार्टनर बनाया। अस्पताल का नाम सत्यम रखा था। इम्तियाज भटहट कस्बे में लेडीज सूट की दुकान चलाता है। घटना के बाद से इम्तियाज भागा हुआ है।
चार जनवरी 2023 को सत्यम हॉस्पिटल में गर्भवती महिला की मौत के बाद डिप्टी सीएमओ अनिल कुमार सिंह ने सत्यम हॉस्पिटल को सील कर दिया था। छह महीने बाद आरोपी बिना किसी स्वीकृति के बंद अस्पताल का सील तोड़कर जेके हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल चलाने लगा।
चार जनवरी 2023 को सत्यम हॉस्पिटल में गर्भवती महिला की मौत के बाद डिप्टी सीएमओ अनिल कुमार सिंह ने सत्यम हॉस्पिटल को सील कर दिया था। छह महीने बाद आरोपी बिना किसी स्वीकृति के बंद अस्पताल का सील तोड़कर जेके हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल चलाने लगा।
अस्पताल का पंजीकरण फैजाबाद के रहने वाले डॉक्टर इब्राहिम के नाम पर कराया गया, जिसने अब तक अस्पताल की स्थिति तक नहीं देखी। इस बार जावेद ने अपने छोटे भाई इम्तियाज को अस्पताल का संचालक बनाया और स्वयं उसकी देखरेख करता रहा।
इस अस्पताल में कुशीनगर जिले के रामपुर चौबे निवासी एक युवक भी पैरामेडिकल स्टाफ के रूप में काम करने आया। धीरे-धीरे दोनों ने काम सीखकर ओपीडी संभालना शुरू कर दिया। इनके साथ एक युवती भी शामिल हो गई और ऑपरेशन करने लगी। अब मामला सामने आने के बाद वह भी भाग गई है।
इस अस्पताल में कुशीनगर जिले के रामपुर चौबे निवासी एक युवक भी पैरामेडिकल स्टाफ के रूप में काम करने आया। धीरे-धीरे दोनों ने काम सीखकर ओपीडी संभालना शुरू कर दिया। इनके साथ एक युवती भी शामिल हो गई और ऑपरेशन करने लगी। अब मामला सामने आने के बाद वह भी भाग गई है।