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तस्करी का धंधा: सवा दो करोड़ रुपये के अवैध सोने के साथ तीन गिरफ्तार, कोलकाता से लेकर आ रहे थे
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:46 PM IST
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सार
गोरखपुर के हिंदी बाजार समेत अन्य बाजारों में इसे खपाया जाता है। डीआरआई को सूचना मिली कि बैंकॉक से खपाए जाने वाला सोना कोलकाता होकर गोरखपुर में आने वाला है। सूचना पर डीआरआई की टीम गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गईं। टीम ने कोलकाता से गोरखपुर आने वाली ट्रेन में अवैध सोने के साथ तीन तस्करों को पकड़ लिया। इनके पास से 1600 ग्राम सोना बरामद किया गया। डीआरआई फिलहाल पकड़े गए तस्करों से रैकेट के संबंध में पूछताछ कर रही है।
सोना( सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने बुधवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सवा दो करोड़ रुपये के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोलकाता से अवैध सोना लेकर गोरखपुर आए थे। सूत्रों का कहना है कि बैंकॉक से कोलकाता के रास्ते आया यह अवैध सोना गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज और देवरिया में खपाने की तैयारी थी।
टीम ने वाराणसी में विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार की अदालत में गिरफ्तार तीन आरोपियों को पेश किया। कोर्ट ने गोरखपुर निवासी आशीष कुमार, गंगा सागर गुप्ता और जयप्रकाश को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। डीआरआई गोरखपुर के अधिकारी राहुल कुमार सिंह ने विशेष अभियोजक अधिकारी के माध्यम से अदालत में आवेदन देकर तीनों आरोपियों के न्यायिक रिमांड की मांग की।
दरअसल, बैंकॉक से भारत में अवैध सोने का रैकेट कोलकाता से संचालित होता है। गोरखपुर के हिंदी बाजार समेत अन्य बाजारों में इसे खपाया जाता है। डीआरआई को सूचना मिली कि बैंकॉक से खपाए जाने वाला सोना कोलकाता होकर गोरखपुर में आने वाला है।
सूचना पर डीआरआई की टीम गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गईं। टीम ने कोलकाता से गोरखपुर आने वाली ट्रेन में अवैध सोने के साथ तीन तस्करों को पकड़ लिया। इनके पास से 1600 ग्राम सोना बरामद किया गया। डीआरआई फिलहाल पकड़े गए तस्करों से रैकेट के संबंध में पूछताछ कर रही है।
तीनों तस्कर शहर के, नेटवर्क खंगाल रही एजेंसी
एजेंसी की तरफ से पकड़े गए तीनों आरोपी गोरखपुर के रहने वाले हैं। अभी तक की तफ्तीश में सामने आया है कि इनका नेटवर्क शहर के कुछ धंधेबाजों से जुड़ा हैं। ऐसे में हिंदी बाजार के कुछ धंधेबाज भी एजेंसी के रडार पर हैं।
गोरखपुर मंडल में खपाने की योजना
एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के पास से कुछ धंधेबाजों के रिकॉर्ड भी मिले हैं। डायरी में कुछ नाम भी सामने आए हैं। ये नाम कुशीनगर, महराजगंज और देवरिया के धंधेबाजों के हैं। एजेंसी मान रही है कि तस्करी का सोना मंडल के इन जिलों में खपाने की तैयारी थी।
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टीम ने वाराणसी में विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार की अदालत में गिरफ्तार तीन आरोपियों को पेश किया। कोर्ट ने गोरखपुर निवासी आशीष कुमार, गंगा सागर गुप्ता और जयप्रकाश को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। डीआरआई गोरखपुर के अधिकारी राहुल कुमार सिंह ने विशेष अभियोजक अधिकारी के माध्यम से अदालत में आवेदन देकर तीनों आरोपियों के न्यायिक रिमांड की मांग की।
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दरअसल, बैंकॉक से भारत में अवैध सोने का रैकेट कोलकाता से संचालित होता है। गोरखपुर के हिंदी बाजार समेत अन्य बाजारों में इसे खपाया जाता है। डीआरआई को सूचना मिली कि बैंकॉक से खपाए जाने वाला सोना कोलकाता होकर गोरखपुर में आने वाला है।
सूचना पर डीआरआई की टीम गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गईं। टीम ने कोलकाता से गोरखपुर आने वाली ट्रेन में अवैध सोने के साथ तीन तस्करों को पकड़ लिया। इनके पास से 1600 ग्राम सोना बरामद किया गया। डीआरआई फिलहाल पकड़े गए तस्करों से रैकेट के संबंध में पूछताछ कर रही है।
तीनों तस्कर शहर के, नेटवर्क खंगाल रही एजेंसी
एजेंसी की तरफ से पकड़े गए तीनों आरोपी गोरखपुर के रहने वाले हैं। अभी तक की तफ्तीश में सामने आया है कि इनका नेटवर्क शहर के कुछ धंधेबाजों से जुड़ा हैं। ऐसे में हिंदी बाजार के कुछ धंधेबाज भी एजेंसी के रडार पर हैं।
गोरखपुर मंडल में खपाने की योजना
एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के पास से कुछ धंधेबाजों के रिकॉर्ड भी मिले हैं। डायरी में कुछ नाम भी सामने आए हैं। ये नाम कुशीनगर, महराजगंज और देवरिया के धंधेबाजों के हैं। एजेंसी मान रही है कि तस्करी का सोना मंडल के इन जिलों में खपाने की तैयारी थी।