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UP: व्रत में कुट्टू के आटे की पूड़ी खाकर दो महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, रहें आप भी सतर्क- रखें ये खास ख्याल
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 22 Mar 2026 02:24 AM IST
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सार
फिजिशियन डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि व्रत के दौरान अधिक तला-भुना खाने से बचना चाहिए और हल्का भोजन जैसे फल, उबला आलू और दही को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो। अगर व्रत के दौरान किसी भी प्रकार की असहजता महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और लापरवाही न बरतें।
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विस्तार
नवरात्र के दौरान व्रत में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ अब लोगों की सेहत पर भारी डाल रहे हैं। व्रत में कुट्टू के आटे की पूड़ी खाने के बाद दो महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है, जिन्हें उपचार के लिए एम्स में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, व्रत में इस्तेमाल होने वाले आटे और तेल की गुणवत्ता में लापरवाही पेट संबंधी समस्याओं को बढ़ा रही है।
एम्स गोरखपुर की ओपीडी में इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिन्हें व्रत के दौरान खाए गए भोजन के कारण पेट दर्द, उल्टी, गैस और अपच जैसी शिकायतें हो रही हैं। डॉक्टरों ने बताया कि पिछले साल नवरात्र के दौरान भी करीब 15 मरीज इसी तरह की समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंचे थे।
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एम्स गोरखपुर की ओपीडी में इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिन्हें व्रत के दौरान खाए गए भोजन के कारण पेट दर्द, उल्टी, गैस और अपच जैसी शिकायतें हो रही हैं। डॉक्टरों ने बताया कि पिछले साल नवरात्र के दौरान भी करीब 15 मरीज इसी तरह की समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंचे थे।
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एम्स के चिकित्सकों का कहना है कि व्रत में इस्तेमाल होने वाला कुट्टू और सिंघाड़े का आटा जल्दी खराब हो जाता है। यदि इसे लंबे समय तक खुले में रखा जाए या उसमें नमी लग जाए तो इसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसके अलावा बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल भी समस्या को बढ़ा सकता है।
जांच और परिजनों से पूछताछ में पता चला कि महिलाओं ने पिछले नवरात्र का रखा हुआ आटा इस्तेमाल किया था और उसी की पूड़ी बनाकर खाई थी। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि व्रत के दौरान ताजा और विश्वसनीय स्रोत से ही आटा खरीदें। पैकिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। घर पर आटा रखने की स्थिति में उसे सूखी और ठंडी जगह पर स्टोर करें।
फिजिशियन डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि व्रत के दौरान अधिक तला-भुना खाने से बचना चाहिए और हल्का भोजन जैसे फल, उबला आलू और दही को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो। अगर व्रत के दौरान किसी भी प्रकार की असहजता महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और लापरवाही न बरतें।
जांच और परिजनों से पूछताछ में पता चला कि महिलाओं ने पिछले नवरात्र का रखा हुआ आटा इस्तेमाल किया था और उसी की पूड़ी बनाकर खाई थी। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि व्रत के दौरान ताजा और विश्वसनीय स्रोत से ही आटा खरीदें। पैकिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। घर पर आटा रखने की स्थिति में उसे सूखी और ठंडी जगह पर स्टोर करें।
फिजिशियन डॉ. अजय मिश्रा ने बताया कि व्रत के दौरान अधिक तला-भुना खाने से बचना चाहिए और हल्का भोजन जैसे फल, उबला आलू और दही को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो। अगर व्रत के दौरान किसी भी प्रकार की असहजता महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और लापरवाही न बरतें।
केस एक
शहर के शाहपुर क्षेत्र की रहने वाली 38 वर्षीय सुनीता ने व्रत में कुट्टू के आटे की पूड़ी खाई थी। कुछ ही घंटों बाद उन्हें तेज पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने लगे। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें एम्स में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ।
केस दो
बशारतपुर की 42 वर्षीय रेखा ने भी व्रत के दौरान बाजार से लाए गए सिंघाड़े के आटे का उपयोग किया। पूड़ी खाने के बाद उन्हें पेट में मरोड़ और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। डॉक्टरों ने जांच में फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति पाई, जिसका कारण दूषित या बासी आटा हो सकता है।
शहर के शाहपुर क्षेत्र की रहने वाली 38 वर्षीय सुनीता ने व्रत में कुट्टू के आटे की पूड़ी खाई थी। कुछ ही घंटों बाद उन्हें तेज पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने लगे। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें एम्स में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ।
केस दो
बशारतपुर की 42 वर्षीय रेखा ने भी व्रत के दौरान बाजार से लाए गए सिंघाड़े के आटे का उपयोग किया। पूड़ी खाने के बाद उन्हें पेट में मरोड़ और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। डॉक्टरों ने जांच में फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति पाई, जिसका कारण दूषित या बासी आटा हो सकता है।
कुट्टू का आटा खाने से महिला की तबीयत बिगड़ी, उल्टी-दस्त के बाद अस्पताल में भर्ती
नवरात्र व्रत के दौरान फलाहार में लापरवाही एक महिला की सेहत पर भारी पड़ गई। शिवपुर, साहबगंज निवासी 62 वर्षीय शशिकला यादव की तबीयत कुट्टू का आटा खाने के बाद अचानक बिगड़ गई। सेवन के कुछ ही समय बाद उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई, जिससे घर में अफरा-तफरी मच गई।
परिजनों ने हालत गंभीर होते देख शुक्रवार शाम उन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू कर उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा। उपचार के बाद स्थिति में सुधार होने पर शनिवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
नवरात्र व्रत के दौरान फलाहार में लापरवाही एक महिला की सेहत पर भारी पड़ गई। शिवपुर, साहबगंज निवासी 62 वर्षीय शशिकला यादव की तबीयत कुट्टू का आटा खाने के बाद अचानक बिगड़ गई। सेवन के कुछ ही समय बाद उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई, जिससे घर में अफरा-तफरी मच गई।
परिजनों ने हालत गंभीर होते देख शुक्रवार शाम उन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू कर उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा। उपचार के बाद स्थिति में सुधार होने पर शनिवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
परिजनों के अनुसार, शशिकला यादव पिछले दो-तीन दिनों से व्रत के दौरान कुट्टू का आटा, साबूदाना और तिन्नी (फलाहारी) चावल का सेवन कर रही थीं। आशंका जताई जा रही है कि खराब या बासी आटा खाने अथवा पाचन संबंधी समस्या के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी।
जिला अस्पताल की फिजिशियन डॉ. नेहा कपूर ने कहा कि व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री ताजा और विश्वसनीय स्रोत से ही खरीदें। पैकिंग, एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें। साथ ही खाद्य सामग्री को सूखी और साफ जगह पर सुरक्षित रखें ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
जिला अस्पताल की फिजिशियन डॉ. नेहा कपूर ने कहा कि व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री ताजा और विश्वसनीय स्रोत से ही खरीदें। पैकिंग, एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें। साथ ही खाद्य सामग्री को सूखी और साफ जगह पर सुरक्षित रखें ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।