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Gorakhpur News: अधिवक्ताओं से मांगा गया आपराधिक मामलों का विवरण
Fri, 31 Jul 2026 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:42 AM IST
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- उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की ओर से भेजे गए पत्र के बाद बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट ने सभी सदस्यों को जारी किए निर्देश
- तीन अगस्त तक बार एसोसिएशन कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी लिखित में जानकारी
गोरखपुर। बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट, गोरखपुर ने सभी सदस्यों को आपराधिक मामलों का विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिन अधिवक्ताओं के विरुद्ध किसी भी आपराधिक मामले में प्राथमिकी दर्ज है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है अथवा मामला न्यायालय में विचाराधीन है, उन्हें तीन अगस्त तक अपने प्रकरण की वर्तमान स्थिति लिखित रूप में बार एसोसिएशन को देना होगा।
बार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पत्र और मो. कफील बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जारी किया गया है। बार काउंसिल ने ऐसे अधिवक्ताओं की सूची तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है जिनके विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज या लंबित हैं।
बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट के मंत्री अनुज अस्थाना ने निर्देश में स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक जानकारी उपलब्ध न कराने अथवा गलत जानकारी देने की स्थिति में संबंधित अधिवक्ता स्वयं जिम्मेदार होंगे। उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
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- तीन अगस्त तक बार एसोसिएशन कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी लिखित में जानकारी
गोरखपुर। बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट, गोरखपुर ने सभी सदस्यों को आपराधिक मामलों का विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिन अधिवक्ताओं के विरुद्ध किसी भी आपराधिक मामले में प्राथमिकी दर्ज है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है अथवा मामला न्यायालय में विचाराधीन है, उन्हें तीन अगस्त तक अपने प्रकरण की वर्तमान स्थिति लिखित रूप में बार एसोसिएशन को देना होगा।
बार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पत्र और मो. कफील बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जारी किया गया है। बार काउंसिल ने ऐसे अधिवक्ताओं की सूची तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है जिनके विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज या लंबित हैं।
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बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट के मंत्री अनुज अस्थाना ने निर्देश में स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक जानकारी उपलब्ध न कराने अथवा गलत जानकारी देने की स्थिति में संबंधित अधिवक्ता स्वयं जिम्मेदार होंगे। उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
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