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Gorakhpur News: दंत उपचार में लापरवाही... किडनी ट्रांसप्लांट मरीज की हालत गंभीर
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- बिना सहमति दो दांत उखाड़ने और गलत दवाइयों से किडनी खराब होने का आरोप
- गलत इलाज से बढ़ा क्रिएटिनिन, डायलिसिस की नौबत, पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में दर्ज कराई प्राथमिकी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र में इलाज के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि दंत उपचार के दौरान की गई लापरवाही से किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके एक युवक की हालत बिगड़ गई। बिना सहमति दांत उखाड़े गए और ऐसी दवाइयां दी गईं, जिससे उनकी ट्रांसप्लांट की गई किडनी फिर से खराब हो गई।
कैंपियरगंज के महावनखोर निवासी कार्तिकेय मिश्रा (32) ने एसीजेएम-2 न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने जुबली काॅलेज रोड स्थित ओम डेंटल क्लीनिक के डॉक्टर मुदित गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कार्तिकेय मिश्रा ने बताया कि उनका वर्ष 2014 में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। इसके बाद वह नियमित इलाज और परहेज के साथ सामान्य जीवन जी रहे थे। करीब दो माह पूर्व उनके एक दांत में तेज दर्द शुरू हुआ, जिसके इलाज के लिए वह एक अगस्त 2025 को चित्रगुप्त मंदिर के पास, जुबली कॉलेज रोड स्थित ओम डेंटल क्लीनिक पहुंचे।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने डेंटल क्लीनिक संचालक डॉ. मुदित गुप्ता को पहले ही स्पष्ट रूप से अपनी किडनी ट्रांसप्लांट की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद डॉक्टर ने बिना पूर्व अनुमति और जानकारी दिए उन्हें अचेत कर दिया और दो दांत उखाड़ दिए।
होश में आने के बाद जब उन्होंने इसका विरोध किया तो डॉक्टर ने दांत खराब होने की बात कहकर मामला टाल दिया। आरोप है कि इसके बाद डॉ. मुदित गुप्ता द्वारा दी गई दवाइयों का सेवन करने से उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर वह हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता मेडिसिटी अस्पताल पहुंचे, जहां जांच में पता चला कि गलत दवाइयों के कारण उनका क्रिएटिनिन लेवल खतरनाक रूप से बढ़ गया है और डायलिसिस की नौबत आ गई है।
पीड़ित का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर दोबारा ओम डेंटल क्लीनिक पहुंचे तो डॉ. मुदित गुप्ता ने उन्हें धमकी देते हुए फर्जी मुकदमे में फंसा कर जेल भिजवाने की धमकी दी। मामले की शिकायत उन्होंने थाना कोतवाली में की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 12 सितंबर 2025 को एसएसपी राज करन नय्यर को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थनापत्र भेजा, फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने एसीजेएम-2 न्यायालय से कार्रवाई की मांग की।
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वर्जन
कोर्ट के आदेश पर डेंटिस्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-ओंकार दत्त तिवारी, सीओ, कोतवाली
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र में इलाज के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि दंत उपचार के दौरान की गई लापरवाही से किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके एक युवक की हालत बिगड़ गई। बिना सहमति दांत उखाड़े गए और ऐसी दवाइयां दी गईं, जिससे उनकी ट्रांसप्लांट की गई किडनी फिर से खराब हो गई।
कैंपियरगंज के महावनखोर निवासी कार्तिकेय मिश्रा (32) ने एसीजेएम-2 न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने जुबली काॅलेज रोड स्थित ओम डेंटल क्लीनिक के डॉक्टर मुदित गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कार्तिकेय मिश्रा ने बताया कि उनका वर्ष 2014 में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। इसके बाद वह नियमित इलाज और परहेज के साथ सामान्य जीवन जी रहे थे। करीब दो माह पूर्व उनके एक दांत में तेज दर्द शुरू हुआ, जिसके इलाज के लिए वह एक अगस्त 2025 को चित्रगुप्त मंदिर के पास, जुबली कॉलेज रोड स्थित ओम डेंटल क्लीनिक पहुंचे।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने डेंटल क्लीनिक संचालक डॉ. मुदित गुप्ता को पहले ही स्पष्ट रूप से अपनी किडनी ट्रांसप्लांट की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद डॉक्टर ने बिना पूर्व अनुमति और जानकारी दिए उन्हें अचेत कर दिया और दो दांत उखाड़ दिए।
होश में आने के बाद जब उन्होंने इसका विरोध किया तो डॉक्टर ने दांत खराब होने की बात कहकर मामला टाल दिया। आरोप है कि इसके बाद डॉ. मुदित गुप्ता द्वारा दी गई दवाइयों का सेवन करने से उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर वह हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता मेडिसिटी अस्पताल पहुंचे, जहां जांच में पता चला कि गलत दवाइयों के कारण उनका क्रिएटिनिन लेवल खतरनाक रूप से बढ़ गया है और डायलिसिस की नौबत आ गई है।
पीड़ित का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर दोबारा ओम डेंटल क्लीनिक पहुंचे तो डॉ. मुदित गुप्ता ने उन्हें धमकी देते हुए फर्जी मुकदमे में फंसा कर जेल भिजवाने की धमकी दी। मामले की शिकायत उन्होंने थाना कोतवाली में की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 12 सितंबर 2025 को एसएसपी राज करन नय्यर को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थनापत्र भेजा, फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने एसीजेएम-2 न्यायालय से कार्रवाई की मांग की।
वर्जन
कोर्ट के आदेश पर डेंटिस्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-ओंकार दत्त तिवारी, सीओ, कोतवाली
