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Gorakhpur News: माल ढुलाई बढ़ाने को एनईआर-आईआईएम रायपुर में करार
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गोरखपुर। माल ढुलाई और लोडिंग क्षमता को बढ़ाने की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) ने एक अहम कदम उठाया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एनईआर और आईआईएम रायपुर के बीच औपचारिक समझौता किया गया है। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (एफएम) की मौजूदगी में दोनों संस्थानों के अधिकारियों ने करार पर हस्ताक्षर किए।
इस पहल का उद्देश्य रेलवे की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और परिचालन दक्षता में सुधार लाना है। समझौते के तहत आईआईएम रायपुर की टीम अगले तीन महीने में विस्तृत अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर एनईआर अपने तीनों मंडलों में आवश्यक बदलाव लागू करेगा, जिससे माल ढुलाई में तेजी लाई जा सके।
वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो भारतीय रेलवे की कुल माल ढुलाई में एनईआर की हिस्सेदारी बेहद कम, महज 0.25 प्रतिशत है। इसे बढ़ाकर 1.5 से 2 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जहां पूरे भारतीय रेलवे में सालाना 1700 से 1750 मीट्रिक टन माल की ढुलाई होती है, वहीं एनईआर का योगदान करीब 4 मीट्रिक टन तक सीमित है।
इस पहल का उद्देश्य रेलवे की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और परिचालन दक्षता में सुधार लाना है। समझौते के तहत आईआईएम रायपुर की टीम अगले तीन महीने में विस्तृत अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर एनईआर अपने तीनों मंडलों में आवश्यक बदलाव लागू करेगा, जिससे माल ढुलाई में तेजी लाई जा सके।
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वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो भारतीय रेलवे की कुल माल ढुलाई में एनईआर की हिस्सेदारी बेहद कम, महज 0.25 प्रतिशत है। इसे बढ़ाकर 1.5 से 2 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जहां पूरे भारतीय रेलवे में सालाना 1700 से 1750 मीट्रिक टन माल की ढुलाई होती है, वहीं एनईआर का योगदान करीब 4 मीट्रिक टन तक सीमित है।
