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1000 लोग 50 घंटे बिजली के लिए तरसे: 10 पेड़ गिरे, 26 बिजली के खंभे टूटे- दो रात लोगों ने अंधेरे में गुजारी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:44 AM IST
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सार
वनटांगिया बस्ती की हरिजन बस्ती, सोखा टोला और रामसरिया टोला के 200 परिवारों के 1,000 से अधिक लोग सोमवार दोपहर आई आंधी के बाद से ही अंधेरे में रहने को विवश थे। आंधी के कारण जंगल में बिजली के 26 पोल टूट गए थे, इससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। बुधवार की शाम 6:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल करवाई गई।
वनटांगिया गांव में बिजली मरम्मत का काम करते संविदाकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
वनटांगिया क्षेत्र के लोगों को बीते सोमवार की दोपहर से भीषण कटौती का सामना करना पड़ा। लगातार दो रात बिजली न रहने से पूरा इलाका अंधेरे और उमस भरी गर्मी की चपेट में रहा। भीषण गर्मी के बीच बिजली गुल होने से स्थानीय लोगों के सामने पेयजल और जलापूर्ति का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल संबंधित बिजली निगम के अधिकारियों को दी गई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने लापरवाही बरती और लंबे समय तक आपूर्ति बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इससे ग्रामीणों को दो रातें और तीन दिन नरकीय स्थिति में काटने को विवश होना पड़ा।
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बुधवार की शाम करीब 06:30 बजे बिजली आपूर्ति दोबारा चालू हो सकी। पूरे 50 घंटे से अधिक समय के बाद बिजली आने पर स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली। रजही क्षेत्र स्थित वनटांगिया बस्ती की हरिजन बस्ती, सोखा टोला और रामसरिया टोला के 200 परिवारों के 1,000 से अधिक लोग सोमवार दोपहर आई आंधी के बाद से ही अंधेरे में रहने को विवश थे।
आंधी के कारण जंगल में बिजली के 26 पोल टूट गए थे, इससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद बिजली निगम ने बुधवार से पोल ठीक करने और तार खींचने का काम शुरू किया। इस दौरान पूरे दिन लोग बिजली न होने से परेशान रहे।
आंधी के कारण जंगल में बिजली के 26 पोल टूट गए थे, इससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद बिजली निगम ने बुधवार से पोल ठीक करने और तार खींचने का काम शुरू किया। इस दौरान पूरे दिन लोग बिजली न होने से परेशान रहे।
क्षेत्र के रामदयाल निषाद और राजकुमार ने बताया कि सोमवार को आई आंधी के बाद से ही यहां बिजली आपूर्ति ठप थी, जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस संबंध में नईयापार के जेई सुभाष चंद्र मौर्य ने बताया कि आंधी के कारण 10 बड़े पेड़ गिर गए थे, जिससे कई खंभे और तार क्षतिग्रस्त हुए। मरम्मत का कार्य मंंगलवार से ही चल रहा था और बुधवार की शाम 6:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। वहीं, ग्रामीण प्रथम खंड के अधीक्षण अभियंता केके राठौर ने बताया कि 26 खंभों को ठीक कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
इस संबंध में नईयापार के जेई सुभाष चंद्र मौर्य ने बताया कि आंधी के कारण 10 बड़े पेड़ गिर गए थे, जिससे कई खंभे और तार क्षतिग्रस्त हुए। मरम्मत का कार्य मंंगलवार से ही चल रहा था और बुधवार की शाम 6:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। वहीं, ग्रामीण प्रथम खंड के अधीक्षण अभियंता केके राठौर ने बताया कि 26 खंभों को ठीक कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।