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Gorakhpur News: डीडीयू में 75 करोड़ के घाटे का बजट पेश
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया। इस बार 260 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है। इस बार भी विश्वविद्यालय में 75 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश हुआ है। साथ ही, अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में आयोजित वित्त समिति की बैठक में शोध, नवाचार, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उत्कृष्ट शोध कार्यों के प्रोत्साहन के लिए 10 लाख रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। इनोवेशन एवं बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), पेटेंट के लिए 35 लाख रुपये व इनक्यूबेशन एवं स्टार्टअप को आगे बढ़ने के लिए 50 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षकों की ओर से फाइल पेटेंट्स के लिए पूरे व्यय का वहन करता है। इसके अलावा ‘नवोन्मेष : द इनोवेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन’ की स्थापना की गई है।
बैठक के बाद कुलपति ने कहा कि यह बजट विश्वविद्यालय को शोध, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा। यह विद्यार्थियों और शोधार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा। बैठक में कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव, वित्त अधिकारी जय मंगल राव, कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव, लेखा अधिकारी जय गोविंद सिंह समेत वित्त समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में आयोजित वित्त समिति की बैठक में शोध, नवाचार, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उत्कृष्ट शोध कार्यों के प्रोत्साहन के लिए 10 लाख रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। इनोवेशन एवं बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), पेटेंट के लिए 35 लाख रुपये व इनक्यूबेशन एवं स्टार्टअप को आगे बढ़ने के लिए 50 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षकों की ओर से फाइल पेटेंट्स के लिए पूरे व्यय का वहन करता है। इसके अलावा ‘नवोन्मेष : द इनोवेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन’ की स्थापना की गई है।
बैठक के बाद कुलपति ने कहा कि यह बजट विश्वविद्यालय को शोध, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा। यह विद्यार्थियों और शोधार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा। बैठक में कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव, वित्त अधिकारी जय मंगल राव, कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव, लेखा अधिकारी जय गोविंद सिंह समेत वित्त समिति के सदस्य उपस्थित रहे।