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Gorakhpur Ground Report: अमर उजाला ने अलग-अलग जगह यूपी के विकास पर की बात, लोगों से रू-ब-रू होकर परखी हकीकत

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: Akash Dubey Updated Sat, 28 Mar 2026 03:46 PM IST
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सार

अमर उजाला ने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में जाकर सरकार के विकास के दावों की पड़ताल की। गोरखपुर में उद्योगों पर चर्चा के दौरान उद्यमियों ने बताया कि यहां रोजगार बढ़ा है और वनटांगिया गांव में लोगों ने बताया कि बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं।

Ground Report Amar Ujala talks about development of Uttar Pradesh in different areas
अपनी बात रखते वनटांगिया समुदाय के शिवधारी (पहली तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को करीब एक साल से भी कम समय बचा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार बीते वर्षों में कराए गए कामों और योजनाओं के दम पर आगामी चुनाव में जीत का दावा कर रही है। वहीं विपक्ष महंगाई, रोजगार समेत अन्य मुद्दों पर योगी सरकार को घेर रहा है। अमर उजाला की टीम सरकार के दावों और विपक्ष के आरोपों की गहराई को नापने के लिए प्रदेश के अलग-अलग शहरों और इलाकों में पहुंच रही है। जिसका उद्देश्य यह जानना है कि वहां के लोग किन बदलावों को महसूस कर रहे हैं और कहां अभी भी और सुधार की आवश्यकता है।

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पूर्वांचल में निवेश के पंख लगा रहा 'गीडा'
गीडा के उद्देश्य आखिरकार किस हद तक पूरे हुए हैं? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने इस पूरे इंडस्ट्रियल अथॉरिटी के क्षेत्र को मथा और लोगों और उद्योगपतियों से बात की। बातचीत के क्रम में अमर उजाला ने लघु उद्योग भारती के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक कारीवाल से बात की। उन्होंने बताया कि गीडा की स्थापना 1990 में हुई थी। उस समय बाहर के प्रदेशों से उद्यमियों को यहां लेकर आया गया। उनको बोल-बोलकर, बुला-बुलाकर लाया गया कि यहां उद्योग लगाएं। धीरे-धीरे यह प्रयास आकार लेते चला गया। आज के समय में गीडा के अंदर छोटी-बड़ी मिलाकर लगभग 900 फैक्टरियों चल रही हैं। गोरखपुर का उद्यम अच्छे से ग्रोथ कर रहा है, यहां की इंडस्ड्री में करीब 20 हजार लोगों को काम मिल रहा है। वहीं लघु उद्योग भारती के महासचिव सुधांशु टिबरेवाल ने बताया कि यहां की इंडस्ट्री का लगातार विस्तार हो रहा है। गोरखपुर का ग्रोथ इंजन गीडा है। नए प्रोजेक्ट और नए वेंचर यहीं लग रहे हैं। 
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यहां देखें पूरी बातचीत-


गोरखपुर के ग्रामीण क्षेत्र की कितनी बदली सूरत?
गोरखपुर के ग्रामीण क्षेत्र की सूरत कितनी बदली यह जानने के लिए अमर उजाला की टीम वनटांगिया गांव पहुंची। एक समय में यह इलाका पिछड़े इलाकों में गिना जाता था। टीम ने यहां के लोगों से जाना कि वह उत्तर प्रदेश को और विकास को किस तरह से देखते हैं और उनके जीवन पर इसका क्या असर पड़ा है प्रत्यक्ष रूप और अप्रत्यक्ष रूप से। वनटांगिया समुदाय से आने वाले शिवधारी ने बताया कि पहले न सड़क थी, न पानी था, न बिजली थी और न शौचालय था। अब सब आ गया है।

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रामगढ़ ताल पर गोरखपुर के शहरी विकास पर की गई बात
बातचीत की शुरुआत रामगढ़ ताल से हुई, जिस पर स्थानीय निवासी राणा प्रताप ने बताया कि पहले यहां बंधे थे, आज यहां सड़क बनी हुई है। सब लोग सुबह-सुबह यहां आते हैं टहलते हैं। हवा भी साफ स्वच्छ है। पहले यहां आने-जाने में दिक्कत थी लोग रात में आते नहीं थे। अब यहां रात 12-1 बजे भी आते हैं। एक अन्य स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने बताया कि क्राइम यहां चरम सीमा पर था, जिसे इस सरकार ने रोक दिया। विकास की गति आप खुद देख रहे हैं। 

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सपने से सफलता तक का सफर
महिला उद्यमी  संगीता पांडेय की कहानी हौसले और मेहनत की मिसाल है। उन्होंने वर्ष 2013 में महज 1500 रुपये से अपने सफर की शुरुआत की। नौकरी छोड़ने के बाद एक मिठाई की दुकान पर डिब्बे देखकर उनके मन में खुद यह काम शुरू करने का विचार आया, ताकि घर से काम करते हुए बच्चे की देखभाल भी कर सकें। संगीता रोज सुबह करीब ग्यारह बजे सुबह से शाम सात बजे तक साइकिल से बाजारों में घूमकर कच्चा माल और मार्केटिंग के तरीके तलाशती रहीं। इसी दौरान उन्होंने गोरखपुर के एक बड़े संस्थान में काम मिला, जहां से उन्हें अनुभव मिला और काम धीरे-धीरे बढ़ता गया। आज उनका कारोबार सालाना पांच से सात करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। संगीता का लक्ष्य अब अधिक से अधिक बेरोजगार महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।



 

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से गोरखपुर के विकास को लगे पंख
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण ने गोरखपुर के विकास को नई गति दी है। पहले जहां व्यापारियों को सामान भेजने और ट्रांसपोर्टेशन में काफी समय और लागत लगती थी, अब यह काम कम समय में आसानी से पूरा हो रहा है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण गोरखपुर की पहुंच प्रदेश के अन्य शहरों और बड़े बाजारों तक तेज और सुगम हो गई है। इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी बढ़े हैं। कुल मिलाकर, एक्सप्रेस-वे ने पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को मजबूत कर क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी है।



 
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