स्वच्छ भारत मिशन: शौचालय का निर्माण कराने पर ही मिलेगी दूसरी किस्त, चेतावनी के बाद भी नहीं शुरू हो रहा काम
अब तक लगभग 19,000 लाभार्थियों के बचत खाते में प्रथम किस्त के तौर पर 6,000-6,000 रुपये भेजे जा चुके हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना फेज दो के तहत, पहली किस्त मिलने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं कराने वालों को दूसरी किस्त नहीं जारी की जाएगी। बार-बार की चेतावनी के बाद भी निर्माण नहीं शुरू कराने वालों पर सख्ती के लिए पंचायतीराज विभाग ने यह निर्णय किया है।
विभाग के मुताबिक, इस योजना के तहत विभिन्न विकास खंडों की 963 ग्राम पंचायत में शौचालयों का निर्माण चल रहा है। अब तक लगभग 19,000 लाभार्थियों के बचत खाते में प्रथम किस्त के तौर पर 6,000-6,000 रुपये भेजे जा चुके हैं। 12,000 लाभार्थियों के शौचालयों का निर्माण पूर्ण कर, जियो टैग किया चुका है, जल्द ही उनके खाते में 6,000 रुपये की दूसरी किस्त भेज दी जाएगी।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि ऐसे 7,000 लाभार्थी हैं, जिनके शौचालय की फोटो जियो टैग नहीं हुई है। इनको दूसरी किस्त नहीं भेजी जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक बच्चा सिंह ने बताया कि शौचालयों के निर्माण के लिए, प्रत्येक विकास खंड में 10 सदस्यों की ओडीएफ प्लस टीम की व्यवस्था की गई है। टीम द्वारा ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों के घरों में पहुंच कर, शौचालय का निर्माण एवं प्रयोग की जानकारी दी जा रही है।
अब 10 तक दे सकते हैं फीडबैक
जिले की पंचायतों के लोग अब स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 के लिए 10 जनवरी तक फीडबैक दे सकते हैं। केंद्र सरकार की ओर से नागरिक फीडबैक की तिथि बढ़ा दी गई है। सिटीजन फीडबैक के मामले में प्रदेश में पहला स्थान कानपुर देहात का है। सात लाख पांच हजार 182 फीडबैक के साथ गोरखपुर दूसरे स्थान पर है। स्वच्छ ग्रामीण मिशन के जिला समन्वयक बच्चा सिंह ने बताया कि इस सूची में वाराणसी तीसरे तथा लखनऊ चौथे स्थान पर है।