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UP: 'गविष्टी यात्रा पूरी होने पर करेंगे गुरु गोरखनाथ का दर्शन'...बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Sun, 03 May 2026 01:03 PM IST
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सार
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि पिछली बार जब मैं आया था तो गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन कर उनसे आदेश लिया था। अब यात्रा पूरी होने के बाद फिर गोरखनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कर दें तो हम खुलकर उनके कसीदे पढ़ेंगे।
गविष्टी यात्रा को झंडी दिखाकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने किया रवाना
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए ज्योतिषपीठाधीष्वर जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को तारामंडल के सहारा एस्टेट स्थित भारत माता मंदिर से गविष्टी यात्रा का शुभारंभ किया, वह हर विधान सभा में जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि पिछली बार जब मैं आया था तो गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन कर उनसे आदेश लिया था। अब यात्रा पूरी होने के बाद फिर गोरखनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गो माता को राष्ट्र माता घोषित कर दें तो हम खुलकर उनके कसीदे पढ़ेंगे।
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जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि जिस भारत को हिंदू राष्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाता है वहां गौ माता की रक्षा के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। डबल और ट्रिपल इंजन की सरकारों में सिर्फ इंजन ही इंजन है, अगर डिब्बा है तो वह सिर्फ वीआईपी लोगों के लिए है, आम जनता के लिए डिब्बा ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा से 81 दिन चलने वाले गोविष्ट यात्रा का शुभारंभ हो रहा है। 81 दिन बाद गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम होगा। चारों शंकराचार्य मिलकर के यह आंदोलन आगे बढ़ा रहे हैं। यह हमारा अकेले का आंदोलन नहीं है।
सभी शंकराचार्य की ओर से हमको आगे किया गया है। हम किसी पार्टी के गुलाम नहीं हैं। पार्टियां मतदाताओं की गुलाम है। इसके पहले शंकाराचार्य ने पूजन अर्चन किया। श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देने के बाद वे अपनी यात्रा के लिए रवाना हो गए।
सभी शंकराचार्य की ओर से हमको आगे किया गया है। हम किसी पार्टी के गुलाम नहीं हैं। पार्टियां मतदाताओं की गुलाम है। इसके पहले शंकाराचार्य ने पूजन अर्चन किया। श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देने के बाद वे अपनी यात्रा के लिए रवाना हो गए।
