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Gorakhpur News: सीएम की बैठक में विधायकों ने उठाए फोरलेन, पुल और ओवरब्रिज के मुद्दे
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को एनेक्सी भवन में गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों की ओर से नई सड़क, पुल और ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्ताव आए। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय कर मानसून से पहले सड़कों का काम तत्काल शुरू कराया जाए, जिससे आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी ठेकेदार 20 प्रतिशत से कम राशि पर टेंडर ले रहे हैं, उन पर पैनी नजर रखी जाए। ऐसे लोगों को चिह्नित कर ब्लैक लिस्टेड करें, ताकि गुणवत्ता बनी रहे। चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी ने मजरों और टोलों को जोड़ने वाली 193 सड़कों और नौ पुलों का प्रस्ताव दिया। उन्होंने रामजानकी मार्ग को गोपालपुर, धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र होकर खजनी तक फोरलेन बनाकर लिंक एक्सप्रेसवे में मिलाने का सुझाव दिया। इस पर सीएम ने अपनी सहमति जताई। इसके बाद गगहा ब्लॉक में समय माता मंदिर स्थान तक जाने वाली सड़क को चौड़ा करने और दोहरीघाट पुल पर जाली लगाने की मांग की। सीएम ने कहा कि इसे प्राथमिकता पर लगवाएं ताकि नदी में कूदने की घटनाओं पर अंकुश लगे।
राज्यसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कुशीनगर में गंडक पुल निर्माण का प्रस्ताव लाया। रुद्रपुर के विधायक जयप्रकाश निषाद ने कपरवार से हाटा-कुशीनगर फोरलेन का प्रस्ताव लाया। कहा कि इस सड़क के फोरलेन होने से बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के विधायकों ने रेलवे क्राॅसिंग पर जाम का मुद्दा उठाकर ओवरब्रिज बनाने की मांग की। इस सीएम ने अधिकारियों से कहा कि प्रस्ताव पर सर्वे कराकर डीपीआर भेजें, प्रदेश सरकार अपने हिस्से का बजट देने को तैयार है।
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सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय कर सड़कों का काम तत्काल शुरू कराया जाए। जून के अंत तक सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली जाएं और इसके तुरंत बाद शिलान्यास कराया जाए। इसके लिए बजट जारी कर दिया जाएगा। सभी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि काम बीच में न रुके और समय से पूरा हो।
कमिश्नर और डीएम समय-समय पर करें समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कराएं। इसकी कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय से धनराशि स्वीकृत हो सके। साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी समय से पूरी की जाए। कार्यों में गति लाने के लिए संबंधित कमिश्नर व डीएम अपने-अपने स्तर पर नियमित बैठकें कर समीक्षा करें, जिससे निर्माण कार्यों की प्रगति हर हाल में सुनिश्चित हो सके। बैठक में पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव ने पिछले वर्ष के कार्यों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया।
श्रमिकों की सुरक्षा से न हो खिलवाड़
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे मौके का मुआयना करें और तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करें। कहा कि कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और उनके लिए सुरक्षा किट का पूरा इंतजाम रहे।
मोहन सेतु की प्रगति की भी ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने देवरिया में निर्माणाधीन ''''मोहन सेतु'''' के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थल का निरीक्षण करने और सेतु निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में केंद्रीय मंत्री व बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ल, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, विमलेश पासवान, सरवन निषाद, शलभ मणि त्रिपाठी, ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जय प्रकाश निषाद, पीएन पाठक, विवेकानंद पांडेय समेत गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के अन्य विधानसभा क्षेत्रों के विधायक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी ठेकेदार 20 प्रतिशत से कम राशि पर टेंडर ले रहे हैं, उन पर पैनी नजर रखी जाए। ऐसे लोगों को चिह्नित कर ब्लैक लिस्टेड करें, ताकि गुणवत्ता बनी रहे। चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी ने मजरों और टोलों को जोड़ने वाली 193 सड़कों और नौ पुलों का प्रस्ताव दिया। उन्होंने रामजानकी मार्ग को गोपालपुर, धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र होकर खजनी तक फोरलेन बनाकर लिंक एक्सप्रेसवे में मिलाने का सुझाव दिया। इस पर सीएम ने अपनी सहमति जताई। इसके बाद गगहा ब्लॉक में समय माता मंदिर स्थान तक जाने वाली सड़क को चौड़ा करने और दोहरीघाट पुल पर जाली लगाने की मांग की। सीएम ने कहा कि इसे प्राथमिकता पर लगवाएं ताकि नदी में कूदने की घटनाओं पर अंकुश लगे।
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राज्यसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कुशीनगर में गंडक पुल निर्माण का प्रस्ताव लाया। रुद्रपुर के विधायक जयप्रकाश निषाद ने कपरवार से हाटा-कुशीनगर फोरलेन का प्रस्ताव लाया। कहा कि इस सड़क के फोरलेन होने से बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के विधायकों ने रेलवे क्राॅसिंग पर जाम का मुद्दा उठाकर ओवरब्रिज बनाने की मांग की। इस सीएम ने अधिकारियों से कहा कि प्रस्ताव पर सर्वे कराकर डीपीआर भेजें, प्रदेश सरकार अपने हिस्से का बजट देने को तैयार है।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय कर सड़कों का काम तत्काल शुरू कराया जाए। जून के अंत तक सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली जाएं और इसके तुरंत बाद शिलान्यास कराया जाए। इसके लिए बजट जारी कर दिया जाएगा। सभी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि काम बीच में न रुके और समय से पूरा हो।
कमिश्नर और डीएम समय-समय पर करें समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कराएं। इसकी कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय से धनराशि स्वीकृत हो सके। साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी समय से पूरी की जाए। कार्यों में गति लाने के लिए संबंधित कमिश्नर व डीएम अपने-अपने स्तर पर नियमित बैठकें कर समीक्षा करें, जिससे निर्माण कार्यों की प्रगति हर हाल में सुनिश्चित हो सके। बैठक में पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव ने पिछले वर्ष के कार्यों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया।
श्रमिकों की सुरक्षा से न हो खिलवाड़
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे मौके का मुआयना करें और तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करें। कहा कि कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और उनके लिए सुरक्षा किट का पूरा इंतजाम रहे।
मोहन सेतु की प्रगति की भी ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने देवरिया में निर्माणाधीन ''''मोहन सेतु'''' के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थल का निरीक्षण करने और सेतु निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में केंद्रीय मंत्री व बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ल, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, विमलेश पासवान, सरवन निषाद, शलभ मणि त्रिपाठी, ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जय प्रकाश निषाद, पीएन पाठक, विवेकानंद पांडेय समेत गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के अन्य विधानसभा क्षेत्रों के विधायक मौजूद रहे।