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देश के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल बनकर उभरेगी गोरक्षनगरी : सीएम
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने बदले हुए गोरखपुर को देखा है। पहले बीमारी, बदहाल बुनियादी ढांचे, जलभराव, अपराध ही पहचान थी। बेटियां शाम को घर से बाहर निकलने में भी डरती थीं। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नई परियोजनाओं के जरिये गोरक्षनगरी आने वाले समय में देश के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल बनकर उभरेगी।
मुख्यमंत्री ने रविवार को 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि बदला हुआ गोरखपुर, बदलते उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की नई पहचान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने बदलते गोरखपुर की तस्वीर के बहाने विपक्ष पर निशाना साधा। कहा, जरा याद करिए, आज से मात्र 9 वर्ष पहले गोरखपुर कैसा था। बीमारी, बिजली संकट, सड़कों पर गड्ढे, जलभराव, मच्छर, गंदगी, बरसात में बाढ़, बेरोजगारी थी। व्यापारियों की सुरक्षा नहीं थी और गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजनाएं नहीं थीं। 2017 से पहले गोरखपुर में बिजली मुश्किल से 5-6 घंटे ही मिल पाती थी और उसके लिए भी सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी किस कहर ढा रही थी, सैकड़ों बच्चों की मौत हो रही थी, यह किसी से छुपा नहीं है। पूरा महानगर गंदगी के आगोश में डूबा रहता था। एक तरफ बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना हमें चिढ़ाता था, दूसरी तरफ बीमार बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर की पहचान बन चुका था।
सीएम योगी ने खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा, लखनऊ जाने में आठ घंटे लगते थे, वाराणसी जाने में 5-6 घंटे। रामगढ़ताल गंदगी का गढ़ बना हुआ था। गोरखपुर का नाम सुनते ही लोग डर जाते थे। ऐसा लगता था मानो यह आतंक का पर्याय बन गया हो। किसी शहर का कायाकल्प कैसे होता है इसे गोरखपुर को देखकर समझा जा सकता है। अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता, दूरी नहीं बनाता।
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जवाबदेही के साथ हो रहा विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर में जलभराव की समस्या का समाधान हो रहा है, युवाओं के लिए नौकरियां उपलब्ध हैं। व्यापारियों को सुरक्षा के साथ अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। अब गोरखपुर में एम्स आ गया है, इंटरनेशनल स्टेडियम बन गया है और हॉकी स्टेडियम में अत्याधुनिक सुविधाएं भी बहुत शीघ्र मिलने लगेगा। बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वस्थ हो चुका है, इंसेफेलाइटिस पर लगभग पूर्ण नियंत्रण हो गया है। बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना फिर से चमक रहा है। सड़कें चौड़ी और बेहतर हो गई हैं, बिजली 24 घंटे उपलब्ध है और पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल घर-घर में लग रहे हैं। कनेक्टिविटी बेहतरीन हो गई है। एक-एक पाई का सदुपयोग और पूर्ण जवाबदेही के साथ विकास कार्य हो रहे हैं।
सीएम ने चेताया- नदियों में स्नान के दौरान गहरे पानी न जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल (सोमवार) ज्येष्ठ अमावस्या तथा सोमवती अमावस्या है। जो लोग सोमवती अमावस्या पर नदियों में स्नान करेंगे, वे बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करें। गर्मी में जबरदस्ती गहरे पानी में न जाएं। बच्चों को विशेष रूप से बचाएं और किसी भी प्रकार की असमय दुर्घटना से स्वयं को बचाएं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रवि किशन, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, विमलेश पासवान, सरवन निषाद, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने रविवार को 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि बदला हुआ गोरखपुर, बदलते उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की नई पहचान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने बदलते गोरखपुर की तस्वीर के बहाने विपक्ष पर निशाना साधा। कहा, जरा याद करिए, आज से मात्र 9 वर्ष पहले गोरखपुर कैसा था। बीमारी, बिजली संकट, सड़कों पर गड्ढे, जलभराव, मच्छर, गंदगी, बरसात में बाढ़, बेरोजगारी थी। व्यापारियों की सुरक्षा नहीं थी और गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजनाएं नहीं थीं। 2017 से पहले गोरखपुर में बिजली मुश्किल से 5-6 घंटे ही मिल पाती थी और उसके लिए भी सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी किस कहर ढा रही थी, सैकड़ों बच्चों की मौत हो रही थी, यह किसी से छुपा नहीं है। पूरा महानगर गंदगी के आगोश में डूबा रहता था। एक तरफ बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना हमें चिढ़ाता था, दूसरी तरफ बीमार बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर की पहचान बन चुका था।
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सीएम योगी ने खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा, लखनऊ जाने में आठ घंटे लगते थे, वाराणसी जाने में 5-6 घंटे। रामगढ़ताल गंदगी का गढ़ बना हुआ था। गोरखपुर का नाम सुनते ही लोग डर जाते थे। ऐसा लगता था मानो यह आतंक का पर्याय बन गया हो। किसी शहर का कायाकल्प कैसे होता है इसे गोरखपुर को देखकर समझा जा सकता है। अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता, दूरी नहीं बनाता।
जवाबदेही के साथ हो रहा विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर में जलभराव की समस्या का समाधान हो रहा है, युवाओं के लिए नौकरियां उपलब्ध हैं। व्यापारियों को सुरक्षा के साथ अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। अब गोरखपुर में एम्स आ गया है, इंटरनेशनल स्टेडियम बन गया है और हॉकी स्टेडियम में अत्याधुनिक सुविधाएं भी बहुत शीघ्र मिलने लगेगा। बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वस्थ हो चुका है, इंसेफेलाइटिस पर लगभग पूर्ण नियंत्रण हो गया है। बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना फिर से चमक रहा है। सड़कें चौड़ी और बेहतर हो गई हैं, बिजली 24 घंटे उपलब्ध है और पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल घर-घर में लग रहे हैं। कनेक्टिविटी बेहतरीन हो गई है। एक-एक पाई का सदुपयोग और पूर्ण जवाबदेही के साथ विकास कार्य हो रहे हैं।
सीएम ने चेताया- नदियों में स्नान के दौरान गहरे पानी न जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल (सोमवार) ज्येष्ठ अमावस्या तथा सोमवती अमावस्या है। जो लोग सोमवती अमावस्या पर नदियों में स्नान करेंगे, वे बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करें। गर्मी में जबरदस्ती गहरे पानी में न जाएं। बच्चों को विशेष रूप से बचाएं और किसी भी प्रकार की असमय दुर्घटना से स्वयं को बचाएं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रवि किशन, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, विमलेश पासवान, सरवन निषाद, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता आदि मौजूद रहे।