सब्सक्राइब करें

Exclusive: नीम, हल्दी, अदरक और लहसुन के इस्तेमाल से चूहों में शुगर हुआ नियंत्रित

नीरज मिश्रा, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 13 Sep 2021 02:36 PM IST
सार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने किया शोध, अमेरिका के जर्नल में शोध हो चुका है प्रकाशित।

विज्ञापन
Sugar controlled in rats by use of neem turmeric ginger and garlic
नीम। - फोटो : iStock

 बीआरडी मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग के तीन डॉक्टरों ने नीम, हल्दी, अदरक और लहसुन के इस्तेमाल से चूहों में शुगर नियंत्रित किया है। 56 चूहों को दो अलग-अलग समूहों में बांटकर शुगर से होने वाले नुकसान को नियंत्रित करने में सफलता मिली है। यह शोध प्रतिष्ठित अमेरिकी जर्नल पत्रिका में प्रकाशित हो चुका है। हालांकि, शोध करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि यह प्री क्लीनिकल रिसर्च जानवरों पर किया गया है। अभी क्लीनिकल रिसर्च इंसानों पर नहीं किया गया है। ऐसे में इन तत्वों का इस्तेमाल न करें।   



बीआरडी मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ आरपी यादव की अगुवाई में डॉ जमाल हैदर और डॉ. प्रदीप ने 56 चूहों को दो अलग-अलग समूहों में बांटा। पहले समूह के चूहों में शुगर के नियंत्रण के लिए नीम और अदरक के पेस्ट को बनाकर उन पर शोध किया। दूसरे हिस्से में शुगर के दुष्प्रभाव और उसके नियंत्रण के लिए हल्दी और लहसुन के असर की जांच की गई। इस बीच चूहों को इंजेक्शन लगाकर, उनके 40 फीसदी बीटा सेल्स नष्ट कर दिए गए। पैंक्रियाज के इसी बीटा सेल्स से शरीर में इंसुलिन बनाती हैं, जो शुगर के स्तर (लेवल) को नियंत्रित करता है। जबकि दूसरे समूहों के चूहों को उच्च वसा युक्त भोजन देकर शरीर में इंसुलिन का प्रतिरोध उत्पन्न किया गया।

 

Sugar controlled in rats by use of neem turmeric ginger and garlic
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

यह बात निकलकर सामने आई है कि चूहे शुगर टाइप-टू के मरीज हो गए। इन चूहों को 14-14 के ग्रुप में बांटा गया। पहले ग्रुप को शुगर की दवा मेटफार्मिन दी गई। इसके बाद से उनका शुगर लेवल नियंत्रित हो गया। जबकि दूसरे ग्रुप को नीम और अदरक का मिश्रित अर्क दिया गया। एक महीने में इन चूहों का इंसुलिन पूरी तरीके से काम करने लगा। इस बीच इन चूहों की बीटा सेल्स भी बढ़ गईं। डॉ. जमाल हैदर ने बताया कि टाइप-टू मरीजों के शरीर में इंसुलिन का निर्माण तो होता है, मगर प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने के कारण वह ग्लूकोज को ऊर्जा में तब्दील नहीं कर पाता। इसी वजह से शुगर का लेवल शरीर में बढ़ता जाता है। नीम और अदरक का अर्क शरीर के अंदर ग्लूकोज के रिसेप्टर की संख्या को बढ़ा देता है। इसकी वजह से इंसुलिन की सक्रियता बढ़ जाती है और वह ग्लूकोज को ऊर्जा में तब्दील करने लगता है।
 

Sugar controlled in rats by use of neem turmeric ginger and garlic
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला

चूहों की कोशिकाओं में नहीं हुई कोई दिक्कत  
डॉ आरपी यादव ने बताया कि शुगर की वजह से शरीर के कई अंगों पर असर पड़ता है। कई बार मरीजों के अंग तक सुन्न पड़ने लगते हैं। लेकिन शुगर की दवाओं के साथ जब हल्दी और लहसुन के अर्क का इस्तेमाल चूहों पर लंबे समय तक किया गया तो उनके शरीर की कोशिकाओं में कोई दिक्कत नहीं हुई। उनके शरीर की मांसपेशियों पर भी दुष्प्रभाव नहीं पड़ा, जबकि सामान्य मरीजों में शुगर बढ़ने पर तमाम तरह की दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं।  

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Sugar controlled in rats by use of neem turmeric ginger and garlic
अदरक वाली चाय

मानव न करें अभी इन तत्वों का इस्तेमाल
डॉ आरपी यादव ने बताया कि शोध चूहों पर किया गया है। शोध के परिणाम उन पर सकारात्मक रहे हैं। इसे डॉक्टरों की भाषा में प्री क्लीनिकल रिसर्च कहते हैं। अब तक क्लीनिकल रिसर्च मानव पर नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में हल्दी, लहसुन, अदरक और नीम का इस्तेमाल कोई भी खुद से न करे। यह रिसर्च क्लीनिकल तौर पर सफल हो जाती है तो मानव को इंसुलिन इंजेक्शन से निजात मिल सकती है।

विज्ञापन
Sugar controlled in rats by use of neem turmeric ginger and garlic
लहसुन अदरक - फोटो : अमर उजाला।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरपी यादव ने कहा कि शोध में सकारात्मक परिणाम सामने आए। यही वजह है कि यह शोध अमेरिका की प्रतिष्ठित जर्नल पत्रिका में प्रकाशित हो चुका है। कोविड के कारण दूसरे चरण का शोध नहीं हो पाया है।
 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed