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शिवकुमार हत्याकांड : जिस रंजिश से शुरू हुई थी कानूनी लड़ाई, वह जानलेवा दुश्मनी तक पहुंची
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गोरखपुर। बिजली ठेकेदार शिवकुमार त्रिपाठी की हत्या के पीछे करीब पांच साल पहले क्रिकेट खेलने को लेकर शुरू हुई रंजिश को माना जा रहा है। इस रंजिश में एक युवक की हत्या दो साल पहले हो चुकी है। मामले में कानूनी लड़ाई चल रही है।
पांच अगस्त 2024 को दीपू चौधरी के बेटे आदेश चौधरी (24) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस शाम आदेश के चाचा विनोद चौधरी बारीपुर चौराहे पर गए थे। आरोप है कि वहां गांव के आठ-दस युवकों ने किसी बात को लेकर उनकी पिटाई कर दी। आरोप है कि शिकायत लेकर वह थाना पहुंचे लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उसी शाम करीब सात बजे आदेश गांव में संतोष तिवारी के घर हरिकीर्तन के भंडारे में गया था।
आरोप है कि विनोद के थाने जाने की जानकारी मिलने के बाद हमलावरों ने आदेश पर हॉकी-डंडे से हमला कर दिया था। इसी बीच एक आरोपी ने तमंचे से कई गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौत हो गई। तीन भाइयों में सबसे बड़ा आदेश आर्किटेक्ट की पढ़ाई करता था। आदेश के भाइयों अभिषेक और विवेक का कहना था कि आदेश का किसी से कोई विवाद नहीं था।
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शिवकुमार के शरीर पर घाव के कई निशान, हाथ कटकर हो गया था अलग
बिजली ठेकेदार शिवकुमार की हत्या कितनी बेरहमी से की गई, इसका अंदाजा उनके शव पर मिले घावों से लगाया जा सकता है। हमलावरों ने धारदार हथियार से वार कर उनका एक हाथ काट दिया। गर्दन और सिर का आधा हिस्सा भी कटकर अलग हो गया था। पेट, पीठ समेत शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव के निशान मिले हैं। शव की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। एसपी दक्षिणी के अनुसार, शरीर पर कई गंभीर चोटें हैं। घटना के दौरान राहुल नाम के एक युवक के हाथ में भी गहरे घाव मिले हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
शिव कुमार को तीन बार बुलाने गया था आरोपी
अहिरौली खुर्द। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि शिवकुमार त्रिपाठी को बुलाने के लिए आरोपी तीन बार उनके घर गया था। पुलिस के मुताबिक, छेदी का बेटा बिंद निवास शिवकुमार को ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए बुलाने पहुंचा था। तीसरी बार बुलाने पर शिवकुमार उसके साथ चले गए। वहां खाना खाने के दौरान राहुल नाम के युवक से उनका विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर राहुल ने खंती से शिवकुमार पर हमला कर दिया। इसके बाद आरोपी का भाई उन्हें उपचार कराने के बहाने ई-रिक्शे में बैठाकर ले जाने लगा। आरोप है कि रास्ते में अन्य आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
ब्रह्मभोज में गए शिवकुमार फिर नहीं लौटे
शहर के गांधीनगर स्थित मकान से शनिवार को शिवकुमार त्रिपाठी ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए निकले थे। हत्या की जानकारी घर पहुंची तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। शिवकुमार के तीन भाई हैं। बेटी की शादी हो चुकी है। पिता की हत्या के बाद बेटे के सामने परिवार की जिम्मेदारी भी आ गई है।
मुकदमे की पीड़ा के बाद अब खोने का सदमा भी
शिवकुमार की मौत ने परिवार को उस मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां एक तरफ पुराने मुकदमे की पीड़ा है तो दूसरी तरफ अपनों के बीच हुई हत्या का सदमा। ग्रामीणों का कहना था कि एकलौते बेटे ने पिता को खो दिया और पत्नी के सामने जीवन का सहारा छिन गया। घर में आने-जाने वालों की भीड़ है लेकिन परिवार को संभालने के लिए किसी के पास शब्द नहीं हैं।
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पांच अगस्त 2024 को दीपू चौधरी के बेटे आदेश चौधरी (24) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस शाम आदेश के चाचा विनोद चौधरी बारीपुर चौराहे पर गए थे। आरोप है कि वहां गांव के आठ-दस युवकों ने किसी बात को लेकर उनकी पिटाई कर दी। आरोप है कि शिकायत लेकर वह थाना पहुंचे लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उसी शाम करीब सात बजे आदेश गांव में संतोष तिवारी के घर हरिकीर्तन के भंडारे में गया था।
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आरोप है कि विनोद के थाने जाने की जानकारी मिलने के बाद हमलावरों ने आदेश पर हॉकी-डंडे से हमला कर दिया था। इसी बीच एक आरोपी ने तमंचे से कई गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौत हो गई। तीन भाइयों में सबसे बड़ा आदेश आर्किटेक्ट की पढ़ाई करता था। आदेश के भाइयों अभिषेक और विवेक का कहना था कि आदेश का किसी से कोई विवाद नहीं था।
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शिवकुमार के शरीर पर घाव के कई निशान, हाथ कटकर हो गया था अलग
बिजली ठेकेदार शिवकुमार की हत्या कितनी बेरहमी से की गई, इसका अंदाजा उनके शव पर मिले घावों से लगाया जा सकता है। हमलावरों ने धारदार हथियार से वार कर उनका एक हाथ काट दिया। गर्दन और सिर का आधा हिस्सा भी कटकर अलग हो गया था। पेट, पीठ समेत शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव के निशान मिले हैं। शव की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। एसपी दक्षिणी के अनुसार, शरीर पर कई गंभीर चोटें हैं। घटना के दौरान राहुल नाम के एक युवक के हाथ में भी गहरे घाव मिले हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
शिव कुमार को तीन बार बुलाने गया था आरोपी
अहिरौली खुर्द। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि शिवकुमार त्रिपाठी को बुलाने के लिए आरोपी तीन बार उनके घर गया था। पुलिस के मुताबिक, छेदी का बेटा बिंद निवास शिवकुमार को ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए बुलाने पहुंचा था। तीसरी बार बुलाने पर शिवकुमार उसके साथ चले गए। वहां खाना खाने के दौरान राहुल नाम के युवक से उनका विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर राहुल ने खंती से शिवकुमार पर हमला कर दिया। इसके बाद आरोपी का भाई उन्हें उपचार कराने के बहाने ई-रिक्शे में बैठाकर ले जाने लगा। आरोप है कि रास्ते में अन्य आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
ब्रह्मभोज में गए शिवकुमार फिर नहीं लौटे
शहर के गांधीनगर स्थित मकान से शनिवार को शिवकुमार त्रिपाठी ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए निकले थे। हत्या की जानकारी घर पहुंची तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। शिवकुमार के तीन भाई हैं। बेटी की शादी हो चुकी है। पिता की हत्या के बाद बेटे के सामने परिवार की जिम्मेदारी भी आ गई है।
मुकदमे की पीड़ा के बाद अब खोने का सदमा भी
शिवकुमार की मौत ने परिवार को उस मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां एक तरफ पुराने मुकदमे की पीड़ा है तो दूसरी तरफ अपनों के बीच हुई हत्या का सदमा। ग्रामीणों का कहना था कि एकलौते बेटे ने पिता को खो दिया और पत्नी के सामने जीवन का सहारा छिन गया। घर में आने-जाने वालों की भीड़ है लेकिन परिवार को संभालने के लिए किसी के पास शब्द नहीं हैं।