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नवोदय विद्यालय : डीएम पहुंचे तो मान गए हंगामा कर रहे विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 13 Feb 2026 02:52 AM IST
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भरोहिया (गोरखपुर)। बीते चार दिन से पीपीगंज पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में चल रहा हंगामा बृहस्पतिवार को डीएम दीपक मीणा के पहुंचने पर खत्म हो गया। हादसे में शिक्षक की मौत और विद्यालय में अव्यवस्था का आरोप लगाकर हंगामा कर रहे विद्यार्थियों को डीएम ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया तब जाकर उन्होंने भोजन किया।
बातचीत के दौरान डीएम ने विद्यार्थियों से नाराजगी की वजहें जानीं। विद्यार्थियों ने भोजन में अधपकी रोटी देने, परिसर में गंदगी और लाइटिंग आदि की समस्याएं बताईं। डीएम ने जांच कराकर कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने उपवास तोड़ा और मेस में जाकर भोजन किया। साथ ही छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल द्वारा प्रशासन के साथ मिलकर लाठीचार्ज कराया गया था। इस संबंध में भी जिलाधिकारी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शिक्षकों ने डीएम से प्रिंसिपल संजीव सक्सेना की शिकायत की। डीएम ने दो टूक कहा-परिसर में किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। आप लोग पढ़ाई का माहौल बनाइए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को परिसर की सफाई के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था 15 दिनों में ठीक हो जाए।
विद्यालय में सात फरवरी को कंप्यूटर साइंस के शिक्षक अभय प्रताप सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद छात्र भड़क गए थे। चार दिन पूर्व कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी ‘जस्टिस फॉर अभय सर’ की तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए थे। छात्रों का आरोप था कि शिक्षक को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने मेस में खराब खाना मिलने की शिकायत कर उपवास शुरू कर दिया। करीब चार घंटे तक कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
इस दौरान दो छात्रों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद विद्यार्थियों ने खुद को हॉस्टल में बंद कर लिया। सूचना पर उपजिलाधिकारी और सीओ मौके पर पहुंचे। घंटों की मशक्कत के बाद कुछ छात्र वार्ता के लिए तैयार हुए और प्रशासन के आश्वासन पर उन्होंने भोजन किया। हालांकि कई छात्राओं ने उपजिलाधिकारी से बातचीत के बावजूद भोजन करने से इन्कार कर दिया और उपवास जारी रखा।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे डीएम विद्यालय पहुंचे। उन्होंने करीब चार घंटे तक विद्यालय में रहकर छात्र-छात्राओं से हॉस्टल में जाकर मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों ने शिक्षक की मौत प्रकरण के साथ-साथ अन्य शिकायतों से भी अवगत कराया। जिलाधिकारी ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। डीएम के समझाने-बुझाने के बाद छात्रों ने उपवास तोड़ा। डीएम ने विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ के साथ बंद कमरे में बैठक भी की और हालात की विस्तृत जानकारी ली। शाम करीब चार बजे वह विद्यालय से रवाना हुए।
विद्यालय में गुटबाजी को भी लेकर जानकारी ली है। शिक्षकों से कहा कि उन्हें व्यक्तिगत जानकारी दे सकते हैं। छात्रों ने रोटी अच्छी नहीं मिलने की बात कही है। मेस का निरीक्षण भी किया और निर्देशित किया गया है। भोजन के गुणवत्ता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। प्रिंसिपल नहीं थे तो वाइस प्रिंसिपल से व्यवस्था सुधारने को कहा है। 15 दिन बाद अधिकारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी।
दीपक मीणा, डीएम
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बातचीत के दौरान डीएम ने विद्यार्थियों से नाराजगी की वजहें जानीं। विद्यार्थियों ने भोजन में अधपकी रोटी देने, परिसर में गंदगी और लाइटिंग आदि की समस्याएं बताईं। डीएम ने जांच कराकर कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने उपवास तोड़ा और मेस में जाकर भोजन किया। साथ ही छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल द्वारा प्रशासन के साथ मिलकर लाठीचार्ज कराया गया था। इस संबंध में भी जिलाधिकारी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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शिक्षकों ने डीएम से प्रिंसिपल संजीव सक्सेना की शिकायत की। डीएम ने दो टूक कहा-परिसर में किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। आप लोग पढ़ाई का माहौल बनाइए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को परिसर की सफाई के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था 15 दिनों में ठीक हो जाए।
विद्यालय में सात फरवरी को कंप्यूटर साइंस के शिक्षक अभय प्रताप सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद छात्र भड़क गए थे। चार दिन पूर्व कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी ‘जस्टिस फॉर अभय सर’ की तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए थे। छात्रों का आरोप था कि शिक्षक को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने मेस में खराब खाना मिलने की शिकायत कर उपवास शुरू कर दिया। करीब चार घंटे तक कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
इस दौरान दो छात्रों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद विद्यार्थियों ने खुद को हॉस्टल में बंद कर लिया। सूचना पर उपजिलाधिकारी और सीओ मौके पर पहुंचे। घंटों की मशक्कत के बाद कुछ छात्र वार्ता के लिए तैयार हुए और प्रशासन के आश्वासन पर उन्होंने भोजन किया। हालांकि कई छात्राओं ने उपजिलाधिकारी से बातचीत के बावजूद भोजन करने से इन्कार कर दिया और उपवास जारी रखा।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे डीएम विद्यालय पहुंचे। उन्होंने करीब चार घंटे तक विद्यालय में रहकर छात्र-छात्राओं से हॉस्टल में जाकर मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों ने शिक्षक की मौत प्रकरण के साथ-साथ अन्य शिकायतों से भी अवगत कराया। जिलाधिकारी ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। डीएम के समझाने-बुझाने के बाद छात्रों ने उपवास तोड़ा। डीएम ने विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ के साथ बंद कमरे में बैठक भी की और हालात की विस्तृत जानकारी ली। शाम करीब चार बजे वह विद्यालय से रवाना हुए।
विद्यालय में गुटबाजी को भी लेकर जानकारी ली है। शिक्षकों से कहा कि उन्हें व्यक्तिगत जानकारी दे सकते हैं। छात्रों ने रोटी अच्छी नहीं मिलने की बात कही है। मेस का निरीक्षण भी किया और निर्देशित किया गया है। भोजन के गुणवत्ता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। प्रिंसिपल नहीं थे तो वाइस प्रिंसिपल से व्यवस्था सुधारने को कहा है। 15 दिन बाद अधिकारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी।
दीपक मीणा, डीएम
