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Gorakhpur News: टारगेट पर थीं समूह की महिलाएं...पहले कर्ज चुकाते फिर कराते धर्मांतरण
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गुलरिहा इलाके में पकड़ा गया था गिरोह, बिहार निवासी सरगना विल्सन की तलाश में पुलिस
कुशीनगर और गोरखपुर में 100 से अधिक लोगों का करा चुके हैं धर्मांतरण
गोरखपुर। गुलरिहा इलाके में धर्मांतरण कराने वाले गिरोह की जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कर्ज के बोझ तले दबी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को टारगेट करता था। इन महिलाओं का कर्ज चुकाकर पहले ये भरोसा जीतते थे फिर बाद में प्रार्थना सभाओं में बुलाकर धर्मांतरण के लिए उकसाते थे।
जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह ने गोरखपुर और कुशीनगर में करीब 100 से अधिक लोगों का धर्मांतरण करवा दिया है। पुलिस के मुताबिक, बिहार निवासी विल्सन इस गिरोह का सरगना है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय था। इसमें और भी लोग शामिल हैं जो कुशीनगर और बिहार में धर्मांतरण को अंजाम दे रहे हैं। गांव में बहुत सारी महिलाएं समूह लोन लेकर अपना काम करती हैं। इसमें बहुत सारी ऐसी भी हैं जो लोन लेने के बाद उसे चुकाने में असमर्थ रहती हैं। किस्त बढ़ने के बाद जब लोन देने वाली कंपनियों के एजेंट जमा करने के लिए दबाव बनाते थे तो गिरोह के गुर्गे उनसे संपर्क करते थे। मदद के तौर पर वे उनकी किस्तें भी चुका देते थे। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें प्रार्थना सभाओं में बुलाने का सिलसिला शुरू हो जाता था।
दरअसल, गुलरिहा पुलिस ने धर्मांतरण की कोशिश के मामले में कुशीनगर के रामकोला निवासी रीता देवी, उसके बेटे अमित सिंह, सरहरी निवासी विक्की साहनी व पीपीगंज के कन्हैया यादव को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि कुशीनगर की रहने वाली रीता देवी ने समूह से 50 हजार रुपये कर्ज लिए थे।
ब्याज समेत रकम बढ़कर लाख में पहुंच गई थी। वह कर्ज नहीं चुका पा रही थी। तब विक्की साहनी ने बिहार के व्यक्ति से मिलकर उसका कर्ज माफ करा दिया था। इसके बाद एक युवक के पथरी का इलाज का झांसा दिया गया था। इसके बाद लोग उसके झांसे में आ गए थे।
आरोप है कि रविवार को एक घर में कुछ लोग इलाज के नाम पर महिलाओं को धर्मांतरण के लिए उकसा रहे थे। इसके लिए घर में चंगाई प्रार्थना चल रही थी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया था।
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भूत-प्रेत भगाने और बीमारी ठीक करने का देते थे झांसा
सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह गांवों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को झांसे में लेता था। कभी भूत-प्रेत भगाने तो कभी बीमारी ठीक करने के नाम पर लोगों को भरोसे में लेते थे। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग भूत-प्रेत भगाने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग जान बूझकर लोगों के बीच में अपनी बीमारी ठीक होने का दावा करते हैं। इससे कई लोग झांसे में आ जाते हैं। इलाज के लिए रुपये न होने की वजह से भी वह ऐसे लोगों पर जल्द भरोसा कर लेते हैं।
बिहार का विल्सन है सरगना
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि बिहार का रहने वाला विल्सन ही गिरोह का सरगना है। पहले उसने खुद का धर्म बदला और बाद में लोगों को धर्मांतरण के लिए उककाने लगा। बताया जा रहा है कि उसने कुशीनगर में बड़ी संख्या में लोगों का धर्मांतरण कराया है। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
धर्मांतरण के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनसे जानकारी जुटाई जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ
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धर्मांतरण के चारों आरोपियों को मिल गई जमानत
गोरखपुर। गुलरिहा क्षेत्र में धर्मांतरण की कोशिश के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को कोर्ट से राहत मिल गई। मां-बेटे समेत सभी आरोपियों को अदालत ने निजी मुचलके पर जमानत दे दी।
पुलिस ने आरोपियों की रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी लेकिन बताया जा रहा है कि पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने के आधार पर कोर्ट ने रिमांड याचिका खारिज कर दी। इसके बाद सभी आरोपियों को जमानत प्रदान कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, इस मामले में कुशीनगर के रामकोला निवासी रीता देवी, उनकी बेटी अमित सिंह, सरहरी के विक्की साहनी और पीपीगंज के कन्हैया यादव को गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि एक मकान में बीमारी के इलाज और कर्ज माफी का प्रलोभन देकर महिलाओं को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां चल रही कथित ‘चंगाई प्रार्थना’ के दौरान चारों को हिरासत में लिया। इसके बाद सोमवार को प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच में जुटी हुई है।
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कुशीनगर और गोरखपुर में 100 से अधिक लोगों का करा चुके हैं धर्मांतरण
गोरखपुर। गुलरिहा इलाके में धर्मांतरण कराने वाले गिरोह की जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कर्ज के बोझ तले दबी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को टारगेट करता था। इन महिलाओं का कर्ज चुकाकर पहले ये भरोसा जीतते थे फिर बाद में प्रार्थना सभाओं में बुलाकर धर्मांतरण के लिए उकसाते थे।
जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह ने गोरखपुर और कुशीनगर में करीब 100 से अधिक लोगों का धर्मांतरण करवा दिया है। पुलिस के मुताबिक, बिहार निवासी विल्सन इस गिरोह का सरगना है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
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सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय था। इसमें और भी लोग शामिल हैं जो कुशीनगर और बिहार में धर्मांतरण को अंजाम दे रहे हैं। गांव में बहुत सारी महिलाएं समूह लोन लेकर अपना काम करती हैं। इसमें बहुत सारी ऐसी भी हैं जो लोन लेने के बाद उसे चुकाने में असमर्थ रहती हैं। किस्त बढ़ने के बाद जब लोन देने वाली कंपनियों के एजेंट जमा करने के लिए दबाव बनाते थे तो गिरोह के गुर्गे उनसे संपर्क करते थे। मदद के तौर पर वे उनकी किस्तें भी चुका देते थे। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें प्रार्थना सभाओं में बुलाने का सिलसिला शुरू हो जाता था।
दरअसल, गुलरिहा पुलिस ने धर्मांतरण की कोशिश के मामले में कुशीनगर के रामकोला निवासी रीता देवी, उसके बेटे अमित सिंह, सरहरी निवासी विक्की साहनी व पीपीगंज के कन्हैया यादव को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि कुशीनगर की रहने वाली रीता देवी ने समूह से 50 हजार रुपये कर्ज लिए थे।
ब्याज समेत रकम बढ़कर लाख में पहुंच गई थी। वह कर्ज नहीं चुका पा रही थी। तब विक्की साहनी ने बिहार के व्यक्ति से मिलकर उसका कर्ज माफ करा दिया था। इसके बाद एक युवक के पथरी का इलाज का झांसा दिया गया था। इसके बाद लोग उसके झांसे में आ गए थे।
आरोप है कि रविवार को एक घर में कुछ लोग इलाज के नाम पर महिलाओं को धर्मांतरण के लिए उकसा रहे थे। इसके लिए घर में चंगाई प्रार्थना चल रही थी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया था।
भूत-प्रेत भगाने और बीमारी ठीक करने का देते थे झांसा
सूत्रों ने बताया कि यह गिरोह गांवों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को झांसे में लेता था। कभी भूत-प्रेत भगाने तो कभी बीमारी ठीक करने के नाम पर लोगों को भरोसे में लेते थे। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग भूत-प्रेत भगाने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग जान बूझकर लोगों के बीच में अपनी बीमारी ठीक होने का दावा करते हैं। इससे कई लोग झांसे में आ जाते हैं। इलाज के लिए रुपये न होने की वजह से भी वह ऐसे लोगों पर जल्द भरोसा कर लेते हैं।
बिहार का विल्सन है सरगना
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि बिहार का रहने वाला विल्सन ही गिरोह का सरगना है। पहले उसने खुद का धर्म बदला और बाद में लोगों को धर्मांतरण के लिए उककाने लगा। बताया जा रहा है कि उसने कुशीनगर में बड़ी संख्या में लोगों का धर्मांतरण कराया है। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
धर्मांतरण के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनसे जानकारी जुटाई जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ
धर्मांतरण के चारों आरोपियों को मिल गई जमानत
गोरखपुर। गुलरिहा क्षेत्र में धर्मांतरण की कोशिश के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को कोर्ट से राहत मिल गई। मां-बेटे समेत सभी आरोपियों को अदालत ने निजी मुचलके पर जमानत दे दी।
पुलिस ने आरोपियों की रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी लेकिन बताया जा रहा है कि पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने के आधार पर कोर्ट ने रिमांड याचिका खारिज कर दी। इसके बाद सभी आरोपियों को जमानत प्रदान कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, इस मामले में कुशीनगर के रामकोला निवासी रीता देवी, उनकी बेटी अमित सिंह, सरहरी के विक्की साहनी और पीपीगंज के कन्हैया यादव को गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि एक मकान में बीमारी के इलाज और कर्ज माफी का प्रलोभन देकर महिलाओं को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां चल रही कथित ‘चंगाई प्रार्थना’ के दौरान चारों को हिरासत में लिया। इसके बाद सोमवार को प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच में जुटी हुई है।