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Gorakhpur News: जलने वालों ने पति को ही नहीं पूरे परिवार को खत्म कर डाला

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 03:14 AM IST
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The jealous people not only killed the husband but also his entire family
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प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या के बाद पत्नी सुशीला ने लगाए गंभीर आरोप
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गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा में मंगलवार सुबह प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या ने सिर्फ एक जान नहीं ली बल्कि पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। घर में पसरा सन्नाटा, रोते-बिलखते बच्चे और बेसहारा खड़ी पत्नी भी बार-बार यही दोहरा रहीं थीं। पत्नी सुशीला ने बिलखते हुए कहा-हमारा सब कुछ लुट गया। पति राजनीति में आगे बढ़ रहे थे। इससे जलने वालों ने उनके साथ पूरे परिवार को खत्म कर डाला..।
सुशीला कहती हैं-तीन साल पहले पार्षद का चुनाव हुआ था। पति हार गए थे। धर्मदेव चौहान जीत गए थे। उसी के बाद से रंजिश बढ़ती गई। दो साल पहले पार्षद धर्मराज के लोगों ने उनके भतीजे नीरज के साथ मारपीट की थी। इसमें भतीजे को पुलिस ने चौकी में बैठा लिया था। पति जब उसे छुड़ाने गए तो उनको भी फर्जी केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया था। एक महीना जेल काटकर आए थे, तब से ही ये लोग दुश्मनी निकालने में लगे थे।
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योगी जी से है फरियाद...आरोपियों के घर पर चले बुलडोजर
सुशीला ने कहा-मेरा परिवार सड़क पर आ गया। मुख्यमंत्री योगी से फरियाद है मेरी, इन अपराधियों को मार डालना चाहिए, उनके घर पर बुलडोजर चलना चाहिए। जैसे मेरा पति मरा है, वैसे ही उनका भी एनकाउंटर होना चाहिए। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग भी की।
परिजन जिला प्रशासन के रवैए से नाराज
परिजनों ने जिला प्रशासन के रवैए पर भी सवाल उठाए हैं। सुशीला बताती हैं-बुधवार को जिलाधिकारी और एसएसपी ने मिलने के लिए बुलाया था। अफसरों ने कहा कि बच्चों को कहां पढ़ाना है, बताओ। बिजनेस के लिए लोन दिलाएंगे। मैंने उनसे कहा कि जब पति ही नहीं रहा तो लोन लेकर क्या करेंगे। बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि 36 घंटे बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने अपराधियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। शासन-प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि मंत्री दारा सिंह चौहान ने 10 लाख रुपये की मदद देने की बात कही है। परिवार का दावा है कि आरोपियों ने पहले भी कई बार धमकी दी थी।
चाचा ने दीपक का नाम लिया था...जेल गए आरोपियों को जानते तक नहीं
राजकुमार के भतीजे नीरज का कहना है कि हम डीएम साहब के पास गए थे। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई का इंतजाम कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। वह पुलिस के रवैए से भी नाराज हैं। उनका कहना है कि हमने जिनका नाम दिया, उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। हम पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। कोई बड़ा विवाद नहीं था, लेकिन चाचा की पहचान और दबदबे से लोग खुन्नस रखते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमें यह तक नहीं पता कि आरोपी कहां रखे गए हैं। चाचा मरने से पहले दीपक का नाम लेकर चिल्ला रहे थे। पुलिस जिन्हें हत्यारोपी बताकर जेल भिजवाया है, उन्हें न तो वह जानते हैं और न ही एफआईआर में नामजद कराया था। राजकुमार की बहनें मंजू, अंजली, कुंती देवी और मोहनी ने सीबीआई जांच की मांग की है।
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