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Gorakhpur News: हत्या के लिए शतरंज की तरह रची गई थी साजिश, राज को बनाया गया मोहरा
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गोरखपुर। प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान हत्याकांड में पुलिस ने खुलासा किया है कि यह वारदात शतरंज की चाल की तरह सुनियोजित थी। पुलिस के अनुसार साजिशकर्ताओं ने राजकुमार को मोहरा बना दिया था और हत्या की पूरी साजिश पहले से तैयार की गई थी।
हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। कैमरे में सुबह 5.15 बजे राजकुमार घटना स्थल की ओर जाते हुए दिखाई दिए। इससे पहले 4.45 बजे मृतक से पहले दो अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचे, जिनकी पहचान राज चौहान और विपिन यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने फॉरेंसिक की मदद से दोनों गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग और सीडीआर की जांच की। इसमें 14 मार्च को दीपक गौड़ को राज चौहान से राजकुमार की मुखबिरी करते हुए सुना गया। इसके पहले 21 फरवरी को लालजी यादव ने राज चौहान को बड़ा कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और समर्थन देने की बात कही।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में राजकुमार के गुर्गों ने दीपक पर गोली चलाई थी, जिससे वह काफी खुन्नस में आ गया। वहीं, लालजी यादव पार्षदी चुनाव के दौरान राजकुमार से दुश्मनी रखने लगा और उसने दीपक से हाथ मिला लिया। हत्याकांड के बाद पुलिस जब राज का स्वेटर रिकवर करने शेषनाथ यादव के घर पहुंची, तो पता चला कि आदित्य ने अपने पिता शेषनाथ के कहने पर स्वेटर जला दिया था। वहीं, अंकित यादव घटना से पहले और बाद में राज से मोबाइल पर बातचीत करता रहा और इस दौरान उसने राज से कहा कि वह उसके घर वालों का ख्याल रखेगा।
जांच में पता चला कि हत्यारोपी राज और विपिन, अंकित के यहां ही डंपर चलाते थे। देवव्रत्त ने राज को मछली पालन का व्यवसाय कराया था, जहां अक्सर सभी साजिशकर्ता मिलकर योजना बनाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि अंकित के चचेरे भाई कृष्ण कुमार को राजकुमार के गुर्गे शक्ति ने गोली मारकर अपाहिज कर दिया था। इसके चलते अंकित और उसके परिवार ने राजकुमार को रास्ते से हटाने के लिए दीपक से हाथ मिला लिया। पुलिस ने एक-एक कर कड़ियां जोड़ते हुए सभी साजिशकर्ताओं तक पहुंच बनाई।
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हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। कैमरे में सुबह 5.15 बजे राजकुमार घटना स्थल की ओर जाते हुए दिखाई दिए। इससे पहले 4.45 बजे मृतक से पहले दो अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचे, जिनकी पहचान राज चौहान और विपिन यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने फॉरेंसिक की मदद से दोनों गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग और सीडीआर की जांच की। इसमें 14 मार्च को दीपक गौड़ को राज चौहान से राजकुमार की मुखबिरी करते हुए सुना गया। इसके पहले 21 फरवरी को लालजी यादव ने राज चौहान को बड़ा कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और समर्थन देने की बात कही।
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जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में राजकुमार के गुर्गों ने दीपक पर गोली चलाई थी, जिससे वह काफी खुन्नस में आ गया। वहीं, लालजी यादव पार्षदी चुनाव के दौरान राजकुमार से दुश्मनी रखने लगा और उसने दीपक से हाथ मिला लिया। हत्याकांड के बाद पुलिस जब राज का स्वेटर रिकवर करने शेषनाथ यादव के घर पहुंची, तो पता चला कि आदित्य ने अपने पिता शेषनाथ के कहने पर स्वेटर जला दिया था। वहीं, अंकित यादव घटना से पहले और बाद में राज से मोबाइल पर बातचीत करता रहा और इस दौरान उसने राज से कहा कि वह उसके घर वालों का ख्याल रखेगा।
जांच में पता चला कि हत्यारोपी राज और विपिन, अंकित के यहां ही डंपर चलाते थे। देवव्रत्त ने राज को मछली पालन का व्यवसाय कराया था, जहां अक्सर सभी साजिशकर्ता मिलकर योजना बनाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि अंकित के चचेरे भाई कृष्ण कुमार को राजकुमार के गुर्गे शक्ति ने गोली मारकर अपाहिज कर दिया था। इसके चलते अंकित और उसके परिवार ने राजकुमार को रास्ते से हटाने के लिए दीपक से हाथ मिला लिया। पुलिस ने एक-एक कर कड़ियां जोड़ते हुए सभी साजिशकर्ताओं तक पहुंच बनाई।