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Gorakhpur News: निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर भागी टीआरएक्स गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी
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प्रतिमाह 2 से 4 प्रतिशत लाभ देने का झांसा देकर निवेशकों से वसूले रुपये
एसएसपी के आदेश पर रामगढ़ताल थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर शुरू की जांच
तीन माह से बंद पड़ा कंपनी का कार्यालय, निदेशकों के मोबाइल नंबर भी हुए बंद
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर गोरखपुर-बस्ती मंडल और आसपास के जिलों में करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। टीआरएक्स ट्रेडिंग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड पर सैकड़ों निवेशकों से मासिक 2 से 4 प्रतिशत लाभ का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है। पीड़ित निवेशकों की शिकायत के बाद एसएसपी के आदेश पर रामगढ़ताल थाने में अशोक कुमार शर्मा, रानी शर्मा, जितेंद्र शर्मा, पारसनाथ शर्मा और अनिल शर्मा के खिलाफ जालसाजी व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
माना जा रहा है कि ठगों का जाल लखनऊ-वाराणसी तक भी फैला हुआ है। रामगढ़ताल क्षेत्र के अजीत यादव और अन्य पीड़ितों ने पुलिस को दी संयुक्त तहरीर में बताया कि टीआरएक्स ट्रेडिंग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय देवरिया बाईपास रोड स्थित भगत चौराहा के पास एचडीएफसी बैंक की बिल्डिंग में संचालित किया जा रहा था। कंपनी का संचालन कुशीनगर के रामकोला लाला छपरा निवासी अशोक कुमार शर्मा (मैनेजिंग डायरेक्टर), रानी शर्मा (डायरेक्टर), जितेंद्र शर्मा, पारसनाथ शर्मा और देवरिया के खेराट बंजारिया निवासी अनिल शर्मा की ओर से संयुक्त रूप से किया जाता था।
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आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने गोल्ड प्रोडक्ट के क्रय-विक्रय और ट्रेडिंग के नाम पर सुरक्षित व सुनिश्चित मुनाफे का भरोसा दिलाया। निवेशकों को हर माह 2 से 4 प्रतिशत रिटर्न देने का झांसा देकर गोरखपुर समेत आसपास के जिलों के सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये निवेश कराए गए। शुरुआत में कुछ निवेशकों को समय पर आंशिक लाभ भी दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ और निवेश की राशि लगातार बढ़ती चली गई।
पीड़ितों का कहना है कि बीते तीन माह से कंपनी का कार्यालय पूरी तरह बंद है। इस दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से लाभ सहित निवेश की पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया जाता रहा लेकिन अब स्थिति यह है कि आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं या कॉल रिसीव नहीं की जा रही। थाने में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ितों ने एसएसपी से गुहार लगाई। रामगढ़ताल थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
ये हुए ठगी के शिकार
पीड़ितों में अजीत यादव, अरुण कुमार सिंह, चंद्रशेखर राय, संगम पासवान, आनंद द्विवेदी, दिलीप कुमार तिवारी, वृंदावन शर्मा, बृजेश कुमार, विवेक कुमार निषाद, हेमंत कुमार, छन्ने लाल, विरेंद्र कुमार शर्मा, परमेश्वर कुमार गुप्ता, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, इंदु देवी, राम कुमार अग्रवाल, शशि कपूर, राहुल यादव, रामबदन यादव, राजेश कुमार समेत सैकड़ों लोग शामिल हैं।
वर्जन
पीड़ितों ने संयुक्त रूप से तहरीर दी थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
