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Chandigarh-Haryana News: स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले निकायों के इंतजाम की खुली पोल, 23 में से केवल 7 ही बेहतर
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण से निकाय विभाग ने सबक नहीं लिया। बीते साल स्वच्छ सर्वेक्षण में 87 में से 10 ही निकाय बेहतर प्रदर्शन कर सके थे। अब मार्च के पहले सप्ताह में केंद्रीय टीम स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए पहुंच सकती है। केंद्रीय टीमों के पहुंचने से पहले प्रदेश के सभी 23 जिलों के मुख्यालयों वाले निकायों में स्वच्छता के इंतजामों की पड़ताल मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों ने की। 23 में से केवल 7 ही निकायों में संतोषजनक स्थिति मिली है। इसके अलावा 7 निकायों का सफाई के मामले में औसत कार्य है जबकि 9 निकायों को अपने कार्य में सुधार की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों (सीएमजीजीए) ने 11 व 12 फरवरी को औचक निरीक्षण करके 23 निकायों में स्वच्छता के इंतजामों की रिपोर्ट तैयार की है। स्वच्छता के मामले में शहरों की स्थिति जांचने के बाद कुल 10 में से दिए गए अंकों, निकायों का प्रदर्शन, संबंधित शहरों में स्वच्छता के कार्य में मजबूती और औचक निरीक्षण में मिली खामियों को भी विस्तृत रिपोर्ट के माध्यम से बताया गया है। शहरों की बात करें तो करनाल सर्वाधिक 7.5 अंकों के साथ सर्वश्रेष्ठ शहरों में शामिल रहा। रोहतक व हिसार के 7-7 अंक होने के कारण दोनों संयुक्त रूप से सफाई के मामले में दूसरे स्थान पर रहे। अंबाला, कैथल, पंचकूला व भिवानी शहरों में प्रत्येक को साढ़े छह अंक मिले हैं। इन शहरों को गुड (अच्छी) स्थिति में शामिल किया है। औसत श्रेणी में जींद, पानीपत, यमुनानगर, सोनीपत, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, सिरसा व झज्जर शहर शामिल हैं।
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सबसे खराब प्रदर्शन वाले 9 शहरों में ये मिली खामियां
सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में सबसे खराब प्रदर्शन वाले 9 शहरों में फरीदाबाद, गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ को 4.5-4.5 अंक मिले हैं। महेंद्रगढ़ में शाैचालय संचालित नहीं मिले और सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी। गुरुग्राम में सार्वजनिक शाैचालयों के संचालन की स्थित बेहद खराब पाई गई है। वार्डों में स्वच्छता के कार्य की निगरानी ठीक नहीं मिली। ड्रेनेज व्यवस्था ठीक नहीं थी। सफाई कर्मचारियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। फरीदाबाद में लघु सचिवालय, कोर्ट व अन्य कुछ स्थानों पर सार्वजनिक शाैचालय की स्थिति ठीक नहीं मिली। पलवल को 4 अंक मिले हैं और यहां सीवरेज लाइन गंदगी से भरी हुईं मिली हैं। नया जिला बने हांसी को 3.5 अंक मिले हैं। यहां ड्रेनेज व सीवरेज लाइन खुली हुई मिली हैं। चरखी दादरी को 2.5 अंक मिले हैं। यहां ग्रीनबेल्ट में कचरा डाला जा रहा है। नूंह (मेवात) में सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बताई गई है। नूंह को सिर्फ आधा अंक (0.5) ही मिल पाया है।
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चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण से निकाय विभाग ने सबक नहीं लिया। बीते साल स्वच्छ सर्वेक्षण में 87 में से 10 ही निकाय बेहतर प्रदर्शन कर सके थे। अब मार्च के पहले सप्ताह में केंद्रीय टीम स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए पहुंच सकती है। केंद्रीय टीमों के पहुंचने से पहले प्रदेश के सभी 23 जिलों के मुख्यालयों वाले निकायों में स्वच्छता के इंतजामों की पड़ताल मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों ने की। 23 में से केवल 7 ही निकायों में संतोषजनक स्थिति मिली है। इसके अलावा 7 निकायों का सफाई के मामले में औसत कार्य है जबकि 9 निकायों को अपने कार्य में सुधार की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों (सीएमजीजीए) ने 11 व 12 फरवरी को औचक निरीक्षण करके 23 निकायों में स्वच्छता के इंतजामों की रिपोर्ट तैयार की है। स्वच्छता के मामले में शहरों की स्थिति जांचने के बाद कुल 10 में से दिए गए अंकों, निकायों का प्रदर्शन, संबंधित शहरों में स्वच्छता के कार्य में मजबूती और औचक निरीक्षण में मिली खामियों को भी विस्तृत रिपोर्ट के माध्यम से बताया गया है। शहरों की बात करें तो करनाल सर्वाधिक 7.5 अंकों के साथ सर्वश्रेष्ठ शहरों में शामिल रहा। रोहतक व हिसार के 7-7 अंक होने के कारण दोनों संयुक्त रूप से सफाई के मामले में दूसरे स्थान पर रहे। अंबाला, कैथल, पंचकूला व भिवानी शहरों में प्रत्येक को साढ़े छह अंक मिले हैं। इन शहरों को गुड (अच्छी) स्थिति में शामिल किया है। औसत श्रेणी में जींद, पानीपत, यमुनानगर, सोनीपत, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, सिरसा व झज्जर शहर शामिल हैं।
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सबसे खराब प्रदर्शन वाले 9 शहरों में ये मिली खामियां
सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में सबसे खराब प्रदर्शन वाले 9 शहरों में फरीदाबाद, गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ को 4.5-4.5 अंक मिले हैं। महेंद्रगढ़ में शाैचालय संचालित नहीं मिले और सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी। गुरुग्राम में सार्वजनिक शाैचालयों के संचालन की स्थित बेहद खराब पाई गई है। वार्डों में स्वच्छता के कार्य की निगरानी ठीक नहीं मिली। ड्रेनेज व्यवस्था ठीक नहीं थी। सफाई कर्मचारियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। फरीदाबाद में लघु सचिवालय, कोर्ट व अन्य कुछ स्थानों पर सार्वजनिक शाैचालय की स्थिति ठीक नहीं मिली। पलवल को 4 अंक मिले हैं और यहां सीवरेज लाइन गंदगी से भरी हुईं मिली हैं। नया जिला बने हांसी को 3.5 अंक मिले हैं। यहां ड्रेनेज व सीवरेज लाइन खुली हुई मिली हैं। चरखी दादरी को 2.5 अंक मिले हैं। यहां ग्रीनबेल्ट में कचरा डाला जा रहा है। नूंह (मेवात) में सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बताई गई है। नूंह को सिर्फ आधा अंक (0.5) ही मिल पाया है।