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Kaithal News: बैंक से लिया 1.50 लाख का कर्ज नहीं चुकाया, अदालत ने 2.87 लाख की वसूली के दिए आदेश
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कैथल। केंद्रीय बैंक ऑफ इंडिया से लिया फसल और टर्म लोन नहीं चुकाने के मामले में सिविल जज की अदालत ने किसान कंवल उर्फ कबल सिंह के खिलाफ एकतरफा डिक्री पारित की है। अदालत ने बैंक के पक्ष में कुल 2,87,738 रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं। इसमें फसल ऋण खाते के 1,88,799 रुपये और टर्म लोन खाते के 98,939 रुपये शामिल हैं।
इसके अलावा संबंधित ब्याज और मुकदमे के खर्च की भी मंजूरी दी गई है। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार कंवल सिंह ने वर्ष 2016 में केंद्रीय बैंक ऑफ इंडिया से एक लाख रुपये का फसल ऋण और 50 हजार रुपये का टर्म लोन लिया था। दोनों ऋणों के लिए उसने गांव पत्ती डोगर में स्थित आठ कनाल कृषि भूमि बैंक के पास गिरवी रखी थी। ऋण लेने के दौरान बैंक के पक्ष में आवश्यक दस्तावेज भी निष्पादित किए गए थे।
नोटिस के बाद भी नहीं किया भुगतान
बैंक के अनुसार कंवल सिंह ने तय समय पर ऋण की किस्तों और बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। बैंक की ओर से कई बार भुगतान के लिए कहा गया। इसके बाद 9 अप्रैल 2025 को कानूनी नोटिस भी भेजा गया लेकिन इसके बावजूद बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। इस पर बैंक ने 2,87,738 रुपये की वसूली के लिए अदालत में मुकदमा दायर किया।
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अदालत में पेश नहीं हुआ प्रतिवादी
मामले में नोटिस दिए जाने के बावजूद प्रतिवादी अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके कारण अदालत ने 21 अगस्त 2025 को उसे एकतरफा घोषित कर दिया। बैंक की ओर से शाखा प्रबंधक जोरा सिंह ने अदालत में गवाही दी। बैंक ने ऋण आवेदन, स्वीकृति पत्र, डीपी नोट, हाइपोथिकेशन समझौता, मॉर्गेज डीड और बैंक खाते के विवरण समेत 15 दस्तावेज अदालत में पेश किए। अदालत ने बैंक की ओर से पेश दस्तावेजों और गवाही के आधार पर माना कि प्रतिवादी ने बैंक से ऋण लिया था और उसका भुगतान नहीं किया। खाते के विवरण में भी ऋण की राशि बकाया पाई गई। प्रतिवादी के अदालत में पेश नहीं होने के कारण बैंक के साक्ष्यों का कोई खंडन नहीं हुआ। कंवल सिंह को यह राशि तीन माह के भीतर चुकानी होगी। अगर फिर भी राशि नहीं लौटाई तो आठ कनाल जमीन की बिक्री की जाएगी।
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इसके अलावा संबंधित ब्याज और मुकदमे के खर्च की भी मंजूरी दी गई है। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार कंवल सिंह ने वर्ष 2016 में केंद्रीय बैंक ऑफ इंडिया से एक लाख रुपये का फसल ऋण और 50 हजार रुपये का टर्म लोन लिया था। दोनों ऋणों के लिए उसने गांव पत्ती डोगर में स्थित आठ कनाल कृषि भूमि बैंक के पास गिरवी रखी थी। ऋण लेने के दौरान बैंक के पक्ष में आवश्यक दस्तावेज भी निष्पादित किए गए थे।
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नोटिस के बाद भी नहीं किया भुगतान
बैंक के अनुसार कंवल सिंह ने तय समय पर ऋण की किस्तों और बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। बैंक की ओर से कई बार भुगतान के लिए कहा गया। इसके बाद 9 अप्रैल 2025 को कानूनी नोटिस भी भेजा गया लेकिन इसके बावजूद बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। इस पर बैंक ने 2,87,738 रुपये की वसूली के लिए अदालत में मुकदमा दायर किया।
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अदालत में पेश नहीं हुआ प्रतिवादी
मामले में नोटिस दिए जाने के बावजूद प्रतिवादी अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके कारण अदालत ने 21 अगस्त 2025 को उसे एकतरफा घोषित कर दिया। बैंक की ओर से शाखा प्रबंधक जोरा सिंह ने अदालत में गवाही दी। बैंक ने ऋण आवेदन, स्वीकृति पत्र, डीपी नोट, हाइपोथिकेशन समझौता, मॉर्गेज डीड और बैंक खाते के विवरण समेत 15 दस्तावेज अदालत में पेश किए। अदालत ने बैंक की ओर से पेश दस्तावेजों और गवाही के आधार पर माना कि प्रतिवादी ने बैंक से ऋण लिया था और उसका भुगतान नहीं किया। खाते के विवरण में भी ऋण की राशि बकाया पाई गई। प्रतिवादी के अदालत में पेश नहीं होने के कारण बैंक के साक्ष्यों का कोई खंडन नहीं हुआ। कंवल सिंह को यह राशि तीन माह के भीतर चुकानी होगी। अगर फिर भी राशि नहीं लौटाई तो आठ कनाल जमीन की बिक्री की जाएगी।