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Kaithal News: कनाडा भेजने का झांसा देकर व्यक्ति से ठगे 10 लाख, दो बार खाते में ट्रांसफर करवाए रुपये
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कैथल। कनाडा भेजने के नाम पर गांव फतेहपुर निवासी व्यक्ति से 10 लाख रुपये धोखाधड़ी से ठग लिए। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पूंडरी थाना पुलिस को दी शिकायत में बलराज सिंह ने बताया कि उसने फेसबुक पर हरजिंद्र का विदेश भेजने संबंधी विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में हरजिंद्र ने खुद को एजेंट बताया था और विदेश भेजने का काम करने की बात कही थी। विज्ञापन में दिए मोबाइल नंबर के माध्यम से उसने व्हाट्सएप पर संपर्क किया।
बातचीत के दौरान उसके बेटे मनिंद्र जीत सिंह को 12 लाख रुपये में कनाडा भेजने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसके बेटे को कनाडा भेज देगा। शिकायत के मुताबिक बातचीत के बाद आरोपी ने एंबेसी की फीस जमा करवाने की बात कही। इस पर उसके दोस्त संजय नारंग के क्रेडिट कार्ड से सात हजार रुपये एंबेसी फीस के नाम पर कटवाए गए। फीस जमा होने के बाद आरोपी ने उसे एक सबमिशन लेटर भेजा और बताया कि उसकी फाइल लग गई है और आठ से 10 दिन तक इंतजार करना होगा। इससे आरोपी पर विश्वास बढ़ गया।
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बलराज ने बताया कि इसके बाद 22 मई 2026 को आरोपी ने उसके पास वीजा की कॉपी और वीडियो भेजी। इसके बाद 25 मई को चंडीगढ़ स्थित वीएफएस में अपॉइंटमेंट हुई। वहां उसने अपने बेटे का पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करवाए। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन प्रक्रियाओं के कारण उसे लगा कि आरोपी विदेश भेजने की प्रक्रिया सही तरीके से कर रहा है। इसके बाद 27 मई को उसने आरटीजीएस के माध्यम से सात लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 3 जून को तीन लाख रुपये और ट्रांसफर करवाए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह रकम मोहम्मद निहाल के नाम से संचालित बैंक खाते में जमा करवाई गई। इस तरह दोनों किश्तों में कुल 10 लाख रुपये आरोपी की ओर से बताए गए खाते में ट्रांसफर किए गए।
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इसके बाद 10 जुलाई को एंबेसी की ओर से ब्लू डार्ट से पासपोर्ट व लेटर मिला। इसमें उसके साथ फ्रॉड होने की बात कही गई। इसके बाद उसने आरोपी हरजिंद्र से संपर्क कर मामले के बारे में बातचीत की। इस दौरान आरोपी ने उससे पांच लाख रुपये और जमा करवाने की मांग की। आरोपी ने कहा कि यदि समय पर पांच लाख रुपये जमा नहीं करवाए गए तो पहले दिए गए 10 लाख रुपये जब्त हो जाएंगे। साथ ही उसने फाइल समय पर नहीं लगने के लिए शिकायतकर्ता को ही जिम्मेदार ठहराया।
पुलिस ने आरोपी हरजिंद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।- शिव कुमार, पूंडरी थाना प्रभारी
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बातचीत के दौरान उसके बेटे मनिंद्र जीत सिंह को 12 लाख रुपये में कनाडा भेजने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसके बेटे को कनाडा भेज देगा। शिकायत के मुताबिक बातचीत के बाद आरोपी ने एंबेसी की फीस जमा करवाने की बात कही। इस पर उसके दोस्त संजय नारंग के क्रेडिट कार्ड से सात हजार रुपये एंबेसी फीस के नाम पर कटवाए गए। फीस जमा होने के बाद आरोपी ने उसे एक सबमिशन लेटर भेजा और बताया कि उसकी फाइल लग गई है और आठ से 10 दिन तक इंतजार करना होगा। इससे आरोपी पर विश्वास बढ़ गया।
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बलराज ने बताया कि इसके बाद 22 मई 2026 को आरोपी ने उसके पास वीजा की कॉपी और वीडियो भेजी। इसके बाद 25 मई को चंडीगढ़ स्थित वीएफएस में अपॉइंटमेंट हुई। वहां उसने अपने बेटे का पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करवाए। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन प्रक्रियाओं के कारण उसे लगा कि आरोपी विदेश भेजने की प्रक्रिया सही तरीके से कर रहा है। इसके बाद 27 मई को उसने आरटीजीएस के माध्यम से सात लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 3 जून को तीन लाख रुपये और ट्रांसफर करवाए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह रकम मोहम्मद निहाल के नाम से संचालित बैंक खाते में जमा करवाई गई। इस तरह दोनों किश्तों में कुल 10 लाख रुपये आरोपी की ओर से बताए गए खाते में ट्रांसफर किए गए।
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इसके बाद 10 जुलाई को एंबेसी की ओर से ब्लू डार्ट से पासपोर्ट व लेटर मिला। इसमें उसके साथ फ्रॉड होने की बात कही गई। इसके बाद उसने आरोपी हरजिंद्र से संपर्क कर मामले के बारे में बातचीत की। इस दौरान आरोपी ने उससे पांच लाख रुपये और जमा करवाने की मांग की। आरोपी ने कहा कि यदि समय पर पांच लाख रुपये जमा नहीं करवाए गए तो पहले दिए गए 10 लाख रुपये जब्त हो जाएंगे। साथ ही उसने फाइल समय पर नहीं लगने के लिए शिकायतकर्ता को ही जिम्मेदार ठहराया।
पुलिस ने आरोपी हरजिंद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।- शिव कुमार, पूंडरी थाना प्रभारी