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Kurukshetra News: कुश्ती दंगल में रिंकू अंबाला ने संदीप चंडीगढ़, अश्विनी लुधियाना ने मखन सिंह को दी पटखनी
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बाबैन। दंगल में कुश्ती में दांव पेंच लड़ाते पहलवान।
- फोटो : 1
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बाबैन। गांव खरींडवा में आयोजित माता बसंती मेले के अवसर पर दंगल का आयोजन किया गया। दंगल का शुभारंभ समाजसेवी सतवंत सिंह यारा ने पहलवानों का हाथ मिलाकर किया। दंगल में रिंकू अंबाला ने संदीप चंडीगढ़, अश्विनी लुधियाना ने मखन सिंह व सोनू चम्मू ने प्रदीप करनाल को पटखनी दी।
इसके अलावा मान सिंह अंबाला, बलराज अंबाला कैंट, काला अटाला, नीतीश कैथल, गगन खरींडवा, अकाश सुरख पुर ने भी दंगल में कुश्ती के जौहर दिखाए। दंगल के आयोजन के लिए लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला और आसपास गांवों से आए लोगों ने मंदिर प्रबंधक कमेटी के अलावा पहलवानों को इनाम देकर उत्साहित किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमी दंगल देखने के लिए पहुंचे। दंगल समापन अवसर पर बोलते हुए साहब सिंह खरींडवा ने कहा कि कुश्ती भारत की प्राचीन और गौरवशाली खेल परंपरा है, जो गांवों की संस्कृति और युवाओं की ताकत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं को खेलों की ओर प्रेरणा मिलती है और वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर होते हैं। उन्होंने माता बसंती मेला प्रबंधक कमेटी की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे दंगल आयोजित होने से प्रतिभाशाली पहलवानों को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और क्षेत्र का नाम भी रोशन होता है।
कई मुकाबले बेहद रोमांचक रहे जिनमें पहलवानों ने जोरदार कुश्ती लड़ते हुए अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन किया। इन मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बच्चे मौजूद रहे। उन्होंने तालियों और जयकारों के साथ पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। दंगल स्थल पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली और मेले में लगी दुकानों पर भी लोगों ने जमकर खरीदारी की।
दंगल के समापन पर विजेता पहलवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर माता बसंती मेला प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुरेश कुमार, देवी लाल, विनोद शर्मा, कर्म सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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इसके अलावा मान सिंह अंबाला, बलराज अंबाला कैंट, काला अटाला, नीतीश कैथल, गगन खरींडवा, अकाश सुरख पुर ने भी दंगल में कुश्ती के जौहर दिखाए। दंगल के आयोजन के लिए लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला और आसपास गांवों से आए लोगों ने मंदिर प्रबंधक कमेटी के अलावा पहलवानों को इनाम देकर उत्साहित किया।
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इस अवसर पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमी दंगल देखने के लिए पहुंचे। दंगल समापन अवसर पर बोलते हुए साहब सिंह खरींडवा ने कहा कि कुश्ती भारत की प्राचीन और गौरवशाली खेल परंपरा है, जो गांवों की संस्कृति और युवाओं की ताकत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं को खेलों की ओर प्रेरणा मिलती है और वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर होते हैं। उन्होंने माता बसंती मेला प्रबंधक कमेटी की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे दंगल आयोजित होने से प्रतिभाशाली पहलवानों को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और क्षेत्र का नाम भी रोशन होता है।
कई मुकाबले बेहद रोमांचक रहे जिनमें पहलवानों ने जोरदार कुश्ती लड़ते हुए अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन किया। इन मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बच्चे मौजूद रहे। उन्होंने तालियों और जयकारों के साथ पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। दंगल स्थल पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली और मेले में लगी दुकानों पर भी लोगों ने जमकर खरीदारी की।
दंगल के समापन पर विजेता पहलवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर माता बसंती मेला प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुरेश कुमार, देवी लाल, विनोद शर्मा, कर्म सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।