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Panchkula News: डोर टू डोर कूड़ा उठान बना दुविधा, नहीं आ रहे कर्मचारी
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नप कार्यालय के पास भी गलियों में दो दिन से नहीं हुआ उठान
वार्ड-2 में दो दिन से नहीं उठा कचरा, लोग खुद फेंकने को मजबूर; संकरी गलियों के लिए नहीं है वैकल्पिक व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन व्यवस्था लागू तो कर दी गई है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी सवाल खड़े कर रही है। कई ऐसी गलियां हैं, जहां कूड़ा उठाने के लिए डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन कर्मचारी पहुंच ही नहीं रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नगर परिषद कार्यालय से सटी वार्ड नंबर-2 की सिख स्कूल वाली गली में भी पिछले दो दिनों से कई घरों का कूड़ा नहीं उठाया गया, जिससे लोग खुद कूड़ा फेंकने को मजबूर हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी तो कभी-कभार कूड़ा उठा लेते हैं, लेकिन डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के कर्मचारी अपनी मर्जी से ही आते-जाते हैं। कई बार लगातार कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता, जिससे गंदगी फैलने का खतरा बना रहता है।
नप कार्यालय से सटी गलियों में भी नहीं पहुंच पा रहे वाहन
बताया जा रहा है कि नगर परिषद के आसपास की कई गलियां काफी संकरी हैं, जहां डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन की गाड़ियां नहीं पहुंच पातीं। इसके बावजूद संबंधित एजेंसी ने इन गलियों के लिए न तो रिक्शा-रेहड़ी की व्यवस्था की है और न ही कोई वैकल्पिक समाधान निकाला गया है। एजेंसी के तहत काम करने वाले कर्मचारियों पर भी मनमानी के आरोप लग रहे हैं।
संकरी गलियों के लिए जरूरी है वैकल्पिक व्यवस्था
कालका-पिंजौर क्षेत्र में मुख्य सड़कों के साथ बड़ी संख्या में संकरी गलियां जुड़ी हुई हैं, जहां चार पहिया वाहन का प्रवेश संभव नहीं है। ऐसे में नगर परिषद को चाहिए कि इन क्षेत्रों के लिए अलग से योजना बनाए। संकरी गलियों में वाहन की बजाय हाथ ठेला या रिक्शा-रेहड़ी के माध्यम से नियमित कचरा उठान की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और स्वच्छता व्यवस्था भी दुरुस्त हो।
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वार्ड-2 में दो दिन से नहीं उठा कचरा, लोग खुद फेंकने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन व्यवस्था लागू तो कर दी गई है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी सवाल खड़े कर रही है। कई ऐसी गलियां हैं, जहां कूड़ा उठाने के लिए डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन कर्मचारी पहुंच ही नहीं रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नगर परिषद कार्यालय से सटी वार्ड नंबर-2 की सिख स्कूल वाली गली में भी पिछले दो दिनों से कई घरों का कूड़ा नहीं उठाया गया, जिससे लोग खुद कूड़ा फेंकने को मजबूर हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी तो कभी-कभार कूड़ा उठा लेते हैं, लेकिन डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के कर्मचारी अपनी मर्जी से ही आते-जाते हैं। कई बार लगातार कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता, जिससे गंदगी फैलने का खतरा बना रहता है।
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नप कार्यालय से सटी गलियों में भी नहीं पहुंच पा रहे वाहन
बताया जा रहा है कि नगर परिषद के आसपास की कई गलियां काफी संकरी हैं, जहां डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन की गाड़ियां नहीं पहुंच पातीं। इसके बावजूद संबंधित एजेंसी ने इन गलियों के लिए न तो रिक्शा-रेहड़ी की व्यवस्था की है और न ही कोई वैकल्पिक समाधान निकाला गया है। एजेंसी के तहत काम करने वाले कर्मचारियों पर भी मनमानी के आरोप लग रहे हैं।
संकरी गलियों के लिए जरूरी है वैकल्पिक व्यवस्था
कालका-पिंजौर क्षेत्र में मुख्य सड़कों के साथ बड़ी संख्या में संकरी गलियां जुड़ी हुई हैं, जहां चार पहिया वाहन का प्रवेश संभव नहीं है। ऐसे में नगर परिषद को चाहिए कि इन क्षेत्रों के लिए अलग से योजना बनाए। संकरी गलियों में वाहन की बजाय हाथ ठेला या रिक्शा-रेहड़ी के माध्यम से नियमित कचरा उठान की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और स्वच्छता व्यवस्था भी दुरुस्त हो।