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Rewari News: जांच में 55% बच्चे एनीमिया ग्रसित, 800 से अधिक गंभीर श्रेणी में
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सिविल अस्पताल रेवाड़ी।
- फोटो : सविता समाज के जिलाध्यक्ष डा.निर्दोष कुमार नंदा,संतोष सेन,सतेंद्र पार्षद,राहुल व अन्य पदाधिकारी। स्रोत स्वयं
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रेवाड़ी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक जिले में 1,18,449 बच्चों की स्क्रीनिंग में से 65,169 बच्चों में एनीमिया की पुष्टि हुई है। यह कुल का करीब 55 प्रतिशत है। इतने बड़े स्तर पर एनीमिया के मामले मिलने से स्वास्थ्य विभाग में चिंता बढ़ गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, एनीमिया से पीड़ित बच्चों में 800 से अधिक बच्चे गंभीर एनीमिया (हीमोग्लोबिन 7 ग्राम से कम) की श्रेणी में पाए गए हैं। वहीं 29,612 बच्चे मध्यम एनीमिया और 34,738 बच्चे हल्के एनीमिया से ग्रसित हैं।
आंकड़ों के अनुसार हल्के और मध्यम एनीमिया के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है जो यह संकेत देती है कि बड़ी संख्या में बच्चे शुरुआती और मध्यम स्तर पर इस बीमारी से प्रभावित हैं।
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एनीमिया शरीर में आयरन की कमी के कारण
कार्यक्रम मैनेजर मीनाक्षी यादव का कहना है कि एनीमिया मुख्य रूप से शरीर में आयरन की कमी के कारण होता है। इसका असर बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक क्षमता पर भी पड़ता है। एनीमिया से पीड़ित बच्चों में कमजोरी, थकान, चक्कर आना और पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्याएं देखी जाती हैं।
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बच्चों को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जा रही
मीनाक्षी यादव ने बताया कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जा रही हैं। साथ ही अभिभावकों को बच्चों के खानपान में सुधार करने और पोषक तत्वों से भरपूर आहार देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गंभीर एनीमिया से पीड़ित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और उनका प्राथमिकता के आधार पर इलाज कराया जा रहा है।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार, एनीमिया से पीड़ित बच्चों में 800 से अधिक बच्चे गंभीर एनीमिया (हीमोग्लोबिन 7 ग्राम से कम) की श्रेणी में पाए गए हैं। वहीं 29,612 बच्चे मध्यम एनीमिया और 34,738 बच्चे हल्के एनीमिया से ग्रसित हैं।
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आंकड़ों के अनुसार हल्के और मध्यम एनीमिया के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है जो यह संकेत देती है कि बड़ी संख्या में बच्चे शुरुआती और मध्यम स्तर पर इस बीमारी से प्रभावित हैं।
एनीमिया शरीर में आयरन की कमी के कारण
कार्यक्रम मैनेजर मीनाक्षी यादव का कहना है कि एनीमिया मुख्य रूप से शरीर में आयरन की कमी के कारण होता है। इसका असर बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक क्षमता पर भी पड़ता है। एनीमिया से पीड़ित बच्चों में कमजोरी, थकान, चक्कर आना और पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्याएं देखी जाती हैं।
बच्चों को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जा रही
मीनाक्षी यादव ने बताया कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जा रही हैं। साथ ही अभिभावकों को बच्चों के खानपान में सुधार करने और पोषक तत्वों से भरपूर आहार देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गंभीर एनीमिया से पीड़ित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और उनका प्राथमिकता के आधार पर इलाज कराया जा रहा है।