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Mandi News: प्रवक्ताओं को नियमित करने की मांग
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स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने विभाग के समक्ष रखा पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने शिक्षा विभाग से दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके अध्यापकों की नियमितीकरण प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। संघ ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां अन्य विभागों में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहीं शिक्षा विभाग में अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, महिला विंग की अध्यक्ष ललिता कुमारी और वरिष्ठ उपप्रधान पुनीत प्रभाकर शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि वर्तमान नियमों के मुताबिक 31 मार्च तक दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अथक प्रयास के बाद सरकारी सेवा में आए कर्मचारियों के साथ यह अन्याय है कि दो साल का अनुबंध पूरा करने के बावजूद उन्हें दो-चार महीने अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है। प्रवक्ता संघ ने विभाग से पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की है। संघ का कहना है कि नियमितीकरण की प्रक्रिया वर्ष में दो बार (31 मार्च और 30 सितंबर) आयोजित की जाए। वर्तमान में अप्रैल या मई में नियुक्त होने वाले अध्यापकों को दो के बजाय तीन साल अनुबंध पर बिताने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक पात्रता पूरी करने वाले साथियों के लिए प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो। संघ के पदाधिकारियों ने खेद जताते हुए कहा कि शिक्षा विभाग (उच्च) में देरी के कारण कर्मचारियों में निराशा का माहौल है। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि इस विसंगति को दूर कर अध्यापकों को जल्द राहत दी जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने शिक्षा विभाग से दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके अध्यापकों की नियमितीकरण प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। संघ ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां अन्य विभागों में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहीं शिक्षा विभाग में अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, महिला विंग की अध्यक्ष ललिता कुमारी और वरिष्ठ उपप्रधान पुनीत प्रभाकर शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि वर्तमान नियमों के मुताबिक 31 मार्च तक दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अथक प्रयास के बाद सरकारी सेवा में आए कर्मचारियों के साथ यह अन्याय है कि दो साल का अनुबंध पूरा करने के बावजूद उन्हें दो-चार महीने अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है। प्रवक्ता संघ ने विभाग से पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की है। संघ का कहना है कि नियमितीकरण की प्रक्रिया वर्ष में दो बार (31 मार्च और 30 सितंबर) आयोजित की जाए। वर्तमान में अप्रैल या मई में नियुक्त होने वाले अध्यापकों को दो के बजाय तीन साल अनुबंध पर बिताने पड़ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक पात्रता पूरी करने वाले साथियों के लिए प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो। संघ के पदाधिकारियों ने खेद जताते हुए कहा कि शिक्षा विभाग (उच्च) में देरी के कारण कर्मचारियों में निराशा का माहौल है। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि इस विसंगति को दूर कर अध्यापकों को जल्द राहत दी जाए।