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Rampur Bushahar News: खतरे के साये में जर्जर पुल को पार करने को मजबूर लोग
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. कई साल से खमाडी से सुरड़बंगला को जोड़ने वाला पैदल पुल खस्ताहाल
कई बार ग्रामीणों की मांग के बाद भी वन विभाग नहीं ले रहा सुध
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
ननखड़ी तहसील के तहत खमाडी से सुरड़बंगला को जोड़ने वाला पैदल पुल खस्ताहाल है। जर्जर पुल हादसों का न्योता दे रहा है। दो पंचायतों के स्कूली बच्चे और ग्रामीण खतरों के साये में पुल पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की कई बार मांग के बाद भी वन विभाग खस्ताहाल पुल की सुध नहीं ले रहा है। इस कारण ग्रामीणों में भारी रोष है। मझोली-टिप्पर पंचायत के पूर्व प्रधान विजय कनैन ने कहा कि खमाडी से सुरडबंगला के लिए वन विभाग की ओर से बनाया लकड़ी का पुल खस्ताहाल है। किसी भी समय पुल टूट सकता है। यह एक आम मार्ग है। इस पुल से स्कूल के बच्चे खमाडी को जाते हैं। शिमला-खमाडी बस के लिए ग्रामीणों का शिमला और ननखड़ी तहसील मुख्यालय के लिए आना-जाना रहता है। जर्जर बना पुल हादसों को न्योता दे रहा है। मझोली-टिप्पर और खमाडी पंचायत के स्कूली बच्चे, ग्रामीण खतरे और डर के साये में सफर करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि 9 महीने पहले वन मंडलाधिकारी रामपुर इसका निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। उन्होंने मांग उठाई है कि लकड़ी के पुल को बदल कर लोहे का पुल शीघ्र लगाया जाए। दोनों पंचायतें पिछड़े क्षेत्र से संबंध रखती हैं। इसके लिए पिछड़ा क्षेत्र विकास निधि से भी धनराशि मुहैया करवाई जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग उठाई है कि स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाया जाए।
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कई बार ग्रामीणों की मांग के बाद भी वन विभाग नहीं ले रहा सुध
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
ननखड़ी तहसील के तहत खमाडी से सुरड़बंगला को जोड़ने वाला पैदल पुल खस्ताहाल है। जर्जर पुल हादसों का न्योता दे रहा है। दो पंचायतों के स्कूली बच्चे और ग्रामीण खतरों के साये में पुल पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की कई बार मांग के बाद भी वन विभाग खस्ताहाल पुल की सुध नहीं ले रहा है। इस कारण ग्रामीणों में भारी रोष है। मझोली-टिप्पर पंचायत के पूर्व प्रधान विजय कनैन ने कहा कि खमाडी से सुरडबंगला के लिए वन विभाग की ओर से बनाया लकड़ी का पुल खस्ताहाल है। किसी भी समय पुल टूट सकता है। यह एक आम मार्ग है। इस पुल से स्कूल के बच्चे खमाडी को जाते हैं। शिमला-खमाडी बस के लिए ग्रामीणों का शिमला और ननखड़ी तहसील मुख्यालय के लिए आना-जाना रहता है। जर्जर बना पुल हादसों को न्योता दे रहा है। मझोली-टिप्पर और खमाडी पंचायत के स्कूली बच्चे, ग्रामीण खतरे और डर के साये में सफर करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि 9 महीने पहले वन मंडलाधिकारी रामपुर इसका निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। उन्होंने मांग उठाई है कि लकड़ी के पुल को बदल कर लोहे का पुल शीघ्र लगाया जाए। दोनों पंचायतें पिछड़े क्षेत्र से संबंध रखती हैं। इसके लिए पिछड़ा क्षेत्र विकास निधि से भी धनराशि मुहैया करवाई जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग उठाई है कि स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाया जाए।