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Srinagar News: निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतें निपटाने के निर्देश
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डीसी अनंतनाग ने भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के जिला उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट ने खन्नाबल में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण के मामले में जिले की स्थिति की समीक्षा की गई। डीसी ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतें निपटाने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीसी, एसीआर, एसडीएम के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। शुरुआत में डीसी ने पीएम गति शक्ति पोर्टल पर जमाबंदियों के सत्यापन और अपलोडिंग की प्रगति का तहसील-वार मूल्यांकन किया और उन तहसीलों को विशेष निर्देश दिए जहां काम अभी भी बाकी था ताकि बची हुई जमाबंदियों का सत्यापन तुरंत पूरा किया जा सके।
डॉ. बिलाल ने जोर देकर कहा कि डिजिटलीकरण पहल का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर गैर-अर्ध-न्यायिक त्रुटियों पर उचित कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि साथ ही लंबित म्यूटेशन पर भी काम शुरू किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा अपडेट हासिल किए जा सकें।
डीसी ने तहसीलदारों को निर्देश दिया कि वे हाल ही में अपडेट की गई जमाबंदियों के संबंध में शिकायतें इकट्ठा करने का काम शुरू करें और यह सुनिश्चित करें कि यह प्रक्रिया, साथ ही डेटा इकट्ठा करने का काम, अगले 3-4 हफ्ते की निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि इसे हासिल करने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं और फील्ड कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी दी जाए कि वे राजस्व गांवों के नियमित और निर्धारित दौरों के दौरान जमीन मालिकों से डेटा इकट्ठा करें।
एडीसी, एसीआर और एसडीएम को इस प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश देते हुए डीसी ने उनसे कहा कि हर राजस्व गांव और तहसील से शिकायतों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक उचित तंत्र और प्रारूप तैयार किया जाए।
सार्वजनिक सेवा गारंटी अधिनियम के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अधिनियम के दायरे में आने वाली सभी राजस्व सेवाओं के लाभ पात्र आवेदकों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर प्रदान किए जाएं।
बैठक में बताया गया कि डिजिटलीकृत जमाबंदियों का सत्यापन लगभग पूरा होने वाला है और जिले ने अब तक 99 प्रतिशत से अधिक प्रगति हासिल कर ली है और इस सप्ताह तक 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल होने की संभावना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के जिला उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट ने खन्नाबल में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण के मामले में जिले की स्थिति की समीक्षा की गई। डीसी ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतें निपटाने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीसी, एसीआर, एसडीएम के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल हुए। शुरुआत में डीसी ने पीएम गति शक्ति पोर्टल पर जमाबंदियों के सत्यापन और अपलोडिंग की प्रगति का तहसील-वार मूल्यांकन किया और उन तहसीलों को विशेष निर्देश दिए जहां काम अभी भी बाकी था ताकि बची हुई जमाबंदियों का सत्यापन तुरंत पूरा किया जा सके।
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डॉ. बिलाल ने जोर देकर कहा कि डिजिटलीकरण पहल का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर गैर-अर्ध-न्यायिक त्रुटियों पर उचित कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि साथ ही लंबित म्यूटेशन पर भी काम शुरू किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा अपडेट हासिल किए जा सकें।
डीसी ने तहसीलदारों को निर्देश दिया कि वे हाल ही में अपडेट की गई जमाबंदियों के संबंध में शिकायतें इकट्ठा करने का काम शुरू करें और यह सुनिश्चित करें कि यह प्रक्रिया, साथ ही डेटा इकट्ठा करने का काम, अगले 3-4 हफ्ते की निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि इसे हासिल करने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं और फील्ड कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी दी जाए कि वे राजस्व गांवों के नियमित और निर्धारित दौरों के दौरान जमीन मालिकों से डेटा इकट्ठा करें।
एडीसी, एसीआर और एसडीएम को इस प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश देते हुए डीसी ने उनसे कहा कि हर राजस्व गांव और तहसील से शिकायतों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक उचित तंत्र और प्रारूप तैयार किया जाए।
सार्वजनिक सेवा गारंटी अधिनियम के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अधिनियम के दायरे में आने वाली सभी राजस्व सेवाओं के लाभ पात्र आवेदकों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर प्रदान किए जाएं।
बैठक में बताया गया कि डिजिटलीकृत जमाबंदियों का सत्यापन लगभग पूरा होने वाला है और जिले ने अब तक 99 प्रतिशत से अधिक प्रगति हासिल कर ली है और इस सप्ताह तक 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल होने की संभावना है।