{"_id":"6a6855804f731431b4018ed1","slug":"50-seats-vacant-of-gnm-in-up-demand-for-direct-admission-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: जीएनएम की 50 फीसदी सीटें खाली, सीधे दाखिले की मांग; कॉलेज संचालकों ने एसीएस और कुलपति को सौंपे ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: जीएनएम की 50 फीसदी सीटें खाली, सीधे दाखिले की मांग; कॉलेज संचालकों ने एसीएस और कुलपति को सौंपे ज्ञापन
Tue, 28 Jul 2026 12:39 PM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Tue, 28 Jul 2026 12:39 PM IST
सार
यूपी में जीएनएम की 50 फीसदी सीटें खाली हैं। कॉलेज संचालकों ने सीधे दाखिले की मांग करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के एसीएस और कुलपति को ज्ञापन सौंपे। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
जीएनएम की 50 फीसदी सीटें खाली।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) पाठ्यक्रम की करीब 50 फीसदी सीटें अब भी खाली हैं। कॉलेज संचालकों को आशंका है कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह सकती हैं। इसे देखते हुए नर्सिंग एवं पैरामेडिकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन ने सीधे दाखिले की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
विज्ञापन
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धनंजय सिंह और महासचिव आरके वाजपेयी ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष तथा अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपे हैं। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर मेरिट के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया कराने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन
ज्ञापन में बताया गया है कि वर्ष 2026 में जीएनएम प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय ने प्रवेश परीक्षा कराई थी। प्रथम चरण की काउंसिलिंग पूरी होने के बाद भी लगभग 50 प्रतिशत सीटें रिक्त हैं। संचालकों के अनुसार, कई अभ्यर्थियों को उनके निवास क्षेत्र से दूर प्रशिक्षण केंद्र आवंटित होने के कारण प्रवेश लेने में परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने कहा कि नजदीकी प्रशिक्षण केंद्र मिलने से प्रवेश बढ़ सकता है। सीटें खाली रहने से संस्थानों के लिए भारतीय उपचर्या परिषद के मानकों को बनाए रखना भी चुनौती बन रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से प्रदेश के कई अभ्यर्थी अन्य राज्यों में प्रवेश ले रहे हैं।
मध्य प्रदेश में जीएनएम, पीबी बीएससी और एमएससी नर्सिंग में ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश दिया जा रहा है। एसोसिएशन ने प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों और निजी नर्सिंग संस्थानों के लिए अलग-अलग प्रवेश प्रक्रिया को सीटें खाली रहने का कारण बताया और भर्ती क्षमता के अनुसार प्रशिक्षार्थी उपलब्ध कराने के लिए एक समान व्यवस्था लागू करने की मांग की है।