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Lucknow News: छह महीने बाद भी नहीं दूर हुई डीएल में आधार की समस्या
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प्रतीकात्मक चित्र।
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लखनऊ। आधार में पिता व पति का नाम न होने से लर्नर डीएल बनवाने वाले आवेदक छह महीने से परेशान हैं, लेकिन परिवहन विभाग के अफसरों की लापरवाही खत्म नहीं हो रही है। एनआईसी ने सिस्टम अपडेट कर दिया है, लेकिन परिवहन अफसर उसे लाइव नहीं कर रहे हैं, जिससे 6500 से अधिक आवेदक परेशान हैं।
सुनीत मिश्र पेशे से इंजीनियर हैं। उनके आधार में पिता का नाम नहीं है, जिससे उनका लर्नर डीएल नहीं बन पा रहा है। ऐसे ही अंबिकानाथ की बेटी सुमन के डीएल का आवेदन नहीं हो पा रहा है। ऐसे आवेदकों की एक लंबी लिस्ट है, जो आधार में पिता या पति का नाम नहीं होने से परेशान हैं। ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ से लेकर परिवहन आयुक्त कार्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं हल करने के लिए अफसर लापरवाही बरत रहे हैं।
लर्नर डीएल बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और एनआईसी पोर्टल पर आधारित है। आधार नंबर से आवेदकों का विवरण लिया जाता है, लेकिन पिता या पति का नाम न होने की स्थिति में आवेदन प्रक्रिया अधूरी रह जाती है, जिससे डीएल जारी नहीं हो पा रहे हैं।
सिस्टम अपडेट, लाइव होने का इंतजार
एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक पीयूष श्रीवास्तव के अनुसार, आधार में पिता व पति का नाम न होने की समस्या कई राज्यों में देखी जा रही है। सिस्टम अपग्रेड कर दिया गया है और इसकी जानकारी अपर परिवहन आयुक्त (आईटी) सुनीता वर्मा को पत्र के माध्यम से दी गई है। सिस्टम को लाइव करने के लिए उनकी अनुमति का इंतजार है। यह तकनीकी बाधा अगस्त से बनी हुई है, जिससे छह महीने से आवेदकों को परेशानी हो रही है।
केंद्रीय स्तर पर नीति निर्माण की प्रक्रिया
अपर परिवहन आयुक्त (आईटी) सुनीता वर्मा ने बताया कि लर्नर लाइसेंस से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार स्तर पर बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में आधार में पिता का नाम न होने, स्मार्ट लॉक डाउनलोडिंग और स्पेशल कैरेक्टर जैसी अन्य समस्याओं के समाधान के लिए एक नीति बनाई जा रही है।
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सुनीत मिश्र पेशे से इंजीनियर हैं। उनके आधार में पिता का नाम नहीं है, जिससे उनका लर्नर डीएल नहीं बन पा रहा है। ऐसे ही अंबिकानाथ की बेटी सुमन के डीएल का आवेदन नहीं हो पा रहा है। ऐसे आवेदकों की एक लंबी लिस्ट है, जो आधार में पिता या पति का नाम नहीं होने से परेशान हैं। ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ से लेकर परिवहन आयुक्त कार्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं हल करने के लिए अफसर लापरवाही बरत रहे हैं।
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लर्नर डीएल बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और एनआईसी पोर्टल पर आधारित है। आधार नंबर से आवेदकों का विवरण लिया जाता है, लेकिन पिता या पति का नाम न होने की स्थिति में आवेदन प्रक्रिया अधूरी रह जाती है, जिससे डीएल जारी नहीं हो पा रहे हैं।
सिस्टम अपडेट, लाइव होने का इंतजार
एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक पीयूष श्रीवास्तव के अनुसार, आधार में पिता व पति का नाम न होने की समस्या कई राज्यों में देखी जा रही है। सिस्टम अपग्रेड कर दिया गया है और इसकी जानकारी अपर परिवहन आयुक्त (आईटी) सुनीता वर्मा को पत्र के माध्यम से दी गई है। सिस्टम को लाइव करने के लिए उनकी अनुमति का इंतजार है। यह तकनीकी बाधा अगस्त से बनी हुई है, जिससे छह महीने से आवेदकों को परेशानी हो रही है।
केंद्रीय स्तर पर नीति निर्माण की प्रक्रिया
अपर परिवहन आयुक्त (आईटी) सुनीता वर्मा ने बताया कि लर्नर लाइसेंस से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार स्तर पर बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में आधार में पिता का नाम न होने, स्मार्ट लॉक डाउनलोडिंग और स्पेशल कैरेक्टर जैसी अन्य समस्याओं के समाधान के लिए एक नीति बनाई जा रही है।
