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Lucknow News: बिखरी कन्नौज की खुशबू, चमका मुरादाबाद का पीतल
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राष्ट्रीय प्रेरणास्थल पर एक जिला एक उत्पाद के तहत जनजाति विकास विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉल पर
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल में आयोजित ‘एक जिला एक उत्पाद’ प्रदर्शनी में प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों की शानदार झलक देखने को मिल रही है। जनजातीय शिल्प से लेकर इत्र और धातु कारीगरी तक, हर स्टॉल पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
प्रदर्शनी में जनजाति विकास के पंडाल में बलरामपुर और लखीमपुर खीरी से पहुंचे थारू जनजाति के कारीगर मूंज, फूंस और जलकुंभी से तैयार किए गए उत्पादों की खासियत बता रहे हैं। फूल की डलिया, धूप और बारिश से बचाने के लिए बनाई गई छतरियां, चप्पल, हैट और लेडीज पर्स जैसे पर्यावरण अनुकूल उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। कारीगर मनीष के अनुसार, इन उत्पादों से गांवों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
कन्नौज से आए संजय शुक्ला मिट्टी की खुशबू, खस, गुलाब और चमेली समेत करीब 50 तरह की खुशबू वाले इत्र लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि मिट्टी की खुशबू वाला इत्र बारिश के बाद उठने वाली सोंधी महक जैसा एहसास कराता है, जिसे लोग खासा पसंद कर रहे हैं। इत्र के स्टॉल पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है।
वहीं पीतल नगरी मुरादाबाद से आए अब्बास पीतल, तांबा, थाली सेट, आयरन फ्लावर पॉट समेत विभिन्न धातुओं से बने उत्पादों की प्रदर्शनी लगा रहे हैं। तांबे की हाथ की नक्कासी से बनी बोतल लोगों को खूुब पसंद आ रही है। घरेलू उपयोग के साथ सजावटी वस्तुओं की भी अच्छी रेंज स्टॉल पर मौजूद है। प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत कर रही है।
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प्रदर्शनी में जनजाति विकास के पंडाल में बलरामपुर और लखीमपुर खीरी से पहुंचे थारू जनजाति के कारीगर मूंज, फूंस और जलकुंभी से तैयार किए गए उत्पादों की खासियत बता रहे हैं। फूल की डलिया, धूप और बारिश से बचाने के लिए बनाई गई छतरियां, चप्पल, हैट और लेडीज पर्स जैसे पर्यावरण अनुकूल उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। कारीगर मनीष के अनुसार, इन उत्पादों से गांवों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
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कन्नौज से आए संजय शुक्ला मिट्टी की खुशबू, खस, गुलाब और चमेली समेत करीब 50 तरह की खुशबू वाले इत्र लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि मिट्टी की खुशबू वाला इत्र बारिश के बाद उठने वाली सोंधी महक जैसा एहसास कराता है, जिसे लोग खासा पसंद कर रहे हैं। इत्र के स्टॉल पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है।
वहीं पीतल नगरी मुरादाबाद से आए अब्बास पीतल, तांबा, थाली सेट, आयरन फ्लावर पॉट समेत विभिन्न धातुओं से बने उत्पादों की प्रदर्शनी लगा रहे हैं। तांबे की हाथ की नक्कासी से बनी बोतल लोगों को खूुब पसंद आ रही है। घरेलू उपयोग के साथ सजावटी वस्तुओं की भी अच्छी रेंज स्टॉल पर मौजूद है। प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत कर रही है।
