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Lucknow News : एक महीने के सावधान यात्रा पर राजभर रवाना, 75 जिलों में करेंगे रैलियां, पटना में होगा समापन

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 26 Sep 2022 08:34 PM IST
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सार

ओमप्रकाश ने कहा कि अखिलेश जब सत्ता में रहते हैं तो उन्हें जातीय जनगणना कराने की याद नहीं आती है। सत्ता से बेदखल होते ही जातीय जनगणना याद आने लगती है। शिवपाल के बयान का जिक्र करते हुए ओमप्रकाश ने कहा कि भतीजे को लेकर चाचा का दर्द झलक ही जाता है। अखिलेश नहीं चाहते शिवपाल साथ आएं।

Akhilesh Yadav never wanted shivpal to come together for 2022 assembly election.
ओम प्रकाश राजभर।
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विस्तार

यूपी से बिहार तक अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने सोमवार को लखनऊ से ‘सावधान रथयात्रा’ का शुभारंभ किया है। 27 अक्तूबर को पटना में समाप्त होने वाली इस यात्रा के लिए तैयार रथ पर सवार होकर पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर अंबेडकरनगर के लिए रवाना हुए। इस दौरान यह यात्रा प्रदेश के 75 जिलों से होते हुए पटना जाएगी। रथयात्रा पर रवाना होने के मौके पर राजभर ने कहा कि यह यात्रा दबे, कुचले व वंचितों के जगाने के लिए शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तमाम राजनीतिक दलों ने अब तक इन जातियों को सिर्फ अपने वोट बैंक के रुप में इस्तेमाल किया है, लेकिन इनके हितों का ध्यान नहीं रखा। इसलिए अब पिछड़े समाज को जगाने का काम करेंगे।

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पार्क रोड स्थित सुभासपा के प्रांतीय कार्यालय से रथयात्रा का शुभारंभ करते हुए राजभर ने कहा कि आजादी के 75 साल में पहली बार राजनीति में अर्कवंशी, बहेलिया जैसी जातियों की भी चर्चा हो रही है। नाई, गोंड, प्रजापति, बिंद जैसी जातियों का इस्तेमाल सिर्फ वोट के लिए किया गया। यह सावधान यात्रा इन लोगों को जगाने के लिए है। रैलियों के माध्यम से इन लोगों को बताया जाएगा कि जब तक जातीय जनगणना नहीं होगी उन्हें उनका हक नहीं मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि सुभासपा जातीय जनगणना के आधार पर समाज के सभी वर्ग के लोगों खासकर दबे, कुचले और गरीबों को भागीदारी दिलाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान एक समान शिक्षा, अनिवार्य शिक्षा और मुफ्त शिक्षा की लड़ाई लड़ने के लिए जनता को तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जाति के गरीबों को मुफ्त इलाज सुविधा की भी व्यवस्था होनी चाहिए। यात्रा के दौरान जिलों में आयोजित होने वाली रैलियों के माध्यम से वोट मांगने वाले नेताओं से जातीय जनगणना कराने, समान शिक्षा का अधिकार लागू करने, गरीबों को मुफ्त इलाज और रोजगारपरक शिक्षा जैसे मुद्दों पर जरूर बात करें।

उन्होंने कहा कि उनकी यह सावधान यात्रा यूपी के 75 जिलों से होते हुए 27 अक्तूबर को गांधी मैदान पटना में पहुंचेगी जहां पर विशाल जनसभा के बाद सावधान यात्रा का समापन होगा। इस दौरान वह खुद यूपी के 33 जिलों में रैलियों को संबोधित करेंगे और पूर्वांचल पर खास फोकस करेंगे। उन्होंने बताया कि 2004 से ही उनकी पार्टी बिहार में लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ रही है। आने वाले लोकसभा चुनाव में बिहार में भी मजबूती से चुनाव लड़ेंगे।

सत्ता में रहते अखिलेश को नहीं आती जातीय जनगणना की याद
इस मौके पर ओमप्रकाश ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश जब सत्ता में रहते हैं तो उन्हें जातीय जनगणना कराने की याद नहीं आती है। सत्ता से बेदखल होते ही जातीय जनगणना याद आने लगती है। शिवपाल के बयान का जिक्र करते हुए ओमप्रकाश ने कहा कि भतीजे को लेकर चाचा का दर्द झलक ही जाता है। अखिलेश नहीं चाहते शिवपाल साथ आएं। अखिलेश के अहम से सपा के तमाम वरिष्ठ नेता नाराज हैं।

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