{"_id":"698429c899119ea5fe0a1608","slug":"bhasha-university-now-phd-opportunities-in-pharmacy-biotechnology-and-engineering-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाषा विश्वविद्यालय: अब फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग में पीएचडी का मौका, अहम फैसलों पर लगी मुहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाषा विश्वविद्यालय: अब फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग में पीएचडी का मौका, अहम फैसलों पर लगी मुहर
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:26 AM IST
विज्ञापन
सार
भाषा विश्वविद्यालय में अकादमिक परिषद की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। भाषा विश्वविद्यालय में अब फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग में पीएचडी करने का अवसर मिलेगा।
भाषा यूनिवर्सिटी।
- फोटो : स्रोत- सोशल मीडिया।
विज्ञापन
विस्तार
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में अब फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग में पीएचडी करने का अवसर मिलेगा। ललित कला संकाय के तहत बीए संगीत (वोकल) पाठ्यक्रम भी शुरू होगा। विवि में बुधवार को कुलपति प्रो. अजय तनेजा की अध्यक्षता में 25वीं अकादमिक परिषद की बैठक में ऐसे कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई।
Trending Videos
सभी विभागों के लिए 30 घंटे का एआई फॉर एवरीवन प्रमाणपत्र कोर्स शुरू होगा। स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी विद्यार्थियों के लिए यह पाठ्यक्रम वैल्यू एडेड कोर्स के रूप में होगा। फार्मेसी संकाय के बीफार्मा चौथे वर्ष के पाठ्यक्रम को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों के अनुरूप अनुमोदित किया गया। बीपीईएस (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन व स्पोर्ट्स) पाठ्यक्रमों के लिए पोर्टल खुलने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - लखनऊ में पहली बार होगी राष्ट्रीय महिला तीरंदाजी प्रतियोगिता, 28 फरवरी और एक मार्च को होगा आयोजन
ये भी पढ़ें - सीएम योगी बोले: संपत्तियों के लंबित भुगतान वसूलने के लिए लागू करें ओटीएस योजना, डिफॉल्टरों को मिलेगी राहत
शोध के प्रोत्साहन और सेमिनार के लिए मिला बजट
शोध को प्रोत्साहित करने और सुदृढ़ शोध इकोसिस्टम विकसित करने के लिए सेमिनार नीति को भी अनुमोदन मिला है। इसके तहत विश्वविद्यालय स्तर पर सेमिनार के लिए 20 हजार रुपये, राष्ट्रीय सेमिनार के लिए एक लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के लिए दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। साथ ही यात्रा भत्ता, प्री-कॉन्फ्रेंस प्रकाशन शुल्क और स्थानीय आतिथ्य (बोर्डिंग एवं लॉजिंग) की सुविधा दी जाएगी। राष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए हर छह माह और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए तीन वर्ष में एक बार ग्रांट दी जाएगी।
बीटेक साइबर सिक्योरिटी पाठ्यक्रम को भी मंजूरी
बैठक में एमएससी जूलॉजी, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, एमए समाजशास्त्र, एमए संस्कृत, बीए मनोविज्ञान तथा एमटेक स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग (एआईसीटीई मानकों के अनुरूप) को भी मंजूरी दी गई। साथ ही बीटेक साइबर सिक्योरिटी कोर्स स्वीकृत किया गया। एमटेक बायोटेक्नोलॉजी को एआई इंटीग्रेटेड डिग्री के रूप में चलाने का भी निर्णय लिया गया। अवधी शोध पीठ के तहत बीए इन अवधी कार्यक्रम और अवधी में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू होगा। बीएससी व एमएससी होम साइंस पाठ्यक्रमों को शुरू करने की भी स्वीकृति दी गई।
