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Lucknow News: लोकबंधु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच ठप, हंगामा
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लोकबंधु अस्पताल।
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लखनऊ। लोकबंधु अस्पताल में दो दिनों से एक अल्ट्रासाउंड मशीन खराब है। शिकायत के बाद भी अफसर मशीन ठीक नहीं करा पाए हैं। इससे गर्भवती महिलाओं की जांच ठप हो गई है। जांच न होने पर शुक्रवार को महिलाओं ने हंगामा किया।
लोकबंधु अस्पताल में तीन अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। दो रेडियोलॉजिस्ट और एक सोनोलॉजिस्ट भी तैनात हैं। दो मशीनों पर सामान्य बीमारी से पीड़ित 70 से 80 मरीजों की जांच की जाती है, जबकि तीसरी मशीन से गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। प्रतिदिन 50 से 60 गर्भवती महिलाओं की यहां जांच होती है। दो दिन पहले गर्भवती महिलाओं की जांच कराने वाली मशीन खराब हो गई। जांच ठप होने पर शुक्रवार को उन्होंने हंगामा भी किया। इससे वहां अफरातफरी मच गई। कार्यवाहक निदेशक डॉ. राजेश ने एक से दो दिन में मशीन ठीक कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद गर्भवतियां शांत हुईं।
जांच के लिए 23 जुलाई तक इंतजार
वहीं, सामान्य बीमारी से पीड़ितों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में 23 जुलाई की तारीख दी जा रही है, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों को नई तारीख देकर वापस भेजा जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जांच में देरी से कई मरीजों के इलाज पर भी असर पड़ रहा है। मरीजों ने जल्द मशीन ठीक कर जांच व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है। इस दौरान अस्पताल में निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के दलाल सक्रिय हो गए हैं। जो मरीजों को बाहरी केंद्रों पर जांच कराने के लिए ले जा रहे हैं।
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लोकबंधु अस्पताल में तीन अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। दो रेडियोलॉजिस्ट और एक सोनोलॉजिस्ट भी तैनात हैं। दो मशीनों पर सामान्य बीमारी से पीड़ित 70 से 80 मरीजों की जांच की जाती है, जबकि तीसरी मशीन से गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। प्रतिदिन 50 से 60 गर्भवती महिलाओं की यहां जांच होती है। दो दिन पहले गर्भवती महिलाओं की जांच कराने वाली मशीन खराब हो गई। जांच ठप होने पर शुक्रवार को उन्होंने हंगामा भी किया। इससे वहां अफरातफरी मच गई। कार्यवाहक निदेशक डॉ. राजेश ने एक से दो दिन में मशीन ठीक कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद गर्भवतियां शांत हुईं।
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जांच के लिए 23 जुलाई तक इंतजार
वहीं, सामान्य बीमारी से पीड़ितों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में 23 जुलाई की तारीख दी जा रही है, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों को नई तारीख देकर वापस भेजा जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जांच में देरी से कई मरीजों के इलाज पर भी असर पड़ रहा है। मरीजों ने जल्द मशीन ठीक कर जांच व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है। इस दौरान अस्पताल में निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के दलाल सक्रिय हो गए हैं। जो मरीजों को बाहरी केंद्रों पर जांच कराने के लिए ले जा रहे हैं।
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